फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Moniya The Great : period drama presented by kids on 150th anniversary of Mahatma Gandhi

मोनिया दि ग्रेट : महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर बच्चों का दिलचस्प नाटक

Wed, 30 Jan 2019 05:03 AM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Wed, 30 Jan 2019 05:03 AM IST
विज्ञापन
Moniya The Great : period drama presented by kids on 150th anniversary of Mahatma Gandhi
नाटक का मंचन करते बाल कलाकार

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, दिल्ली में नाटक ‘मोनिया दि ग्रेट’ का मंचन किया गया। इस नाटक में दिल्ली के उन स्कूली बच्चों ने काम किया है जो एनएसडी के चिल्ड्रेन थियेटर वर्कशॉप में रंगमंच की ट्रेनिंग ले रहे थे। इस दौरान शकील अख्तर के लिखे शोध आधारित नाटक ‘मोनिया दि ग्रेट’ नाटक को तैयार किया गया। नाटक का निर्देशन हफीज खान ने किया है। अभिकल्पना कैलाश चौहान की है और निर्देशन सहयोग आशीष देवचारण का है। नाटक का संगीत कलीम जाफर ने तैयार किया है। 

विज्ञापन


नाटक के मंचन का सिलसिला शुरू 

‘मोनिया दि ग्रेट’ एक पीरियड ड्रामा है। इसमें बापू के बचपन की रियल स्टोरी को नाट्य रूपांतर के रूप में दर्शकों के सामने लाया गया है। सभी जानते हैं सत्य और अहिंसा के पुजारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी आजादी के आंदोलन से जुड़े जीवन पर तो बहुत काम हुआ है लेकिन उनके बचपन के कई पृष्ठ अनजाने ही हैं। बच्चों के सामने उनके इसी बाल जीवन को बाल कलाकार पेश करते हैं। 
विज्ञापन


नाटक के मंचन की शुरूआत हो गई है। एनएसडी के चहुंमुख आडिटोरियम में नाटक के दो शो मंचित हो चुके हैं। नाटक के पहले शो में आयोजन के सूत्रधार और एनएसडी के रजिस्ट्रार प्रदीप के मोहंती के साथ ही बतौर मुख्य अतिथि संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त सचिव बीएस वर्मा मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


चिल्ड्रेन वर्कशॉप, एनएसडी में तैयार नाटक

नाटक में दिल्ली के 23 बाल कलाकारों ने ऊर्जा भरा अभिनय किया है। बच्चे करीब तीन महीने तक इस नाटक के बनने और इसे अपने स्तर पर परखने, समझने की प्रक्रिया से जुड़े रहे। निर्देशकीय टीम के सहयोग से नाटक को मंच पर प्रस्तुति के रूप में लाने का अभ्यास करते रहे। 

शुरू के कई दिनों तक लेखक और निर्देशक बच्चों को खुद ही महात्मा गांधी के बारे में पढ़ने, लिखने, उनकी फिल्में-डाक्यूमेंट्री देखने के लिए प्रेरित किया। उसके बाद उन्हें गांधी के बचपन की रियल स्टोरी सुनाई गई, इसी प्रक्रिया में धीरे-धीरे बच्चे नाटक बनने की प्रक्रिया का हिस्सा बनने लगे।

महात्मा गांधी के बचपन की रियल स्टोरी

नाटक डेढ़ सौ साल पहले महात्मा गांधी के उस बाल जीवन के सफर पर दिलचस्प सफर पर ले जाता है जो राजकोट और पोरबंदर में बीता था। 2 अक्टूबर 1869 में गुजरात के पोरबंदर में महात्मा गांधी का जन्म हुआ था। उस वक्त उन्हें परिवार ने मोहनदास नाम दिया था लेकिन प्यार का नाम था मोनिया। 

नाटक बताता है खेलकूद की उम्र से लेकर नौजवान बनने के उस दौर में ही मोनिया में महात्मा बनने के संस्कार पड़ चुके थे। यह सब कैसे हो रहा था, वो कौन सी बातें थीं, जो मोनिया को महात्मा बना रही थीं, यही इस नाटक की विषय वस्तु है। इसमें ऐसे प्रसंग है जो सहज ही हरेक को उसके बाल जीवन में ले जाते हैं।

गीत-संगीत से नाटक को रफ्तार 

नाटक की बहुत बड़ी खूबी इसका गीत संगीत है। कुछ गीत खुद सीनियर टीवी जर्नलिस्ट और लेखक शकील अख्तर ने लिखे हैं, जबकि कुछ पारंपरिक गीतों का निर्देशकीय टीम ने चयन किया है। यह गीत नाटक को जोड़ने, किसी खास बात को उभारने और नाटक को गति देने का काम करते हैं। 

खास बात यह भी है कि मंच पर यह गीत खुद बाल कलाकार गाते हैं। बच्चों को संगीतकार कलीम जफर ने गायन की ट्रेनिंग दी। सहयोग संगीत कलाकार नीलेश मनोहर और गगन सिंह बैस का रहा। उन्हें अपनी अनुभवी कला से बांधने का काम कैलाश चौहान ने किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed