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'अरुण के यहां मायावती आ जाएं तो राजनीति छोड़ दूंगा'
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
Updated Sun, 06 Mar 2016 06:38 AM IST
सार
- केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने एक बार फिर बसपा सुप्रीमो मायावती पर निशाना साधा है।
- वे बोले कि चार बार मुख्यमंत्री रहते हुए भी मायावती दलितों का उत्थान नहीं कर पाईं।
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राम शंकर कठेरिया
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विस्तार
विहिप नेता अरुण माहौर हत्याकांड में केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने एक बार फिर बसपा सुप्रीमो मायावती पर निशाना साधा है। कहा कि वे दलित वोटों की सौदागर हैं।
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दलितों का उनके शासन में भी कभी उत्थान नहीं हुआ। वे सिर्फ वोट बैंक की राजनीति करती हैं। अगर, ऐसा नहीं है तो वे दिवंगत अरुण माहौर के परिजनों को अब तक सांत्वना देने क्यों नहीं पहुंचीं। कहा कि मायावती यदि अरुण के यहां पहुंच जाएं तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।
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मदिया कटरा स्थित होटल वैभव पैलेस में शनिवार को प्रेसवार्ता के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री ने बसपा के साथ-साथ सपा को भी आड़े हाथों लिया। कहा कि पिछले दो महीने में आगरा में 17 हत्याएं हो चुकी हैं। इसमें से दो दलितों को निशाना बनाया गया।
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12 फरवरी को विश्वविद्यालय कर्मचारी सतेंद्र और 25 फरवरी को अरुण माहौर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि सपा के शासन में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने जैसे हालात हैं।
कठेरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिलेश निर्णय लेने में कमजोर हैं। इससे पहले बसपा सुप्रीम को घेरते हुए कहा कि दलितों के उत्थान को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने मायावती को दो बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनवाया।
इसके अलावा दो बार और वे मुख्यमंत्री रहीं। इस तरह चार बार मुख्यमंत्री रहते हुए भी वे दलितों का उत्थान नहीं कर पाईं। इस दौरान उन्होंने सिर्फ अपना कोष भरा। कठेरिया ने कहा कि वर्तमान में न तो मायावती दलित हैं, न उनका भाई और न उनका परिवार।
उन्होंने कहा कि कांशीराम के सामाजिक आंदोलन को खुद मायावती ने ही खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि बसपा और सपा की नियत को प्रदेश की जनता समझ चुकी है, वह अब बदलाव चाहती है।
वहीं, 28 फरवरी को अरुण माहौर की श्रद्धांजलि सभा में दिए भाषण पर विवाद गहराने के बाद कठेरिया ने अपनी सफाई में कहा कि ‘मैंने कोई विवादित बयान नहीं दिया था।
मैंने सिर्फ ये बोला था कि समाज को आत्मसुरक्षा के लिए संगठित होना चाहिए।’ प्रेसवार्ता के दौरान विधायक जगन प्रसाद गर्ग, जिलाध्यक्ष अशोक राना, महानगर अध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद दुबे गामा, पूर्व डिप्टी मेयर नवीन जैन, पूर्व महानगर अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता मौजूद थे।