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Maharashtra: एटीएस ने नकारा अनिल देशमुख का दावा, कहा- एंटीलिया मामले में कोई अलग रिपोर्ट नहीं बनाई

Tue, 08 Feb 2022 11:07 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 08 Feb 2022 11:07 PM IST
सार

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख को दो नवंबर 2021 को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं।

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Maharashtra ATS tells Chandiwal Commission did not prepare separate reports on Antilia bomb scare case as claimed by Anil Deshmukh
अनिल देशमुख - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

महाराष्ट्र आतंक निरोधी स्क्वाड (एटीएस) ने कहा है कि अनिल देशमुख के दावे के मुताबिक एंटीलिया बम धमकी मामला और मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में अलग-अलग रिपोर्ट तैयार नहीं की गई हैं। एटीएस ने यह जानकारी मंगलवार को महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रहे आयोग को दी। 

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पिछले साल फरवरी में उद्योगपति अनिल देशमुख के दक्षिण मुंबई स्थित आवास एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी एक एसयूवी मिली थी। इसके कुछ दिन बाद इस एसयूवी के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या हो गई थी। इन दोनों मामलों की शुरुआती जांच एटीएस ने की थी, जिसे बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपने हाथ में ले लिया था।

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एनआईए ने इस मामले में मुंबई पुलिस के बर्खास्त अधिकारी सचिन वाजे और अन्य को गिरफ्तार किया था। वहीं, मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह ने देशमुख पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इन गंभीप आरोपों की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार की ओर से एक सदस्यीय न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) केयू चांदीवाल आयोग का गठन किया गया है। 

चांदीवाल आयोग के सामने बयान देने के दौरान देशमुख ने अनुरोध किया था कि एटीएस को एंटीलिया मामले से जुड़े जांच के दस्तावेज, एक नोट और अन्य दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया जाए। देशमुख ने कहा था कि इससे मामले का असली सच सामने आ जाएगा। आयोग के निर्देश के अनुसार एटीएस ने जांच के दस्तावेज जमा कर दिए थे। 

देशमुख के वकील प्रशांत पवार ने कहा कि एटीएस ने जो जांच के कागजात तैयार किए हैं उनके अवाला समन वाली सामग्री और अन्य नोट जमा करने का भी अनुरोध किया गया था। इस पर आयोग के सामने पेश हुए एटीएस के एक अधिकारी ने आयोग को बताया कि एटीएस ने न कोई अलग रिपोर्ट बनाई थी और न ही ऐसे कोई नोट तैयार किए थे।

इस पर आयोग ने अधिकारी को यह बात लिखित में देने को कही जिसका अधिकारी ने अनुपालन किया। इस मामले में अनिल देशमुख को पिछले साल दो नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। इस समय वह न्यायिक हिरासत में हैं। अनिल देशमुख पर अब सेवा से निलंबित किए जा चुके परमबीर सिंह ने भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाए थे।

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