फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Monsoon will arrives after 7days, rain will be 10% lower; IMD warns- El Nino is weakening Monsoon

अटका मानसून: सात दिन बाद देगा दस्तक, 10 फीसदी कम होगी बारिश; मौसम विभाग की चेतावनी- अल-नीनो कर रहा कमजोर

Sat, 30 May 2026 05:30 AM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Sat, 30 May 2026 05:30 AM IST
सार

Weather Update: देश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है और इसके केरल पहुंचने में करीब एक सप्ताह की देरी हो सकती है। मौसम विभाग ने सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई है। वहीं, अल-नीनो का असर बढ़ने से खरीफ फसलों पर खतरा मंडरा रहा है। जबकि, आंधी-तूफान से यूपी, बिहार और बंगाल में 44 लोगों की मौत हुई है।

विज्ञापन
Monsoon will arrives after 7days, rain will be 10% lower; IMD warns- El Nino is weakening Monsoon
सात दिन बाद देगा दस्तक मानसून - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

देश में मानूसन एक्सप्रेस की रफ्तार धीमी हो गई है और अब इसके सात दिन बाद केरलम में दस्तक देने का अनुमान है। भारतीय मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि मानसून पिछले पांच दिनों से श्रीलंका के तटवर्ती क्षेत्र में अटका हुआ है। केरलम तट से 30-35 किमी दूर अटके मानसून के दो-तीन दिन आगे बढ़ने की उम्मीद नहीं है। यही नहीं, इस बार सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिम मानसून पर जारी दूसरे दीर्घकालिक अनुमान में बताया कि इस बार 90 फीसदी बारिश हो सकती है। इसमें चार फीसदी की मॉडल त्रुटि हो सकती है। यानी यह चार फीसदी ज्यादा या चार फीसदी कम हो सकती है।
विज्ञापन




मौसम विज्ञान के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने जून-सितंबर मानसून के लिए दूसरे चरण का अपडेट देते हुए यह जानकारी दी। 13 अप्रैल को कुल वर्षा दीर्घकालिक औसत का 92 प्रतिशत होने का अनुमान जताया गया था। संशोधित आकलन के अनुसार, सामान्य से कम या अल्पवर्षा वाले मानसून की संभावना 84 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जून से सितंबर तक पूर्वोत्तर को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है, जिसका असर कृषि, जल संसाधनों और जनजीवन पर पड़ने की आशंका है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- डिजिटल इंडिया: खूब इंटरनेट इस्तेमाल कर रही भारतीय महिलाएं, दो साल में दोगुनी हुई संख्या; बैंक खाते भी बढ़े
विज्ञापन
विज्ञापन


जुलाई में 90% से अधिक होगा अल-नीनो का असर
भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में तटस्थ स्थितियां अल-नीनो में बदल रही हैं। जून तक अल नीनो की स्थितियों की संभावना बढ़कर 82 प्रतिशत हो जाएगी, और जुलाई-अगस्त तक यह 90% से ऊपर पहुंच सकती है। -डॉ. मृत्युंजय महापात्र महानिदेशक, मौसम विज्ञान विभाग

आंधी-तूफान का कहर- यूपी में 28 और बिहार-बंगाल में 16 की मौत
उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ हुई भारी बारिश ने कहर बरपाया है। उत्तर प्रदेश में 28 और बिहार व बंगाल में 16 लोगों की जान चली गई।
  • उत्तर प्रदेश: हादसों व बिजली गिरने से 28 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 10 मौतें बुंदेलखंड में हुईं। वाराणसी मंडल में तीन, कौशाम्बी में चार, प्रतापगढ़ में दो, सहारनपुर में दो लोगों की जान गई।  
  • बिहार: तेज बारिश के साथ बिजली गिरने से गया में तीन, औरंगाबाद और पटना में दो-दो और सारण व खगड़िया में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई है। बारिश और वज्रपात से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप है।
  • बंगाल: कालबैसाखी तूफान में सात लोगों की मौत हो गई। 88 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी में कई जिलों में पेड़ गिर गए।

चिंता बढ़ी- खरीफ की बुआई पर असर, कई राज्यों में बरसेगी आग
मौसम विभाग के अनुसार, जून में बारिश 92 प्रतिशत से कम रह सकती है। इसका मतलब है कि मानसून की शुरुआत से ही कई क्षेत्रों में बारिश की कमी महसूस की जा सकती है। खरीफ सीजन की बुआई पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका है। विशेष रूप से धान, मक्का और सोयाबीन जैसी फसलों की शुरुआती खेती बारिश कम होने से प्रभावित हो सकती है।
  • बारिश पर निर्भर कृषि आधारित यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र का विदर्भ, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना में कम बारिश से किसानों को नुकसान हो सकता है।
  • कम बारिश से तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। अधिकांश हिस्सों में जून में दिन व रात दोनों समय तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है।
  • उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात व आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक दिनों तक लू चल सकती है।
  • महाराष्ट्र, तेलंगाना व तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी लू का असर बढ़ने की संभावना है। हालांकि, राजस्थान और झारखंड में लू वाले दिनों की संख्या कम रह सकती है।

केंद्र और राज्यों से प्रचंड गर्मी पर NGT ने मांगी कार्ययोजना
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने देश में प्रचंड गर्मी और लू के संकट पर कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर तत्काल कार्ययोजना पेश करने का निर्देश दिया है। एनजीटी की प्रधान पीठ ने स्वतःसंज्ञान लेते हुए कहा, लू देश की सबसे कम पहचानी गई पर्यावरणीय आपदाओं में से एक बनती जा रही है। एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ अफरोज अहमद की पीठ ने कहा- गर्मी के प्रभाव अक्सर अन्य आपदाओं की तरह नजर नहीं आते। यह देश की सबसे उपेक्षित आपदा बनी हुई है। यूपी के बांदा में पारा 48 डिग्री पहुंच गया। दिल्ली सहित कई राज्य भीषण लू की चपेट में हैं। इससे लोगों की सेहत कृषि, उत्पादकता और अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है। पीठ ने इसे पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत गंभीर मुद्दा माना है।

यह भी पढ़ें- Pune: नस्रापुर दुष्कर्म-हत्या मामले में सुनवाई शुरू, अदालत में गवाही देते वक्त रो पड़े पीड़िता के माता-पिता

माइक्रो-प्लानिंग की सख्त जरूरत
एनजीटी ने कहा, क्षेत्र-विशिष्ट या माइक्रो-प्लानिंग की सख्त जरूरत है। ट्रिब्यूनल ने उच्चस्तरीय तापमान मैपिंग, रिमोट सेंसिंग और बेहतर मौसम पूर्वानुमान प्रणालियों के उपयोग का सुझाव दिया है।  एनजीटी ने पर्यावरण एवं जल शक्ति मंत्रालय और उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड से 18 अगस्त से पहले जवाब मांगा है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed