कर्नलगंज थाना क्षेत्र के व्यस्ततम मनमोहन पार्क के पास बृहस्पतिवार की सुबह कचहरी जा रहे अधिवक्ता राजेश कुमार श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दो बाइक सवार बदमाशों ने ओवरटेक कर उन्हें रोका और कनपटी पर तमंचा सटाकर गोली मार दी। हत्या के विरोध में वकीलों ने कचहरी से स्वरूपरानी अस्पताल तक कई जगह सड़क जाम कर तोड़फोड़, आगजनी शुरू कर दी। सिटी बस समेत तीन बसों को आग के हवाले कर दिया गया। जिला एवं सत्र न्यायालय व हाईकोर्ट के वकील विरोध में हड़ताल पर चले गए।
नाराज वकीलों ने सड़क जाम कर तीन बसों को फूंका
घटना की सूचना पर आईजी रमित शर्मा, एसएसपी समेत पुलिस के कई आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। जिस स्थान पर वारदात हुई वहां से थोड़ी देर पहले ही मुख्य सचिव व डीजीपी का काफिला गुजरा था। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी की मदद से हमलावरों की पहचान करने में जुटी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की होर्डिंग भी जलाई
वकील के भाई की तहरीर पर पुलिस ने इस मामले में एक होटल मालिक समेत दो लोगों को नामजद किया है। एसएसपी आकाश कुलहरि ने हत्या के पीछे जमीन विवाद बताया है। उनका कहना है कि राजेश जमीन के किसी पुराने मुकदमे में पैरवी कर रहे थे।
मुख्य सचिव व डीजीपी भी थे शहर में मौजूद
करछना निवासी राजेश श्रीवास्तव रामबाग स्थित अपने आवास से सुबह बाइक से कचहरी जा रहे थे। घर से ही उनकी लोकेशन ट्रेस कर रहे बदमाशों ने रास्ते में उनका पीछा करना शुरू कर दिया। सुबह 10:20 बजे नलिनी फोटोस्टेट के सामने उनको रोककर गोली मार दी। कुछ देर में मौके पर पहुंची पुलिस ने लहूलुहान वकील को एसआरएन अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जिला एवं सत्र न्यायालय व हाईकोर्ट के वकील हड़ताल पर
आक्रोशित वकीलों ने तीन बसों में आग लगाने के साथ ही कचहरी के पास पीएम, सीएम और डिप्टी सीएम केशव मौर्य की होर्डिंग तोड़कर जला दी। इलाहाबाद में सरेआम वकील की हत्या से स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। योगी सरकार अपराधियों के हाथ का खिलौना बन गई है।