फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Minister Duraimurugan's troubles increase, Madras HC orders - charges should be framed in one more wealth case

Tamil Nadu: मंत्री दुरईमुरुगन की बढ़ी मुश्किलें, मद्रास HC का आदेश- आय से अधिक संपत्ति मामले में तय हों आरोप

Thu, 24 Apr 2025 02:09 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: बशु जैन Updated Thu, 24 Apr 2025 02:09 PM IST
सार

डीएमके महासचिव और तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन और उनके परिवार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला 2011 में सामने आया था। 2017 में वेल्लोर की एक विशेष अदालत ने उन्हें आरोप मुक्त कर दिया था। अब मद्रास हाईकोर्ट ने मंत्री के खिलाफ दोबारा आरोप तय करने का आदेश दिया है।

विज्ञापन
Minister Duraimurugan's troubles increase, Madras HC orders - charges should be framed in one more wealth case
मद्रास हाईकोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरई मुरुगन की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ रही हैं। मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक विशेष अदालत को आय से अधिक संपत्ति के मामले में मंत्री मुरुगन और उनकी पत्नी के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया। मद्रास हाईकोर्ट ने निचली अदालत के मुरुगन को बरी करने के फैसले को पलट दिया।  

विज्ञापन


गुरुवार को जस्टिस पी. वेलमुरुगन ने वेल्लोर की एक विशेष अदालत को दुरईमुरुगन और उनकी पत्नी के खिलाफ 2007-09 की अवधि के दौरान आय के ज्ञात स्रोतों से 1.40 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आरोप तय करने का निर्देश दिया। 2006-11 की डीएमके सरकार में उनके पास लोक निर्माण विभाग का प्रभार था।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: पृथ्वी के अंतिम छोर तक खदेड़ेंगे, उन्हें कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी: प्रधानमंत्री मोदी
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले बुधवार को भी न्यायाधीश पी वेलमुरुगन ने वेल्लोर जिले की अदालत को निर्देश दिया था कि वह डीएमके महासचिव और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में अलग-अलग जांच अवधि (1996-2001) के साथ कानून के अनुसार आरोप तय करे।


यह है मामला
डीएमके महासचिव और तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन और उनके परिवार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला 2011 में सामने आया था। सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) ने दायर याचिका में कहा था कि जब दुरईमुरुगन 1996 से 2001 तक तमिलनाडु के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री थे, उस दौरान उन्होंने 3.92 करोड़ रुपये की संपत्ति अपने, अपने बेटे और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर अर्जित की। यह संपत्ति उनकी आय से कहीं ज्यादा बताई गई है।

ये भी पढ़ें:  'हम अब कभी कश्मीर नहीं जाएंगे', पहलगाम हमले में बाल-बाल बचे दंपति ने बताई खौफनाक आपबीती

2017 में वेल्लोर की एक विशेष अदालत ने दंपती को बरी कर दिया था। डीवीएसी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर न्यायाधीश ने विशेष अदालत को निर्देश दिया कि मामले में फिर से आरोप तय किए जाएं और छह महीने के भीतर सुनवाई पूरी की जाए। इसके साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि चूंकि मामला काफी पुराना है, इसलिए दिन-प्रतिदिन सुनवाई कर इसे जल्द निपटाया जाए।

संबंधित वीडियो

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed