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MCD Election 2022: क्या केजरीवाल पर भारी पड़ेंगे ठग सुकेश चंद्रशेखर के बयान, अचानक क्यों करने लगा खुलासे?

Thu, 10 Nov 2022 07:00 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Thu, 10 Nov 2022 07:00 PM IST
सार

MCD Election 2022: आम आदमी पार्टी के लिए राहत की बात इतनी ही है कि सुकेश चंद्रशेखर स्वयं एक घोषित अपराधी है। जाहिर है कि आम आदमी के साथ-साथ कानूनी नजर में भी उसके इन आरोपों की बहुत ज्यादा विश्वसनीयता नहीं होगी, लेकिन चुनावी माहौल में यह आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की छवि को प्रभावित कर सकता है...

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MCD Election 2022: why thug Sukesh Chandrashekhar suddenly started making revelations?
MCD Election 2022: Sukesh Chandrasekhar - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

दिल्ली नगर निगम चुनाव के ठीक पहले ठगी के डॉन सुकेश चंद्रशेखर ने अरविंद केजरीवाल सरकार पर एक के बाद एक गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए। उसने दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन पर प्रोटेक्शन मनी और पार्टी में पद दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये मांगे जाने का आरोप लगाया है। सुकेश के इन आरोपों से दिल्ली की राजनीति का माहौल गरम हो गया। भाजपा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन उससे जेल में सुरक्षा देने के नाम पर ‘उगाही’ कर रहे थे। पार्टी ने इस मामले की जांच करते हुए सत्येंद्र जैन पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

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अपराधी के आरोपों की ज्यादा विश्वसनीयता नहीं

वहीं, आम आदमी पार्टी ने इसे गुजरात चुनाव और दिल्ली एमसीडी चुनाव को देखकर भाजपा के द्वारा चला गया दांव बताया है। अरविंद केजरीवाल ने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि यदि वे अपराधी हैं तो वह उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं करती। क्या सुकेश चंद्रशेखर के बयान आम आदमी पार्टी के लिए दिल्ली में मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं?

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आम आदमी पार्टी के लिए राहत की बात इतनी ही है कि सुकेश चंद्रशेखर स्वयं एक घोषित अपराधी है। जाहिर है कि आम आदमी के साथ-साथ कानूनी नजर में भी उसके इन आरोपों की बहुत ज्यादा विश्वसनीयता नहीं होगी, लेकिन चुनावी माहौल में यह आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की छवि को प्रभावित कर सकता है। आम आदमी पार्टी को इसका राजनीतिक नुकसान गुजरात और दिल्ली में हो रहे चुनावों में हो सकता है।  

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चूंकि इसी दौरान आम आदमी पार्टी के कई नेताओं पर गंभीर आरोप हैं। दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन स्वयं मनी लांड्रिंग मामले में जेल में हैं, तो उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया शराब घोटाले में आरोपी नंबर वन हैं। आम आदमी पार्टी के अमानतुल्लाह खान, ताहिर हुसैन और कई अन्य नेताओं पर भी गंभीर आरोप हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आम आदमी नेताओं को भ्रष्ट और अपराधियों से सांठगांठ रखने वाला मानता है। यही कारण है कि सुकेश चंद्रशेखर के बयानों की कोई कानूनी अहमियत न होने के बाद भी लोग इन पर विश्वास कर लेते हैं। यदि भाजपा ने इस पर आक्रामक रुख अपनाया तो जनता के बीच आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की छवि खराब हो सकती है।     

भाजपा ने लगाया आरोप

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि सुकेश चंद्रशेखर के बयानों ने यह साबित कर दिया है कि दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन तिहाड़ जेल में रहकर भी अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के लिए धन उगाही कर रहे हैं। उन पर पहले ही जेल अधिकारियों पर दबाव डालकर जेल में प्रतिबंधित अनुसूचित सेवाएं लेने का आरोप लग चुका है। चूंकि, सत्येंद्र जैन स्वयं जेल मंत्री हैं, लिहाजा अधिकारी उनकी किसी बात को मना भी नहीं कर सकते हैं।  

उन्होंने कहा कि ये केवल आरोप नहीं हैं। सुकेश इस मामले में मजिस्ट्रेट के सामने बयान देने तक को तैयार है। इस मामले की जांच होनी चाहिए और इस अपराध को होने से बचाने के लिए सत्येंद्र जैन का तबादला किसी ऐसी जेल में कर दिया जाना चाहिए जो दिल्ली सरकार के अधीन नहीं आती हो। उन्होंने कहा कि चूंकि आम आदमी पार्टी के कई अन्य नेताओं पर पहले ही अपराध के कई मामले चल रहे हैं, इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

क्या है सुकेश के बयान की कानूनी अहमियत

सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील अश्विनी कुमार दुबे ने अमर उजाला से कहा कि एक अपराधी के द्वारा दिया गया इस तरह का बयान कोर्ट के सामने स्वीकार्य नहीं होता है। जब तक इन बयानों को सपोर्ट करने वाला कोई प्रमाण (वीडियो या पैसे की लेनदेन का साक्ष्य) नहीं मिल जाता है, इसकी कोई कानूनी अहमियत नहीं है।

किसी अपराधी के इन बयानों के आधार पर किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी भी नहीं हो सकती है। कोई जांच एजेंसी चाहे तो इन बयानों के आधार पर किसी मामले की जांच की दिशा में आगे बढ़ सकती है, लेकिन किसी सपोर्टिंग साक्ष्य के बिना केवल इस बयान के आधार पर किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकती।

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