{"_id":"696243b8e905e468bf0d58db","slug":"mamata-write-letter-to-ec-she-said-sir-harming-democratic-structure-and-voters-being-harassed-minor-mistakes-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"CM ममता ने CEC को लिखा पत्र: कहा- SIR से लोकतांत्रिक ढांचे पर चोट, मामूली गलतियों पर परेशान किए जा रहे मतदाता","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
CM ममता ने CEC को लिखा पत्र: कहा- SIR से लोकतांत्रिक ढांचे पर चोट, मामूली गलतियों पर परेशान किए जा रहे मतदाता
Sat, 10 Jan 2026 05:49 PM IST
अमन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अमन तिवारी
Updated Sat, 10 Jan 2026 05:49 PM IST
सार
ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर एसआईआर प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुधार की आड़ में वैध मतदाताओं को लिस्ट से हटाया जा रहा है। ममता ने कहा कि यह प्रक्रिया मशीनी और संवेदनहीन है।
विज्ञापन
सीएम ममता बनर्जी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (एसआईआर) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ममता का आरोप है कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल रिकॉर्ड सुधारने के लिए नहीं, बल्कि वोटरों को लिस्ट से बाहर करने के लिए किया जा रहा है।
तीन पन्नों क्य पत्र में क्या?
अपने तीन पन्नों के पत्र में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर राजनीतिक भेदभाव और मनमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि सुनवाई की प्रक्रिया पूरी तरह मशीनी हो गई है। यह सिर्फ तकनीकी आंकड़ों पर चल रही है और इसमें मानवीय समझ या संवेदनशीलता की भारी कमी है। उन्होंने साफ कहा कि इसका मकसद सुधार करना नहीं, बल्कि लोगों को हटाना है।
ये भी पढ़ें: Kolkata ED Raids Row: CM की शिकायत पर बंगाल पुलिस सक्रिय, I-PAC ऑफिस पर रेड में शामिल अफसरों की पहचान में जुटी
विज्ञापन
मुख्यमंत्री बोली लोगों को किया जा रहा परेशान
मुख्यमंत्री ने कहा कि नाम की स्पेलिंग या उम्र में छोटी-मोटी गलतियों की वजह से आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्हें जबरदस्ती सुनवाई के लिए बुलाया जाता है, जिससे उनका उत्पीड़न होता है और उनकी मजदूरी का भी नुकसान होता है।
ममता ने शादीशुदा महिलाओं की परेशानी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शादी के बाद सरनेम बदलने वाली महिलाओं को अपनी पहचान साबित करने के लिए बुलाया जा रहा है, जो उनका गंभीर अपमान है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ खास चुनाव क्षेत्रों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और बंगाल के लिए अलग पोर्टल का इस्तेमाल होने से अधिकारियों में भ्रम है।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
तीन पन्नों क्य पत्र में क्या?
अपने तीन पन्नों के पत्र में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर राजनीतिक भेदभाव और मनमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि सुनवाई की प्रक्रिया पूरी तरह मशीनी हो गई है। यह सिर्फ तकनीकी आंकड़ों पर चल रही है और इसमें मानवीय समझ या संवेदनशीलता की भारी कमी है। उन्होंने साफ कहा कि इसका मकसद सुधार करना नहीं, बल्कि लोगों को हटाना है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Kolkata ED Raids Row: CM की शिकायत पर बंगाल पुलिस सक्रिय, I-PAC ऑफिस पर रेड में शामिल अफसरों की पहचान में जुटी
विज्ञापन
मुख्यमंत्री बोली लोगों को किया जा रहा परेशान
मुख्यमंत्री ने कहा कि नाम की स्पेलिंग या उम्र में छोटी-मोटी गलतियों की वजह से आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्हें जबरदस्ती सुनवाई के लिए बुलाया जाता है, जिससे उनका उत्पीड़न होता है और उनकी मजदूरी का भी नुकसान होता है।
ममता ने शादीशुदा महिलाओं की परेशानी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शादी के बाद सरनेम बदलने वाली महिलाओं को अपनी पहचान साबित करने के लिए बुलाया जा रहा है, जो उनका गंभीर अपमान है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ खास चुनाव क्षेत्रों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और बंगाल के लिए अलग पोर्टल का इस्तेमाल होने से अधिकारियों में भ्रम है।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन