फेसबुक विवाद में संसद की समिति को लेकर बवाल, महुआ मोइत्रा ने किया थरूर का समर्थन
भारत में फेसबुक को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जनरल (डब्ल्यूएसजे) में एक आलेख छपा, जिसमें फेसबुक पर भाजपा के विरोध वाले पोस्ट को सेंसर करने की बात कही गई।
वहीं, इस लेख के सामने आने के बाद सूचना प्रौद्योगिकी मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा, स्थायी समिति निश्चत रूप से इन रिपोर्टों के बारे में फेसबुक का जवाब जानना चाहती है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने थरूर की बातों को समर्थन किया है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी इस लेख के हवाले से भाजपा पर हमला बोल चुके हैं। कांग्रेस नेता ने भाजपा और आरएसएस पर आरोप लगाते हुए कहा, इन्होंने फेसबुक और वॉट्सएप पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। इनका मकसद सोशल मीडिया की मदद से समाज में नफरत घोलना है।
तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने ट्वीट कर कहा, सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति निश्चित रूप से इन रिपोर्टों के बारे में फेसबुक का जवाब जानना चाहती है। समिति यह जानना चाहती है कि भारत में हेट स्पीच को लेकर उनका क्या प्रस्ताव है।
Our Parliamentary committee will, in the normal course, consider testimony under the topic “Safeguarding citizens’ rights & prevention of misuse of social/online news media platforms”. The subject is squarely within the IT Cmt’s mandate& @Facebook has been summoned in the past. https://t.co/saoK8B7VCN
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) August 16, 2020
थरूर ने कहा, हमारी संसदीय समिति सामान्य मामलों में 'नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सामाजिक/ऑनलाइन न्यूज मीडिया प्लेटफार्मों के दुरुपयोग को रोकने' के तहत बयान पर विचार करेगी। यह विषय संसदीय स्थायी समिति के अधिकार क्षेत्र में है और पिछले दिनों फेसबुक को तलब भी किया गया था।
वहीं, थरूर की इस मांग पर भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि स्थायी समिति के चेयरमैन के पास अपने सदस्य के साथ एजेंडा की चर्चा के बिना कुछ भी करने का अधिकार नहीं है। ये मुद्दे संसदीय समिति के नियमों के मुताबिक उठाए जा सकते हैं, इसलिए थरूर, राहुल गांधी का एजेंडा फैलाना बंद करें।
दूसरी तरफ, इस मामले में तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा भी कूद पड़ीं। उन्होंने एक लेटर साझा करते हुए ट्वीट किया, मैं आईटी कमेटी की सदस्य हूं। इस साल के शुरुआत में ही एजेंडा आइटम को लेकर सहमति बन गई थी और स्पीकर की सहमति से विज्ञप्ति भी तैयार थी। कब कौन से आइटम पर चर्चा होगी और किसे बुलाया जाएगा, वो चेयरमैन का विशेषाधिकार है। ये चकित करने वाला है कि भाजपा कैसे फेसबुक से संबंधित मामलों पर उछल-कूद कर रही है।
Am IT comm member - agenda item was already agreed & bulletinized with Speaker's approval at the beginning of the year. When to schedule each item & who to call is Chairman's prerogative
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) August 17, 2020
Amazing how @BJP jumps up & down at anything to do with FB’s interests! https://t.co/O1cNN0lO7R pic.twitter.com/FKBbBnNXQB
इस पर शशि थरूर ने कहा, महुआ मोइत्रा जी आप ठीक कह रही हैं। निशिकांत दुबे ने मेरे फैसले पर लांछन लगाकर कमेटी का अपमान किया है। मैं इस मुद्दे को आगे ले जाऊंगा।