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केरल: सीएम पिनराई विजयन को 'केरल का भगवान' बताते हुए मंदिर के बाहर लगा फ्लेक्स बोर्ड, खड़ा हुआ विवाद
Mon, 26 Jul 2021 03:06 PM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मलपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मलपुरम
Published by: अजय सिंह
Updated Mon, 26 Jul 2021 03:06 PM IST
सार
हालांकि मंदिर समिति के सदस्यों का कहना है कि फ्लेक्स बोर्ड मंदिर परिसर में नहीं लगाया गया है।
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मुख्यमंत्री पिनराई विजयन
- फोटो : ANI
विस्तार
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है जिसने विवाद खड़ा कर दिया है। दरअसल, एक फ्लेक्स बोर्ड पर मुख्यमंत्री विजयन की तस्वीर लगी है जिसमें उन्हें 'केरल का भगवान' बताया गया है।
बोर्ड पर मलयालम भाषा में लिखा है, 'आप पूछते हैं कि भगवान कौन हैं, लोग कहते हैं जो भोजन प्रदान करता है। केरल के भगवान।' ये फ्लेक्स बोर्ड वलानीचेरी के पचीरी महा विष्णु मंदिर के नजदीक लगाया गया है।
हालांकि मंदिर समिति के सदस्यों का कहना है कि फ्लेक्स बोर्ड मंदिर परिसर में नहीं लगाया गया है। पचीरी विष्णु मंदिर प्रशासन ने कहा, 'फ्लेक्स मंदिर के बोर्ड के ठीक ऊपर दिखाई दिया। स्वाभाविक रूप से, यह मंदिर का अपमान करने जैसा है। यह किसी पार्टी का व्यक्ति हो सकता है। मंदिर सभी लोगों का है, उन्हें शिकायत करने दीजिए।'
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मंदिर प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि फ्लेक्स को मुख्य सड़क पर मई के महीने में दूसरी एलडीएफ सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान लगाया गया था।
पचीरी विष्णु मंदिर समिति के अध्यक्ष रवींद्रन एम ने फ्लेक्स बोर्डों को लगाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे कानून-व्यवस्था बाधित हो सकती है। उन्होंने बताया कि हमने वलानचेरी पुलिस से संपर्क किया और एसआई ने दूसरे बोर्ड को हटाने के लिए कहा। हालांकि फ्लेक्स बोर्ड को लेकर जब सोशल मीडिया पर विवाद हुआ तो इसे हटा दिया गया।
मुख्यमंत्री विजयन के अलावा उनके कैबिनेट मंत्रियों की तस्वीर वाले एक अन्य फ्लेक्स बोर्ड में कहा गया है कि जिन स्थानों पर प्रमुख मंदिर स्थित थे, वे इस चुनाव में 'लाल' हो गए। एक दूसरे फ्लेक्स बोर्ड में पूछा गया है कि चुनावों में और क्या सबूत चाहिए कि देवता कम्युनिस्ट थे।
वहीं दूसरी ओर विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर सीपीआई (एम) पर हमला बोला है। हालांकि सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) के सदस्यों ने बोर्ड को लगाने से इनकार किया है।
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बोर्ड पर मलयालम भाषा में लिखा है, 'आप पूछते हैं कि भगवान कौन हैं, लोग कहते हैं जो भोजन प्रदान करता है। केरल के भगवान।' ये फ्लेक्स बोर्ड वलानीचेरी के पचीरी महा विष्णु मंदिर के नजदीक लगाया गया है।
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हालांकि मंदिर समिति के सदस्यों का कहना है कि फ्लेक्स बोर्ड मंदिर परिसर में नहीं लगाया गया है। पचीरी विष्णु मंदिर प्रशासन ने कहा, 'फ्लेक्स मंदिर के बोर्ड के ठीक ऊपर दिखाई दिया। स्वाभाविक रूप से, यह मंदिर का अपमान करने जैसा है। यह किसी पार्टी का व्यक्ति हो सकता है। मंदिर सभी लोगों का है, उन्हें शिकायत करने दीजिए।'
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मंदिर प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि फ्लेक्स को मुख्य सड़क पर मई के महीने में दूसरी एलडीएफ सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान लगाया गया था।
पचीरी विष्णु मंदिर समिति के अध्यक्ष रवींद्रन एम ने फ्लेक्स बोर्डों को लगाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे कानून-व्यवस्था बाधित हो सकती है। उन्होंने बताया कि हमने वलानचेरी पुलिस से संपर्क किया और एसआई ने दूसरे बोर्ड को हटाने के लिए कहा। हालांकि फ्लेक्स बोर्ड को लेकर जब सोशल मीडिया पर विवाद हुआ तो इसे हटा दिया गया।
मुख्यमंत्री विजयन के अलावा उनके कैबिनेट मंत्रियों की तस्वीर वाले एक अन्य फ्लेक्स बोर्ड में कहा गया है कि जिन स्थानों पर प्रमुख मंदिर स्थित थे, वे इस चुनाव में 'लाल' हो गए। एक दूसरे फ्लेक्स बोर्ड में पूछा गया है कि चुनावों में और क्या सबूत चाहिए कि देवता कम्युनिस्ट थे।
वहीं दूसरी ओर विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर सीपीआई (एम) पर हमला बोला है। हालांकि सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) के सदस्यों ने बोर्ड को लगाने से इनकार किया है।