एयर स्ट्राइक के बाद विपक्ष के प्रस्ताव ने पाकिस्तान के हाथों में हथियार थमा दिए: अमित शाह
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को कम से कम एक बार पुलवामा हमले की निंदा करनी चाहिए थी। हम उन पर विश्वास कैसे कर सकते हैं। विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि हवाई हमले के बाद विपक्ष के प्रस्ताव ने पाकिस्तान के हाथों में हथियार थमा दिए।
उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद के प्रति पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए हुए हैं और आज पाकिस्तान पूरी दुनिया में अलग-थलग पड़ गया है, ये भारत की बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत है। पूरी दुनिया जानती है भारत जो आतंकवाद झेल रहा है उसकी जड़े पाकिस्तान में है। पहले हमने भी पाकिस्तान से शांति से बातचीत की कोशिश की थी, लेकिन वो सुधरे नहीं तो मोदी जी और हमारे सैनिकों ने दृढ़ता से उन्हें जवाब दिया है।
कभी भी कोई भी लोकतान्त्रिक सरकार ये नहीं मानेगी की हथियार का उपयोग करना अंतिम समाधान है। मगर हथियार का उपयोग न करना भी समाधान नहीं है, जब सामने वाला हथियार का उपयोग कर रहा हो : श्री @AmitShah #ShahAtIndiaTodayConclave https://t.co/ZybcoTFkpE
विज्ञापन विज्ञापन— BJP (@BJP4India) March 1, 2019
एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि कभी भी कोई भी लोकतांत्रिक सरकार ये नहीं मानेगी कि हथियार का उपयोग करना अंतिम समाधान है। मगर हथियार का उपयोग न करना भी समाधान नहीं है, जब सामने वाला हथियार का उपयोग कर रहा हो। उन्होंने कहा कि हमने आतंकवाद के खिलाफ कठोरता से कार्रवाई की है। आतंकवाद को डील करने में हमारी सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड, अब तक की सरकारों में सबसे अच्छा है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर कसा तंज
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि तीन दिन बाद अगर मैंने पाकिस्तानी मीडिया के चेहरे पर हंसी देखी है, तो वो हमारे देश के 22 दलों द्वारा पारित प्रस्ताव के बाद देखी है। इससे ज्यादा गलत बात और क्या होगी? बड़ा सवाल है कि 26/11 के आतंकी हमले के बाद कांग्रेस ने क्या किया? 10 साल बातचीत से क्या हालात सुधर गये? एक के बाद एक घटनाएं होती रहीं और ये बातचीत करते रहे।
उन्होंने आगे कहा कि हम आतंकवाद के प्रति पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाये हुए हैं और आज पाकिस्तान पूरी दुनिया में अलग-थलग पड़ गया है, ये भारत की बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत है। मैं निश्चित रूप से कह सकता हूं कि उरी की घटना के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा के बाद एयर स्ट्राइक होने से ये संदेश गया है कि अब देश में 2014 से पहले वाली सरकार नहीं है, अब देश में नरेन्द्र मोदी की सरकार है। पहले चुनाव का आधार वंशवाद और जातिवाद होता था। लेकिन आज चुनाव का आधार पॉलिटिक्स ऑफ़ परफॉरमेंस और पॉलिटिक्स ऑफ़ डेवलपमेंट है।