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Morbi Bridge Case: सरकार-मोरबी नगर पालिका ने कोर्ट में पेश किया हलफनामा, पीड़ितों के मुआवजे पर दी बड़ी जानकारी
Mon, 12 Dec 2022 06:02 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 12 Dec 2022 06:02 PM IST
सार
पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान गुजरात हाईकोर्ट ने मोरबी नगर पालिका और गुजरात सरकार को फटकार लगाई थी। चीफ जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस आशुतोष शास्त्री की बेंच ने मोरबी पुल हादसे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई के दौरान फटकार लगाते हुए कहा था कि पीड़ितों और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को दिया जा रहा मुआवजा बहुत कम है।
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मोरबी पुल हादसा
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
गुजरात के मोरबी में भयंकर पुल हादसे (Morbi bridge collapse) के मामले में सोमवार को गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High court) में मोरबी नगर पालिका और राज्य सरकार ने हलफनामा पेश किया। राज्य सरकार ने अपने हलफनामे में मृतकों के परिजनों और घायलों को दिए जाने वाले मुआवजे के बारे में जानकारी दी है।
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गुजरात सरकार की ओर से पेश किए गए हलफनामे में कहा गया है कि पुल गिरने की इस घटना में मृतकों के परिवारों को अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा। सरकार ने बताया कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को कुल 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही इस घटना में घायल हुए लोगों को एक-एक लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा।
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इस मामले में पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान गुजरात हाईकोर्ट ने मोरबी नगर पालिका और गुजरात सरकार को फटकार लगाई थी। चीफ जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस आशुतोष शास्त्री की बेंच ने मोरबी पुल हादसे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई के दौरान फटकार लगाते हुए कहा था कि पीड़ितों और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को दिया जा रहा मुआवजा बहुत कम है।
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इसके अलावा हाईकोर्ट ने भूपेंद्र सरकार को राज्य के सभी पुलों का सर्वेक्षण करने का आदेश भी दिया था। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा था कि यह सुनिश्चित करें कि कितने पुल उचित स्थिति में हैं?