फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Maharashtra: rule of making the sign board mandatory in Marathi is justified, High Court imposed a fine on organization of retail traders

महाराष्ट्र: मराठी में साइन बोर्ड अनिवार्य करने का नियम जायज, हाईकोर्ट ने ठोका दुकानदारों के संगठन पर जुर्माना

Wed, 23 Feb 2022 01:31 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 23 Feb 2022 01:31 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने कहा कि मराठी महाराष्ट्र की मातृभाषा है। इसलिए राज्य में हर दुकान या संस्थान के बाहर मराठी में साइन बोर्ड लगाने के नियम को भेदभावकारी नहीं माना जा सकता।

विज्ञापन
Maharashtra: rule of making the sign board mandatory in Marathi is justified, High Court imposed a fine on organization of retail traders
बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

समूचे महाराष्ट्र में दुकानों व संस्थानों के साइन बोर्ड मराठी में अनिवार्य रूप से लगाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि इस आदेश से संविधान के अनुच्छेद 14 के प्रावधानों का उल्लंघन नहीं होता। 

विज्ञापन


इसके साथ ही हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता खेरची दुकानदारों के संगठन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। संगठन को यह राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराने को कहा गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि मराठी महाराष्ट्र की मातृभाषा है। इसलिए राज्य में हर दुकान या संस्थान के बाहर मराठी में साइन बोर्ड लगाने के नियम को भेदभावकारी नहीं माना जा सकता। 
विज्ञापन


संविधान का अनुच्छेद 14 समानता के मूलभूत अधिकार से जुड़ा है। इसमें कहा गया है कि कानून के सामने सब बराबर हैं। धर्म, नस्ल, जाति, लिंग, जन्म स्थान आदि को लेकर कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले माह उद्धव ठाकरे सरकार ने राज्य में सभी दुकानों, ऑफिस और फैक्ट्री के साइन बोर्ड मराठी में अनिवार्य रूप से लगाने का आदेश दिया था। इस 'मराठी कार्ड' को लेकर राज्य की सियासत गर्मा गई थी। भाजपा के अलावा सपा ने भी इस पर सवाल उठाए थे।


मराठी साइन बोर्ड अनिवार्य करने को लेकर राज्य सरकार ने कैबिनेट में प्रस्ताव पारित किया था। इस प्रस्ताव में राज्य सरकार ने तय किया कि अब सभी ऑफिसेज, दफ्तर, दुकान पर मराठी बोर्ड अनिवार्य होगा। इसके विरोध में सपा विधायक रईस शेख ने सरकार को चिट्ठी लिखकर कहा था कि इसके लिए जबर्दस्ती नहीं की जाना चाहिए। वहीं, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष माधव भंडारी ने कहा था कि मराठी साइन बोर्ड के बहाने सरकार में बैठे दलों की मंसा दूसरी है। इसे लेकर जबरदस्ती करने पर विवाद होंगे। 
 

समूचे महाराष्ट्र में दुकानों व संस्थानों के साइन बोर्ड मराठी में अनिवार्य रूप से लगाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि इस आदेश से संविधान के अनुच्छेद 14 के प्रावधानों का उल्लंघन नहीं होता। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed