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Hindi News ›   India News ›   Lawyer Tarlochan Singh says 2002 Gujarat riots not sponsored like 1984 Sikh riots erstwhile state govt no role

वकील तरलोचन सिंह का दावा: सिख दंगों की तरह प्रायोजित नहीं थे गुजरात के दंगे, सरकार की नहीं थी भूमिका

Tue, 07 Oct 2025 01:02 AM IST
ज्योति भास्कर अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Tue, 07 Oct 2025 01:02 AM IST
सार

वकील और राज्यसभा सांसद तरलोचन सिंह ने दावा किया है कि गुजरात में साल 2002 में हुए दंगे, 1984 के सिख दंगों की तरह प्रायोजित नहीं थे। उन्होंने कहा कि गुजरात दंगे में सरकार की भूमिका नहीं थी। तरलोचन अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष भी रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर किताब भी लिखी है।

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Lawyer Tarlochan Singh says 2002 Gujarat riots not sponsored like 1984 Sikh riots erstwhile state govt no role
तरलोचन सिंह के बयान का अंश - फोटो : एएनआई / अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पूर्व राज्यसभा सांसद और सिख मामलों के वकील तरलोचन सिंह ने दावा किया है कि 2002 के गुजरात दंगे लोगों की आम अभिव्यक्ति थे और राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं थी। सिंह गुजरात दंगों के दौरान राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष थे।

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दिल्ली के दंगों की तुलना गुजरात से की
एक पॉडकास्ट में सिंह ने 2002 के गुजरात दंगों को प्राकृतिक करार दिया और कहा कि यह दिल्ली में 1984 के सिख दंगों की तरह प्रायोजित दंगा नहीं था। उन्होंने कहा कि मैं गुजरात दंगों के समय अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष था। मैं वहां पहुंचने वाला पहला व्यक्ति था। मैंने अपनी किताब में दिल्ली के दंगों की तुलना गुजरात से की थी। उन्होंने कहा कि, दिल्ली प्रायोजित है, गुजरात स्वाभाविक है। मैंने यह बात 20 बार कही। मैंने किताब में कहा है, यह मेरी जांच है।
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छह साल तक अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष रहे
बकौल तरलोचन सिंह, 'मुझे 2000 में (राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के लिए) अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और गुजरात दंगे 2002 में हुए थे। मैं छह साल तक अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष रहा। मेरे पास गुजरात त्रासदी पर एक पुस्तिका है।' उन्होंने कहा कि इसके प्रकाशन के बाद नरेंद्र मोदी ने 500 प्रतियां बांटने का आदेश दिया।
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मोदी की स्थिति से निपटने की प्रशंसा की
सिंह ने तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की स्थिति से निपटने की प्रशंसा की और दावा किया कि हिंदू कारसेवकों को शवों को अपने गांवों में ले जाने से रोकने के मोदी के फैसले से दंगों को रोकने में मदद मिली और दंगों को पूरे राज्य में फैलने से रोका गया। गुजरात के दंगे लोगों की आम अभिव्यक्ति थे।


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मोदी की मुस्लिम नेताओं संग कराई बैठक
तरलोचन सिंह ने दावा किया कि मैंने कम से कम 30 प्रमुख मुस्लिम नेताओं और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बैठक कराई थी। उन्होंने कहा, मैं लोगों के घर जाकर पूछने गया कि दंगे क्यों हुए। मैं सिखों के घर गया। लोगों ने बताया कि यह स्वाभाविक नहीं था।

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