Manipur: 'INDIA' का प्रतिनिधिमंडल मणिपुर दौरे पर; जानें सत्ता पक्ष से लेकर विपक्षी नेताओं तक किसने-क्या कहा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A. (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल) के 21 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल मणिपुर की दो दिवसीय यात्रा के लिए शनिवार को इंफाल पहुंच गया है। प्रतिनिधिमंडल जातीय संघर्ष से प्रभावित राज्य की वर्तमान स्थिति का आकलन करेगा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी सरकार और संसद को सिफारिशें देंगे।
#WATCH | INDIA alliance MPs onboard the flight to Manipur from Delhi airport pic.twitter.com/wKHidDqgDt
— ANI (@ANI) July 29, 2023विज्ञापन
इससे पहले शुक्रवार को नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद और राज्यसभा में सचेतक नसीर हुसैन ने बताया था कि 16 पार्टियों के सांसद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और लोगों का हाल जानेंगे। वे स्थिति का आकलन करने के लिए राहत शिविरों का भी दौरा करेंगे। प्रतिनिधिमंडल रविवार सुबह मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके से भी मुलाकात करेगा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्य
प्रतिनिधिमंडल में गोगोई के अलावा कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, टीएमसी की सुष्मिता देब, झामुमो की महुआ मांझी, डीएमके नेता कनिमोई, डी रविकुमार, एनसीपी के नेता मोहम्मद फैजल, आरएलडी के जयंत चौधरी, राजद के मनोज कुमार झा, केके सुरेश, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन और वीसीके केटी थिरूमावलावन, जदयू के राजीव रंजन (ललन) सिंह, अनिल प्रसाद हेगड़े, माकपा के संदोश कुमार, एए रहीम, सपा के जावेद अली खान, आईयूएमएल के मोहम्मद बशीर, आप के सुशील, उद्धव गुट के अरविंद सावंत और कांग्रेस की फूलो देवी नेताम हैं।
किसने-क्या कहा?
- AAP सांसद सुशील गुप्ता: सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं है और PM संसद में नहीं आ रहे हैं। इसलिए हमने जमीनी हालात देखने के लिए मणिपुर का दौरा करने का फैसला किया है।
- कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी: हम वहां राजनीतिक मुद्दे उठाने के लिए नहीं बल्कि मणिपुर के लोगों के दर्द को समझने के लिए जा रहे हैं। हम सरकार से मणिपुर में उभरी संवेदनशील स्थिति का समाधान खोजने की अपील कर रहे हैं, सरकार ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई है। हम मणिपुर में जमीनी स्तर पर वास्तविक स्थिति का आकलन करने जा रहे हैं।
- कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई: आने वाले सप्ताह में हम मणिपुर के लोगों की चिंताओं को संसद के सामने रखना चाहते हैं। जो लोग एक भारत की बात करते थे उन्होंने मणिपुर में दो पक्ष बना दिए हैं।
- RLD प्रमुख जयंत चौधरी: मणिपुर और यहां के लोगों का दर्द समझना प्रधानमंत्री मोदी की जिम्मेदारी है। वे अलग-अलग राज्यों में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। हम मणिपुर जाएंगे और लोगों की समस्याएं समझेंगे। हमें उम्मीद है कि सरकार इसे सकारात्मक तरीके से लेगी और हम मदद करने जा रहे हैं, ना कि उनकी समस्याएं बढ़ाने के लिए। बीजेपी ने मुद्दे को भटकाने की कोशिश की और वे संसद में इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं हैं।
- राजद सांसद मनोज झा: हम मणिपुर के लोगों को सुनने और उनकी स्थिति को समझने की कोशिश कर रहे हैं। हम सभी समुदाय के लोगों को सुनने की कोशिश करेंगे। यह हमारा एकमात्र उद्देश्य है।
- जदयू सांसद राजीव रंजन सिंह: हम मणिपुर के लोगों से मिलेंगे। राज्य कई महीनों से जल रहा है और वहां शांति बहाल करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मणिपुर को छोड़कर सभी मुद्दों पर बोल रहे हैं।
अनुराग ठाकुर ने पूछा- क्या INDIA गठबंधन राजस्थान भी जाएगा?
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सांसदों के दौरे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मणिपुर गए INDIA गठबंधन के सांसदों का यह दिखावा मात्र है। जब वे मणिपुर से वापस आएंगे, तो मैं कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी से उन्हें पश्चिम बंगाल लाने का अनुरोध करूंगा। मैं अधीर रंजन चौधरी से पूछना चाहता हूं कि क्या वे राज्य में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार से सहमत हैं। राजस्थान में जहां महिलाओं के खिलाफ हत्याएं और अपराध होते हैं, विपक्ष वहां नहीं गया। क्या INDIA गठबंधन राजस्थान भी जाएगा?
मणिपुर की घटनाओं पर ओम बिरला ने दी प्रतिक्रिया
इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को मणिपुर में शांति का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि तीन मई को हिंसा भड़कने के बाद से राज्य में जो घटनाएं देखी गईं, वे दर्दनाक हैं। उन्होंने शिलांग में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केवल शांति ही राज्य और क्षेत्र में समृद्धि ला सकती है। उन्होंने कहा कि हिंसा को लेकर मेरे दिल में हमेशा दर्द रहता है। राज्य में जो भी घटनाएं हुईं, वे अच्छी घटनाएं नहीं थीं। इससे हम सभी को दुख होता है।
ओम बिरला ने कहा कि देश और प्रदेश के साथ-साथ सभी समाजों को शांति के रास्ते पर चलना होगा। हम सभी लोगों की बहाली के लिए प्रयास करना चाहिए। इसलिए, हम मानवता के दृष्टिकोण से शांति का आह्वान करते हैं।
#WATCH | Shillong: At the 20th annual conference of the Commonwealth Parliamentary Association, India Region Zone III, Lok Sabha Speaker Om Birla says, "In the last few days, whatever has happened is not good for humanity or the society. It pains all of us. We want that the… pic.twitter.com/eulD85PKzk
— ANI (@ANI) July 29, 2023