Lok Sabha Chunav: राहुल-अखिलेश, ओवैसी के सामने नए चेहरे उतारने की तैयारी में BJP, जानें कब आएगी पहली लिस्ट?
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विस्तार
लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियां शुरू कर दी है। 17-18 फरवरी को पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक राजधानी दिल्ली में आयोजित करने जा रही है। इस बैठक में पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर रणनीति तैयार करेगी। इस बीच पार्टी ने चुनाव के लिए प्रत्याशियों की सूची को अंतिम रूप देना भी शुरू दिया है। उम्मीद है कि अधिवेशन के बाद पार्टी अपनी पहली सूची जारी कर दे।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि विपक्षी दलों के कद्दावर नेताओं के संभावित चुनाव क्षेत्र के लिए नए चेहरे को उतारने की तैयारी है। इनमें राहुल गांधी, अखिलेश यादव, कनिमोई, अभिषेक बनर्जी, अधीर रंजन चैधरी आदि के खिलाफ संभावित 3-3 प्रत्याशियों की सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है। सबसे पहले दक्षिण भारतीय राज्यों के प्रत्याशियों की सूची जारी होगी। तेलंगाना में एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ फायरब्रांड नेता और महिला मोर्चा की प्रवक्ता नदीमपल्ली यमुना पाठक को उतारने की तैयारी कर रही है। जबकि पूर्व क्रिकेटर एस. श्रीशंत को तिरुवनंतपुरम से शशि थरूर के खिलाफ चुनाव लड़ाया जा सकता है।
आखिर कहां अटक गई है भाजपा की पहली सूची
पार्टी के उच्च सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि 2021-22 में ही पार्टी ने ऐसी लोकसभा सीटों की लिस्ट तैयार कर ली थी, जहां पार्टी की स्थिति ज्यादा मजबूत नहीं है। इस लिस्ट में ऐसी 160 सीटें शामिल हैं, जहां पर पार्टी कभी नहीं जीती है। साथ ही जहां पर पिछले 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं था या वह नंबर दो पोजिशन पर थी। उन सीटों को भी लिस्ट में शामिल किया गया है।
सूत्र ने बताया कि पार्टी जनवरी महीने के आखिर में ही 62 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने वाली थी, लेकिन जेडीयू, अकाली दल और राष्ट्रीय लोकदल की एनडीए में वापसी की संभावना के चलते उम्मीदवारों के नाम का एलान नहीं किया गया। बिहार में नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल के साथ महागठबंधन से अलग होकर भाजपा के साथ वापसी कर ली और 28 जनवरी को फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वहीं, रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने भी सोमवार को एनडीए में शामिल होने का एलान कर दिया है। उधर, अकाली दल के भी एनडीए में शामिल होने की चर्चा जोरों पर हैं।
विधानसभा हारे सांसदों को क्या टिकट देगी पार्टी?
मध्यप्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पिछले साल दिसंबर में हुए चुनाव में पार्टी ने नया प्रयोग करते हुए लोकसभा सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों को मैदान में उतारा था। इन चुनावों में 21 सांसद मैदान में थे, इनमें से 12 को ही जीत मिली थी। इसके बाद से ही पार्टी के भीतर प्रश्न उठा रहा है कि क्या विधायक का चुनाव हारे हुए सांसदों को पार्टी फिर से मौका देगी या नहीं। इस पर पार्टी सूत्रों ने बताया कि भाजपा इन सांसदों को इनके लोकसभा क्षेत्र पर फिर से चुनाव नहीं लड़वाएगी। हालांकि तेलंगाना विधानसभा चुनाव हारने वाले करीमपुर सांसद बंदी संजय को पार्टी फिर से इस सीट पर चुनाव लड़वाएगी। इसके अलावा, उन राज्यसभा सांसदों को भी 2024 के मैदान में उतारा जा सकता है, जो केंद्रीय मंत्री हैं, जिन्हें अभी पार्टी ने राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाया है। इनमें कई दिग्गज केंद्रीय मंत्रियों के नाम शामिल हैं।