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मद्रास हाईकोर्ट : सरकारी कार्यालयों में मोबाइल फोन का इस्तेमाल गंभीर कदाचार

Thu, 17 Mar 2022 03:14 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, मदुरै।
एजेंसी, मदुरै। Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 17 Mar 2022 03:14 AM IST
सार

अदालत ने कहा कि यदि बहुत जरूरी हो तो कार्यालय से बाहर जाकर मोबाइल फोन का उपयोग करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से उचित अनुमति लेनी चाहिए।

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Madras High Court says Use of mobile phones in government offices is a serious malpractice
मद्रास हाई कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मद्रास हाईकोर्ट ने सरकारी कार्यालय के अंदर मोबाइल फोन के इस्तेमाल और वीडियो बनाने को ‘गंभीर कदाचार’ करार दिया और तमिलनाडु सरकार को कामकाजी घंटों में इनके उपयोग को विनियमित करने के लिए उचित निर्देश जारी करने का निर्देश दिया है। जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ने इस संबंध में परिपत्र/निर्देशों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया। 

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अदालत ने यह निर्देश राज्य सरकार के एक अधिकारी की उस याचिका पर दिया, जिसमें उन्होंने कामकाजी घंटों के दौरान अपने सहयोगियों की वीडियो बनाने के लिए उनके निलंबन को चुनौती दी थी।
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डियो से कथित तौर पर एक विवाद खड़ा हो गया था और इसमें एक व्यक्ति घायल भी हो गया था। जस्टिस सुब्रमण्यम ने कहा, अदालत ऐसे आरोपों के संबंध में जांच नहीं कर सकती, जो जांच के लिए अनुशासनात्मक प्राधिकरण के पास गए थे। आरोप और प्रत्यारोप लगाए गए हैं, इसलिए सक्षम प्राधिकारी को उपलब्ध दस्तावेज व सबूतों के आधार पर विस्तृत जांच करनी होगी, क्योंकि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं।
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उन्होंने कहा, इस अदालत का मानना है कि कामकाजी घंटों में लोक सेवकों द्वारा मोबाइल फोन का उपयोग करना आजकल सामान्य है, मोबाइल फोन का उपयोग करना और कार्यालय के अंदर वीडियो बनाना एक गंभीर कदाचार है। सरकारी विभागों में कार्यरत अधिकारियों को अपने निजी उपयोग के लिए कार्यालय के अंदर कभी भी मोबाइल फोन का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।


उन्होंने कहा कि यदि बहुत जरूरी हो तो कार्यालय से बाहर जाकर मोबाइल फोन का उपयोग करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से उचित अनुमति लेनी चाहिए।

जस्टिस सुब्रमण्यम ने कहा कि सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और पहले प्रतिवादी-सरकार, स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव को सभी सरकारी कार्यालयों को उचित परिपत्र / निर्देश जारी करने चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कार्यालय में प्रवेश करते समय मोबाइल फोन एक क्लॉकरूम में रखवाए जाएं और आपात स्थिति में कार्यालय के आधिकारिक नंबरों का उपयोग किया जाए। अदालत ने आदेश पारित करते हुए याचिकाकर्ता को राहत देने से इनकार कर दिया।

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