फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Madhya Pradesh: After Narottam Mishra CM Shivraj singh visits Delhi

Madhya Pradesh: नरोत्तम मिश्रा के बाद सीएम शिवराज का दिल्ली कूच, फिर तेज हुई सियासी हलचल

Tue, 30 Aug 2022 07:51 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Tue, 30 Aug 2022 07:51 PM IST
सार

दरअसल, शिवराज सरकार में चार मंत्रियों की जगह खाली है। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लगातार चर्चाएं होती रहती हैं। पार्टी ने कभी भी आधिकारिक रूप से इसके संकेत नहीं दिए हैं।

विज्ञापन
Madhya Pradesh: After Narottam Mishra CM Shivraj singh visits Delhi
शिवराज सिंह चौहान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गृह मंत्री अमित शाह के मध्य प्रदेश के दौरे के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी की अंदरुनी सियासत में हलचल तेज हो चली है। प्रदेश के गृह मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा के दिल्ली दौरे के चार दिन बाद अब राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राजधानी पहुंचे। मंगलवार को सीएम चौहान ने राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की है। भाजपा संसदीय बोर्ड से हटाने के बाद शिवराज का यह पहला दिल्ली दौरा है। पार्टी की शीर्ष कमेटी से हटाए जाने के  बाद सीएम चौहान की भाजपा अध्यक्ष नड्डा से यह पहली मुलाकात है। हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भोपाल में सीएम की वन टू वन मुलाकात को अहम बताया गया था। यह सब देखते हुए अटकलें लगाई जा रही है कि मध्यप्रदेश की सियासत करवट लेने वाली है।

विज्ञापन


सियासी बदलावों की आहट
चौहान के दिल्ली दौरे को सियासी बदलावों की आहट के तौर पर देखा जा रहा है।  दरअसल, शिवराज सरकार में चार मंत्रियों की जगह खाली है। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर लगातार चर्चाएं होती रहती हैं। पार्टी ने कभी भी आधिकारिक रूप से इसके संकेत नहीं दिए हैं। इसी बीच रविवार को ज्योतिरादित्य से शिवराज की मुलाकात और मंगलवार को उनके दिल्ली दौरे को लेकर फिर से अटकलें तेज हो गई हैं। सियासी गलियारों में यह चर्चा है कि विधानसभा चुनाव 2023 से पहले मुख्यमंत्री कैबिनेट और निगम,मंडलों में खाली पद भर लेंगे। हालांकि, पार्टी के नेता इन अटकलों को खारिज कर रहे हैं।
विज्ञापन


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार दोपहर को नई दिल्ली पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पहली आधिकारिक मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री आर के सिंह औऱ  भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे। फिर वे केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से मिलने पहुचे। सीएम चौहान और भाजपा अध्यक्ष की मुलाकात को लेकर अटकलें लगाई जा रही है कि मध्यप्रदेश की सियासत करवट लेने वाली है।शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले दिनों केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मध्यप्रदेश दौरे पर उन्होंने कई नेताओं से वन टू वन मुलाकात की थी। शाह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से अलग-अलग बातचीत की थी। इसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही संगठन में बदलाव की चर्चा तेज हो गई थी।

एमपी में भी डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा
प्रदेश के राजनीतिक जानकारों का कहना है कि मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव ठीक एक वर्ष बाद होना है। इसी को देखते हुए पार्टी प्रदेश में बड़े बदलाव कर सकती है। इसमें जातिगत समीकरणों को संतुलित करने के लिए एक या दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि भाजपा हाईकमान मिश्रा को डिप्टी सीएम का पद से सकती है। कहा जा रहा है कि नरोत्तम मिश्रा को उपमुख्यमंत्री बनाकर भाजपा जातिगत समीकरण साधने के साथ अन्य कई निशाने साध सकती है। चार दिन पहले ही मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी दिल्ली आए थे। दरअसल, शिवराज के ही कैबिनेट में ही गृह मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा उनके प्रतिस्पर्धी माने जाते हैं।

पूर्व मंत्री और विधायक दावेदार
मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा नई नहीं है। विधायकों की तरफ से भी यह मांग उठती रही है। सरकार चुनाव से पहले किसी को भी नाराज नहीं रखना चाहती। इस वजह से मंत्रिमंडल का विस्तार कर नाराजगी दूर करना चाहती है। दावेदारों में अजय विश्नोई, राजेंद्र शुक्ला,रामपाल सिंह, संजय पाठक, सीताशरण शर्मा, यशपाल सिंह शामिल हैं। इसके अलावा जोबट से उपचुनाव जीतने वाली आदिवासी वर्ग की सुलोचना रावत का नाम भी चर्चाओं में है।


क्षेत्रीय और जातियों का गणित साधेंगे
इस समय शिवराज मंत्रिमंडल में 23 कैबिनेट मंत्री और सात राज्य मंत्री हैं। इसमें विंध्य क्षेत्र से सबसे कम विधायक हैं। हालांकि, गिरीश गौतम को विधानसभा अध्यक्ष बनाकर सरकार ने समीकरण साधने की कोशिश की है। लेकिन, सिंगरौली नगर निगम में भाजपा की हार ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। जानकारों का कहना है कि सरकार चार पदों में विंध्य, महाकौशल और मालवा को एक.एक पद दे सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed