फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Manipur violence meira paibi collective of Meitei women called bandh in Imphal valley district

मणिपुर: बंद से जनजीवन प्रभावित, बोर्ड परीक्षाएं रद्द, पांच लोगों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन

Tue, 19 Sep 2023 11:03 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल Published by: श्वेता महतो Updated Tue, 19 Sep 2023 11:03 AM IST
सार

सोमवार को पूर्वी इंफाल के खुरई और कोंगबा, बिष्णुपुर जिले के नामबोल, पश्चिमी इंफाल के काकवा और थौबल जिले के कुछ इलाकों में मीरा पैबी ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया था।

विज्ञापन
Manipur violence meira paibi collective of Meitei women called bandh in Imphal valley district
Imphal Valley District - फोटो : Social Media

विस्तार

मणिपुर में पांच लोगों की गिरफ्तारी के विरोध में इंफाल घाटी के जिलों में बुलाए गए 48 घंटे के बंद के दौरान मंगलवार को सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। बंद के मद्देनजर मंगलवार और बुधवार को होने वाली माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, मणिपुर की 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के सभी विषयों की पूरक परीक्षाएं रद्द कर दी गईं। इन परीक्षाओं की तिथियां बाद में घोषित की जाएंगी।
विज्ञापन


अधिकारियों के मुताबिक, बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और मंगलवार सुबह सड़कों पर कुछ ही वाहन चले। मैतेई महिलाओं के एक समूह मीरा पैबी और पांच स्थानीय क्लब ने गिरफ्तार किए गए पांच लोगों की रिहाई की मांग को लेकर 48 घंटे के बंद का आह्वान किया है। मणिपुर पुलिस ने हाल ही में अत्याधुनिक हथियार रखने और छद्म वर्दी पहनने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन


जवान की हत्या की जांच के लिए आयोग गठित
मणिपुर सरकार ने भारतीय सेना के जवान सर्टो थांगथांग कॉम की अपहरण के बाद हत्या करने के मामले की जांच के लिए सोमवार को एक उच्च स्तरीय जांच आयोग का गठन किया। आयोग में एक सदस्य होगा और यह एक माह में सरकार को अपनी रिपोर्ट देगा। हाल ही में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने जवान के परिवार को आश्वासन दिया था कि कथित हत्या मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, भारतीय सेना के जवान की हत्या के पीछे का मकसद अभी तक पता नहीं चल पाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस बीच,  कोम यूनियन मणिपुर (केयूएम) ने अपने समुदाय के लोगों से तटस्थ रहने और इसमें शामिल नहीं होने का आग्रह किया है। राज्यपाल अनुसुइया उइके की ओर से जारी एक आदेश में कहा गया है कि मामले की जांच पुलिस महानिरीक्षक (जोन 1) मणिपुर, थेमथिंग नगाशांगवा करेंगे। वे भविष्य में इसी तरह की घटनाओं से बचने के लिए भी सुझाव देंगे। जांच रिपोर्ट एक माह के भीतर शासन को सौंपनी होगी।

जबरन वसूली में गिरफ्तार पांच लोगों में एक उग्रवादी समूह का सदस्य
मणिपुर में जबरन वसूली में पकड़े गए पांच लोगों में एक प्रतिबंधित उग्रवादी समूह का सदस्य बताया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है, जो पुलिस की वर्दी पहन विभिन्न वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में गिरफ्तार पांचों व्यक्ति कथित तौर पर आम जनता से जबरन वसूली कर रहे थे।


ऑल लैंथाबल केंद्र यूनाइटेड कोरडिनेटिंग कमेटी के अध्यक्ष युमनाम हिटलर ने कहा, गिरफ्तार किए गए पांचों युवक यहां के नागरिक और गांव के स्वयंसेवक हैं। वे सभी अपने गांवों को कुकी जो उग्रवादियों के हमले से बचाने के लिए रखवाली कर रहे थे। हम उनकी रिहाई की मांग करते हैं। अगर सरकार उन्हें रिहा करने में नाकाम रही तो यह आंदोलन और तेज होगा। शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने पोरोमपत पुलिस स्टेशन के सामने युवकों की रिहाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी और आरएएफ के जवान को मामूली चोटें भी आई। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed