महायुति में रार!: शिंदे के मंत्री बोले- NCP संग बैठने से उल्टी आती है; एनसीपी ने कहा- इस्तीफा लें वरना सब खत्म
शिवसेना और एनसीपी के नेताओं में तीखे बयानबाजी शुरू हो गई है। दरअसल, शिवसेना नेता तानाजी सावंत ने कहा कि एनसीपी के मंत्रियों के साथ बैठने भर से उल्टी होने लगती हैं। इस पर एनसीपी ने पलटवार किया है।
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महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का बिगुल अभी नहीं बजा है, मगर सियासी दांव-पेच शुरू गया है। इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। टक्कर महायुति और महा विकास अघाड़ी में है। महायुति की ओर से सीएम पद के लिए एकनाथ शिंदे रहेंगे या कोई और इसे लेकर सस्पेंस बरकरार है। हालांकि, इन सबके बीच महायुति में सबकुछ सही नहीं लग रहा है। शिवसेना और एनसीपी के नेताओं में तीखे बयानबाजी शुरू हो गई है। दरअसल, शिवसेना नेता तानाजी सावंत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को लेकर विवादित बयान दिया। उनका कहना है कि उनकी एनसीपी (अजित पवार गुट) के साथ कभी नहीं बनी। इतना ही नहीं उन्होंने यह तक कह दिया कि एनसीपी के साथ बैठने भर से उल्टी होने लगती हैं। इस पर एनसीपी नेता उमेश पाटिल ने पलटवार कर सावंत के इस्तीफे की मांग कर डाली। बता दें, महायुति गठबंधन के सहयोगी एनसीपी, शिवसेना और भाजपा है।
क्या बोले शिवसेना नेता सावंत?
तानाजी सावंत ने धराशिव (उस्मानाबाद) में एक सभा के दौरान कहा, 'मैं कट्टर शिव सैनिक हूं। जो भी कट्टर शिवसैनिक है वो कभी भी कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस के साथ नहीं बैठ सकता। शुरू से लेकर आज तक साथ बैठने पर तबियत खराब होने लगती है। मैं शुरू से ही बर्दाश्त नहीं कर सकता क्योंकि हम दोनों के विचार बिल्कुल अलग है और इसमें कोई शक नहीं है। आज भी जब कैबिनेट बैठक में हिस्सा लेता हूं तो बाहर आने पर मुझे उल्टियां होती हैं। यह हकीकत है क्योंकि विचार एक दिन में अचानक से कभी बदल नहीं सकते।'
एनसीपी के नेताओं का भड़का गुस्सा
तानाजी सावंत के बयान के बाद अजित पवार की पार्टी एनसीपी आक्रामक हो गई। एनसीपी ने सीएम एकनाथ शिंदे से जवाब मांगा है। अजित पवार गुट से एमएलसी अमोल मितकारी ने कहा, 'तानाजी सावंत को नहीं पता कि उन्हें उल्टियां क्यों हो रही हैं। तानाजी सावंत स्वास्थ्य मंत्री हैं और उनके स्वास्थ्य का इससे कुछ लेना-देना होगा। लेकिन महायुति में रहने के कारण उन्हें उल्टी आ रही है, तो सिर्फ एकनाथ शिंदे बता सकते हैं कि इसकी क्या वजह है।'
हम सत्ता के लिए बेचैन नहीं: पाटिल
एनसीपी के मुख्य प्रवक्ता उमेश पाटिल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, 'तानाजी सावंत ने जो कहा उसे सुनने से बेहतर है कि हम सत्ता से बाहर हो जाएं। या तो वह रहें या फिर एनसीपी। अगर उन्हें बर्खास्त नहीं किया जाता है तो हमें महायुति मंत्रिमंडल छोड़ देना चाहिए। मैं हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित पवार और हमारे सभी वरिष्ठ नेताओं से मंत्रिमंडल छोड़ने का अनुरोध करता हूं।'
पाटिल ने कहा कि जब तक सावंत को बर्खास्त नहीं किया जाता, पवार को कैबिनेट की किसी बैठक में भाग नहीं लेना चाहिए। यहां तक कि हमारे मंत्रियों को भी सावंत को बर्खास्त किए जाने तक कैबिनेट की बैठकों का बहिष्कार करना चाहिए। हम सावंत की माफी या इस बयान को स्वीकार नहीं करेंगे कि उनके बयान को गलत समझा गया। हम चाहते हैं कि वह तुरंत सत्ता से बाहर हों।
उन्होंने आगे कहा कि एनसीपी सत्ता के लिए बेताब नहीं है। हम ऐसे मंत्री के साथ काम नहीं कर सकते जो इस तरह के अपमानजनक बयान देता हो। वह महायुति मंत्रिमंडल में शामिल होने के योग्य नहीं हैं। उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए।
सावंत पर निशाना साधते हुए पाटिल ने कहा, 'मुझे देश में ऐसा कोई भी नेता याद नहीं है, जिसने साथी राजनेताओं के खिलाफ ऐसी अपमानजनक टिप्पणी की हो। सावंत दिल से क्रूर आदमी हैं। अगर उन्हें पद पर बने रहने दिया जाता है तो इससे राजनेताओं की छवि खराब होगी। लोग राजनेताओं को अपनी सोसायटियों में फ्लैट खरीदने या उनके बीच रहने की अनुमति नहीं देंगे।'
शिवसेना ने कुछ भी कहने से किया इनकार
शिवसेना प्रवक्ता नरेश म्हास्के ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह मेरा विषय नहीं है।
शरद पवार की पार्टी ने कही ये बात
इस बीच, सावंत की टिप्पणी पर शरद चंद्र वाली एनसीपी (एसपी) के मुख्य प्रवक्ता महेश तापसे चुटकी ली। उन्होंने कहा कि अजित पवार की पार्टी इस तरह के अपमान को कैसे बर्दाश्त कर रही है। शरद पवार की पार्टी से अलग होने के अजित पवार के फैसले की आलोचना करते हुए तापसे ने कहा, 'मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि अजित दादा अपने आत्मसम्मान से समझौता करेंगे।'
चुनाव के बाद का बाद में देखेंगे: देवेंद्र फडणवीस
इन सबके बीच, देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र की सियासत में आगे क्या होने वाला है, इसकी धुंधली तस्वीर दिखा दी। उन्होंने साफ-साफ कह दिया कि मुख्यमंत्री पद पर फैसला नतीजों के बाद ही होगा। कार्यक्रम के दौरान जब उनसे पूछा गया कि महायुति में नंबर वन कौन होगा? तो इस सवाल पर उन्होंने साफ-साफ कह दिया कि अभी तो एकनाथ शिंदे ही मुख्यमंत्री हैं। उन्हीं के चेहरे पर हम चुनाव में जा रहे हैं। चुनावी नतीजे आने के बाद हम बैठकर तय कर लेंगे कि आगे क्या करना है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल वह दिल्ली नहीं जा रहे हैं। वह महाराष्ट्र की सियासत में ही बने रहेंगे।