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Monsoon: इस साल चार दिन पहले केरल में दस्तक दे सकता है मानसून, सामान्य से ज्यादा बारिश होने का अनुमान

Sat, 10 May 2025 02:48 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 10 May 2025 02:48 PM IST
सार

मौसम विभाग ने बताया था कि इस साल दक्षिणी अंडमान सागर, बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और निकोबार द्वीपसमूह में मानसून 13 मई को ही आगे बढ़ सकता है। आमतौर पर ऐसा 20 मई के आसपास होता है, लेकिन इस बार एक हफ्ते पहले ही ऐसा हो रहा है।

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Monsoon likely to reach Kerala in may on this date says IMD
मानसून - फोटो : पीटीआई

विस्तार

मौसम विभाग ने रविवार को बताया कि दक्षिण पश्चिमी मानसून 27 मई को केरल पहुंच सकता है। आमतौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके जल्दी केरल पहुंचने की उम्मीद है। अगर मानसून 27 मई तक केरल में दस्तक दे देता है तो यह साल 2009  के बाद से सबसे जल्दी मानसून का आगमन होगा। साल 2009 में मानसून ने केरल में 23 मई को दस्तक दे दी थी।  
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सामान्य से ज्यादा बारिश होने का अनुमान
बीते साल मानसून ने केरल में 30 मई को दस्तक दी थी। वहीं साल 2023 में 8 जून को, 2022 में 29 मई को, 2021 में 3 जून को और साल 2020 में 1 जून को मानसून केरल पहुंचा था। आमतौर पर दक्षिण पश्चिम मानसून एक जून को केरल पहुंचकर 8 जुलाई तक पूरे भारत को कवर कर लेता है। 17 सितंबर से मानसून भारत के उत्तर पश्चिमी इलाकों से पीछे हटना शुरू हो जाता है और 15 अक्तूबर तक पूरी तरह से विदा हो जाता है। मौसम विभाग ने अपने अप्रैल महीने के अनुमान में साल 2025 में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद जताई है। इससे अल-नीनो के असर को नकारा जा रहा है, क्योंकि अल नीनो के असर से सामान्य से कम बारिश होती है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम रविचंद्रन ने बताया कि भारत में इस साल चार महीने के मानसून के मौसम में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद है। इस दौरान 105 प्रतिशत बारिश हो सकती है, जो औसत बारिश 87 सेंटीमीटर से ज्यादा है।   
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मौसम विभाग ने साफ किया कि केरल में मानसून के जल्दी या देर से आने का मतलब देश में ज्यादा या कम बारिश होना नहीं है। इसमें कई अन्य फैक्टर शामिल होते हैं। हाल में मौसम विभाग ने बताया था कि इस साल दक्षिणी अंडमान सागर, बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और निकोबार द्वीपसमूह में मानसून 13 मई को ही आगे बढ़ सकता है। आमतौर पर ऐसा 20 मई के आसपास होता है, लेकिन इस बार एक हफ्ते पहले ही ऐसा हो रहा है। निकोबार द्वीप समूह से केरल पहुंचने में मानसून को सामान्य तौर पर 10 दिन का समय लगता है।  

देश की अर्थव्यवस्था के लिए मानसून बेहद अहम
मौसम विभाग के अनुसार, 96 प्रतिशत से लेकर 104 प्रतिशत की बारिश को सामान्य माना जाता है। 90 प्रतिशत से कम बारिश को कमी माना जाता है और 90 से 95 प्रतिशत के बीच बारिश को सामान्य से कम माना जाता है। भारत के कृषि क्षेत्र के लिए मानसून बेहद अहम है। देश में कृषि पर 42 प्रतिशत आबादी की आजीविका निर्भर है और यह क्षेत्र देश के विकास में 18 प्रतिशत का योगदान देता है। साथ ही मानसूनी बारिश देश के जलाश्यों को भरने और बिजली उत्पादन के लिहाज से भी अहम है। 

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