फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Madras High Court upholds the custody of DMK Minister Senthil Balaji

Senthil Balaji: 'जांच एजेंसी हिरासत की हकदार'; DMK मंत्री सेंथिल बालाजी को मद्रास हाईकोर्ट ने दिया करारा झटका

Fri, 14 Jul 2023 09:06 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Fri, 14 Jul 2023 09:06 PM IST
सार

दो दिन पहले यानी बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय ने मद्रास हाईकोर्ट में इसे लेकर अपना जवाब दिया था। निदेशालय ने अदालत को बताया था कि उसके पास धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत मंत्री वी सेंथिल बालाजी को गिरफ्तार करने और हिरासत में लेने की शक्तियां हैं।

विज्ञापन
Madras High Court upholds the custody of DMK Minister Senthil Balaji
तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नौकरी के बदले पैसे के घोटाले में गिरफ्तार डीएमके मंत्री सेंथिल बालाजी को मद्रास हाईकोर्ट से करारा झटका लगा है। मद्रास हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के तमिलनाडु के मंत्री वी सेंथिल बालाजी को गिरफ्तार करने और इसके बाद निचली अदालत की ओर से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने को वैध ठहराया साथ ही उनकी हिरासत को बरकरार रखा है। अदालत ने कहा है कि जांच एजेंसी हिरासत की हकदार है। बालाजी जितने समय तक अस्पताल में रहे हैं उसे हिरासत की अवधि से बाहर रखा जाए।

विज्ञापन

मंत्री की गिरफ्तारी से संबंधित याचिका पर खंडपीठ के खंडित फैसले के बाद मामले की सुनवाई करने वाले तीसरे न्यायाधीश न्यायमूर्ति सीवी कार्तिकेयन ने गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत को वैध ठहराया। न्यायमूर्ति निशा बानू और न्यायमूर्ति डी भरत चक्रवर्ती की खंडपीठ ने सेंथिल बालाजी की पत्नी मेगाला की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (एचसीपी) पर खंडित फैसला सुनाया था। न्यायमूर्ति निशा बानू ने माना था कि ईडी के पास हिरासत मांगने का कोई अधिकार नहीं है। साथ ही कहा था कि बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका विचार करने योग्य है। न्यायमूर्ति भरत चक्रवर्ती इससे सहमत नहीं थे। 

विज्ञापन
प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट में दिया था जवाब
गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले यानी बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय ने मद्रास हाईकोर्ट में इसे लेकर अपना जवाब दिया था। निदेशालय ने अदालत को बताया था कि उसके पास धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत मंत्री वी सेंथिल बालाजी को गिरफ्तार करने और हिरासत में लेने की शक्तियां हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति सीवी कार्तिकेयन के समक्ष इस आशय का अपना पक्ष रखा था। दरअसल, तमिलनाडु सरकार के मंत्री सेंथिल बालाजी की पत्नी की ओर से मद्रास उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कपिल सिब्बल ने ईडी के अधिकार पर उठाए थे सवाल
उससे पहले, मंगलवार को इस याचिका पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को सूचित किया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) गिरफ्तारी की तारीख से 15 दिन की अवधि से अधिक पुलिस हिरासत की मांग नहीं कर सकता है। सिब्बल ने न्यायमूर्ति सीवी कार्तिकेयन को बताया कि प्रवर्तन निदेशालय सेंथिल बालाजी को पुलिस हिरासत में लेने के उद्देश्य से उनके इलाज की अवधि को हटाने की मांग नहीं कर सकता।उन्होंने कहा कि सेंथिल बालाजी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और उसके बाद ईडी ने आठ दिन की पुलिस हिरासत का आदेश हासिल किया। लेकिन उन्होंने आदेश को निष्पादित (एक्सेक्युट) नहीं किया। इसलिए, वे 15 दिनों की अवधि के बाद फिर से पुलिस हिरासत की मांग नहीं कर सकते। सेंथिल बालाजी अब न्यायिक हिरासत में हैं।

ईडी ने 14 जून को गिरफ्तार कर लिया था
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नौकरी के बदले नकदी मामले में बालाजी को 14 जून को गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी से पहले, आयकर अधिकारियों ने बालाजी के खिलाफ पूरे तमिलनाडु में उनकी और सहयोगियों की संपत्तियों की तलाशी ली थी। वहीं, गिरप्तारी के बाद छाती में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें चेन्नई के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में 15 जून को मद्रास उच्च न्यायालय ने सेंथिल बालाजी को निजी अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी, लेकिन उसने उच्च न्यायालय के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया।

 कौन हैं सेंथिल बालाजी? 
47 साल के सेंथिल बालाजी तमिलनाडु की डीएमके-कांग्रेस गठबंधन सरकार में बिजली मंत्री हैं। सेंथिल का जन्म 21 अक्तूबर 1975 को करूर में हुआ। सेंथिल ने गवर्नमेंट एआरटीएस कॉलेज करूर से पढ़ाई की है। 1997 से सेंथिल ने राजनीति में कदम रखा। पहली बार उन्होंने निकाय चुनाव लड़ा और लोकल बॉडी के सदस्य चुने गए। 2011 से 2015 के बीच वह तमिलनाडु सरकार में परिवहन मंत्री भी रहे। 

 
अब जानिए ED ने सेंथिल के यहां क्यों छापेमारी की? 
प्रवर्तन निदेशालय (ED) धनशोधन के एक मामले की जांच कर रही है। इसी सिलसिले में करूर जिले से ताल्लुक रखने वाले द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के कद्दावर नेता बालाजी से जुड़े परिसरों पर मंगलवार को छापेमारी की थी। उच्चतम न्यायालय ने बालाजी के खिलाफ कथित ‘नौकरी के बदले नकदी’ घोटाले में पुलिस और ED को जांच की अनुमति दी थी, जिसके कुछ महीने बाद यह कार्रवाई की गई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed