Lok Sabha: मतगणना से पहले भाजपा और विपक्षी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा चुनाव आयोग, विभिन्न मुद्दों पर चर्चा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में भाजपा के भी एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने विशेष वर्ग द्वारा बार-बार भारतीय चुनाव प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश पर चिंता जताई।
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लोकसभा चुनाव की मतदान प्रक्रिया खत्म हो गई है। चार जून को मतगणना होंगे। इस बीच रविवार को विपक्षी इंडी गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। विपक्षी प्रतिनिधिमंडल ने कई मुद्दों पर अपनी बात आयोग के समक्ष रखी। चर्चा के बाद कांग्रेस नेता ने कहा कि आयोग ने हमारी बातों को बहुत ही ध्यानपूर्वक और धैर्यपूर्वक सुना है। इंडी गठबंधन के अलावा, भाजपा नेताओं ने भी आयोग से मुलाकत कर चर्चा की।
#WATCH | Delhi: An INDIA bloc delegation met the Election Commission today.
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Congress leader Abhishek Manu Singhvi says, "...The vital importance of counting postal ballots first, of declaring the results of postal ballots first. This is very clearly stated in the statutory… pic.twitter.com/cUK4aUZdtA— ANI (@ANI) June 2, 2024
#WATH | Delhi: On meeting with the Election Commission of India, Congress leader Salman Khurshid says, "We requested for very strict vigilance during the counting process and they gave us a satisfactory reply... We didn't question any rules but made sure they are adhered to and… pic.twitter.com/GsqaYUfUIz
— ANI (@ANI) June 2, 2024
आयोग के साथ बैठक में इंडी ब्लॉक के नेताओं ने कहा कि ईसीआई को चार जून को मतगणना प्रक्रिया के लिए स्पष्ट और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। इसके अलावा, इंडी गठबंधन ने कई और सुझाव आयोग को दिए हैं, जिसमें डाक मतपत्रों की गिनती पर स्पष्टीकरण, सीसीटीवी की निगरानी में नियंत्रण इकाइयों की सुरक्षित आवाजाही, नियंत्रण इकाइयों पर तारीख/समय की पुष्टि करना, मतदान शुरू/समाप्त होने का समय सुनिश्चित करना, मतगणना एजेंटों के लिए पर्चियां, टैग और विवरण निर्दिष्ट करना आदि सुझाव शामिल हैं। मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पोस्टल बैलेट की गिनती पहले करना और उसके नतीजे पहले घोषित करना बहुत जरूरी है। सिंघवी ने कहा कि चुनाव आयोग ने उनकी बात धैर्यपूर्वक सुनी है। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने भी कहा कि मतगणना के दिन सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होनी चाहिए। इसका पालन किया जाना चाहिए।
#WATCH | Delhi: After the INDIA block delegation meets with the Election Commission, CPI General Secretary D Raja says, "... We primarily demanded that the Election Commission should strictly adhere to the Conduct of Election rules 1961, section 54 A..." pic.twitter.com/SDz9a3f6BR
— ANI (@ANI) June 2, 2024
#WATH | Delhi: On meeting with the Election Commission of India, Congress leader Salman Khurshid says, "We requested for very strict vigilance during the counting process and they gave us a satisfactory reply... We didn't question any rules but made sure they are adhered to and… pic.twitter.com/GsqaYUfUIz
— ANI (@ANI) June 2, 2024
भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों से सी
इसके अलावा, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में भाजपा के भी एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने विशेष वर्ग द्वारा बार-बार भारतीय चुनाव प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश पर चिंता जताई। वित्त मंत्री सीतारमण और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सहित अन्य भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों से मुलाकात की। मुलाकात के बाद गोयल ने कहा कि हमने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि मतगणना प्रक्रिया में लगे हर अधिकारी को निर्धारित प्रक्रिया के सूक्ष्मतम विवरणों से पूरी तरह परिचित होना चाहिए। सभी चुनाव आयोग प्रोटोकॉल का पूरी लगन से पालन करना चाहिए।
#WATCH | Union Minister Piyush Goyal says, " Today a delegation of BJP led by Union Finance Minister Nirmala Sitharaman met with the Chief Election Commissioner and Election Commissioners to demand and urge them to take 4 important steps. One is that we have requested EC every… pic.twitter.com/NfiDbD7jel
— ANI (@ANI) June 2, 2024
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने आयोग से कहा है कि मतगणना और परिणामों की घोषणा के दौरान चुनाव प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसमें हिंसा और अशांति के किसी भी प्रयास को रोकने के लिए निगरानी और सुरक्षा उपायों को बढ़ाना शामिल है। हमने मांग की कि चुनाव प्रक्रिया को कमजोर करने के कथित प्रयासों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।