फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Monsoon rains in August broken record of last 25 years in North and West India

Weather News: अगस्त में बारिश ने तोड़ा 25 साल का रिकॉर्ड; सितंबर में भी झमाझम, नदियां रहेंगी उफान पर

Mon, 01 Sep 2025 05:20 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 01 Sep 2025 05:20 AM IST
सार

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगस्त में 250.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 31 फीसदी अधिक है। यह 2001 के बाद से इस महीने की तीसरी सबसे अधिक और 1901 के बाद से आठवीं सबसे अधिक वर्षा है।
 

विज्ञापन
Monsoon rains in August broken record of last 25 years in North and West India
जम्मू-कश्मीर में तेज बारिश से तवी नदी पर बना पुल धराशाही, सेना ने बेली ब्रिज बनाकर शुरू कराई आवाजाही - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

 मानसून की बारिश ने अगस्त में उत्तर और पश्चिम भारत में बीते 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उत्तर-पश्चिम भारत में अगस्त में 265 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 2001 के बाद से इस महीने में सबसे अधिक और 1901 के बाद से 13वीं सबसे अधिक बारिश है। यह 197.1 मिमी के सामान्य औसत से करीब 34.5 फीसदी अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार सितंबर में भी बादल यूं ही बरसते रहेंगे और देश में इस महीने भी सामान्य से अधिक बारिश होगी। पहाड़ों पर अचानक तेज बारिश, बाढ़, भूस्खलन का खतरा भी बना रहेगा।

विज्ञापन


मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगस्त में 250.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 31 फीसदी अधिक है। यह 2001 के बाद से इस महीने की तीसरी सबसे अधिक और 1901 के बाद से आठवीं सबसे अधिक वर्षा है। मौसम विज्ञान के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया, सितंबर में भी बारिश 167.9 मिलीमीटर के मासिक औसत से 109 फीसदी अधिक हो सकती है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Report:  भ्रष्टाचार से जुड़े CBI जांच के 7072 मामले अदालतों में लंबित, सतर्कता आयोग की रिपोर्ट में खुलासा
विज्ञापन
विज्ञापन


सामान्य से 27% अधिक बारिश
 उत्तर-पश्चिम भारत में अब तक मानसून में जून से अगस्त तक सामान्य से अधिक बारिश हुई है। उत्तर-पश्चिम भारत में एक जून से 31 अगस्त के बीच 614.2 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य 484.9 मिमी से 27% अधिक है। अगस्त में देश में 268.1 मिमी बारिश हुई, जो 5.2% अधिक है।

पूरे देश में जून से अगस्त के बीच छह फीसदी से अधिक बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 31 अगस्त के बीच देश में 743.1 मिमी बारिश हुई, जो 700.7 मिमी के दीर्घकालिक औसत से लगभग 6 प्रतिशत अधिक है। जून में 180 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अच्छी बारिश हुई। जुलाई में 294.1 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 5 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान मध्य भारत में 22 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।

उत्तर भारत की नदियां रहेंगी उफान पर
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेश मृत्युंजय महापात्र ने रविवार को बताया, सितंबर में उत्तराखंड में भारी वर्षा से भूस्खलन और अचानक बाढ़ आ सकती है जबकि दक्षिण हरियाणा, दिल्ली और उत्तरी राजस्थान में सामान्य जनजीवन तेज बारिश से प्रभावित रहेगा। महापात्र ने कहा, उत्तर भारत की कई नदियां उत्तराखंड से निकलती हैं। इसलिए, यहां भारी बारिश का अर्थ है कि कई नदियां उफान पर रहेंगी और इसका असर निचले इलाकों के शहरों और कस्बों पर पड़ेगा। छत्तीसगढ़ में महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भी भारी बारिश की उम्मीद है।

महापात्र ने कहा कि 1980 के बाद से लगातार सितंबर में बारिश में थोड़ी वृद्धि रही है। हालांकि 1986, 1991, 2001, 2004, 2010, 2015 और 2019 में इस महीने में औसत से कम बारिश भी दर्ज की गई थी। राजस्थान से मानसून की वापसी की सामान्य तिथि 1 सितंबर से बदलकर अब 17 सितंबर हो गई है और यह अपने आप में, सितंबर में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का संकेत है।

जानलेवा बाढ़...छतें और दीवार गिरने से चार की मौत
पंजाब की बाढ़ और रोजाना हो रही बारिश अब जानलेवा होती जा रही है। रविवार को अबोहर, संगरूर और मानसा में मकानों की छत गिरने की वजह से दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हुई है जबकि अमृतसर में दीवार गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य के 10 जिलाें के 1300 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सबसे बुरे हालात गुरदासपुर, कपूरथला, अमृतसर, फिरोजपुर के हैं।


ये भी पढ़ें: Autism: अब भारत में भी एक साल में संभव होगी ऑटिज्म की पहचान, नई तकनीक गेट सेट अर्ली लॉन्च

गुरदासपुर और फिरोजपुर में बाढ़ में फंसे गांववासियों को निकालने के लिए सेना, एनडीआरएफ और बीएसएफ ने मोर्चा ने संभाला हुआ है। सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों में कुल 122 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां खाने-पीने और दवाइयों का पूरा इंतजाम किया गया है। रविवार को भी सेना ने हेलिकॉप्टर और ड्रोन के माध्यम से बाढ़ में फंसे लोगों तक दवाइयां और खाने-पीने का सामान पहुंचाया। विभिन्न जिलों में मंत्रियों और विधायकों ने दौरा कर हालातों का जायजा लिया और लोगों के साथ बात कर उन्हें हर तरह की मदद का आश्वासन भी दिया। वहीं शिक्षा विभाग ने पंजाब में बाढ़ के हालात व बारिश के अलर्ट के चलते छुट्टियों को आगे बढ़ा दिया है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

पहाड़ी दरकने से बंद हुई सुरंग, 24 घंटे अंदर फंसे रहे 19 कर्मचारी
मानसून की भारी बारिश के कारण हिमालयी राज्यों की स्थिति रविवार को भी खराब रही। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में धौलीगंगा विद्युत परियोजना की सामान्य और आपातकालीन सुरंगें भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो जाने से रविवार को राष्ट्रीय जलविद्युत निगम लिमिटेड (एनएचपीसी) के 19 कर्मचारी एक बिजलीघर में 24 घंटे तक फंसे रहे। जेसीबी मशीनों ने कड़ी मशक्कत के बाद रास्ता साफ किया जिसके बाद रविवार शाम तक सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बचाया गया। उधर, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग रविवार को लगातार छठे दिन बंद रहा। वहीं, हिमाचल के शिमला सहित कई जिलों में भारी बारिश के बाद कई सड़कें बंद हैं। कई क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। उधर, त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित श्री माता वैष्णो देवी मंदिर की तीर्थयात्रा रविवार को खराब मौसम के कारण छठे दिन भी स्थगित रही। मौसम विज्ञान केंद्र ने हिमाचल प्रदेश के चार जिलों में मंगलवार तक बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed