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संदिग्ध चरित्र वाले केजरीवाल को कैसे दे दिया जाए पूर्ण राज्य का अधिकार : हर्षवर्धन
Sun, 28 Apr 2019 05:55 PM IST
Trainee Trainee
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Sun, 28 Apr 2019 05:55 PM IST
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Harshvardhan
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दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की, आम आदमी पार्टी की मांग को सिरे से खारिज करते हुए केन्द्रीय मंत्री एवं भाजपा के चांदनी चौक से उम्मीदवार हर्षवर्धन ने इस बात पर हैरत जताई कि सवालिया चिह्न एवं संदिग्ध चरित्र वाले अरविंद केजरीवाल जैसे मुख्यमंत्री को कैसे पूर्ण राज्य का अधिकार दिया जा सकता है। हर्षवर्धन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से एक साक्षात्कार में कहा कि राष्ट्रीय राजधानी को आप सरकार की नकारात्मक मानसिकता की वजह से परेशानी उठानी पड़ी है।
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दूसरी बार चांदनी चौक लोकसभा सीट से सांसद बनने की तैयारी कर रहे हर्षवर्धन ने कहा कि केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार ने लोगों के लिए कुछ नहीं किया है, सिवाय प्रधानमंत्री को गालियां देने के। मंत्री ने कहा कि दिल्ली उनकी सरकार और विशेषतौर पर, मुख्यमंत्री की नकारात्मक मानसिकता की वजह से परेशान हो रही है। उन्होंने पिछले चार साल में शायद ही कुछ किया है। आप उनके 70 वादों को देख सकते हैं और उनमें से शायद ही कोई वादा पूरा हुआ है।
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हर्षवर्धन ने कहा कि उन्होंने दिन-रात प्रधानमंत्री को गालियां देने के अलावा कुछ नहीं किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आखिर किया क्या है? कुछ भी नहीं । यह वही मुख्यमंत्री हैं जो कुछ वर्ष पूर्व गणतंत्र दिवस परेड से पहले खुद को ‘‘अराजकतावादी’’ बताने में गर्व महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब वह पूर्ण राज्य की मांग कर रहे हैं। क्या आपको लगता है कि ऐसे सवालिया चिह्न एवं संदिग्ध चरित्र वाले मुख्यमंत्री को पूर्ण राज्य का अधिकार दिया जा सकता है?
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आप प्रमुख ने 20 जनवरी 2014 को एक प्रदर्शन के दौरान खुद को ‘‘अराजकतावादी’’ बताया था। तब उन्होंने दिल्ली पुलिस को शहर की सरकार के अंतर्गत लाने की मांग की थी। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालयों का प्रभार संभाल रहे हर्षवर्धन ने आप सरकार पर विकास की कई परियोजनाओं में सहयोग नहीं करने का आरोप भी लगाया। इनमें शाहजहांनाबाद पुनर्विकास परियोजना भी शामिल है।
दिल्ली के चांदनी चौक से मौजूदा सांसद हर्षवर्धन का मुकाबला आप के पंकज गुप्ता और कांग्रेस के जे.पी. अग्रवाल से है। उन्हें विश्वास है कि 2014 के लोकसभा चुनाव की तरह ही इस बार भी भाजपा को राष्ट्रीय राजधानी में एकतरफा जीत हासिल होगी।
दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर 12 मई को मतदान होगा। मतगणना 23 मई को होगी।