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वाल्मीकि निगम घोटाला: आरोपियों से 16 KG सोना, 2.5 करोड़ की नकदी जब्त; आपराधिक धन से खरीदी लम्बर्गिनी-फ्लैट

Sun, 28 Jul 2024 02:44 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 28 Jul 2024 02:44 AM IST
सार

सत्यनारायण वर्मा के घर से 15 किलो सोना बरामद किया गया है। वर्मा ने कबूल किया कि उसने अपराध से प्राप्त धन से लम्बर्गिनी कार खरीदी थी। वहीं, काकी श्रीनिवास राव के पास से एक किलो सोना बरामद किया गया है। 

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Karnataka Maharishi Valmiki Nigam scam in SIT seized 16 kg gold and over two crore cash from two accused
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम घोटाले की जांच के क्रम में विशेष जांच दल ने दो आरोपियों से 16 किलो सोना और 2.5 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। दोनों को इस महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था। 

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एसआईटी से जुड़े शीर्ष सूत्रों ने शनिवार को बताया कि हाल ही में छापेमारी की गई थी। सत्यनारायण वर्मा के घर से 15 किलो सोना बरामद किया गया है। वर्मा ने कबूल किया कि उसने अपराध से प्राप्त धन से लम्बर्गिनी कार खरीदी थी। वहीं, काकी श्रीनिवास राव के पास से एक किलो सोना बरामद किया गया है। इसके अलावा एक बिल्डर के पास से 2.5 करोड़ रुपये नकद भी बरामद किए गए, जिसे वर्मा ने एक आलीशान फ्लैट खरीदने के लिए कथित तौर पर भुगतान किया था। बिल्डर से संपर्क करने पर उसने तुरंत रकम लौटा दी।
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जानकारी के अनुसार, वाल्मिकी कॉर्पोरेशन घोटाला लगभग 187.33 करोड़ रुपये का है, जहां सरकारी खजाने में 40 करोड़ रुपये सहित विभिन्न खातों में रखे गए पैसे को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की एमजी रोड शाखा में भेज दिया गया था। 187.33 करोड़ रुपये में से 88.63 करोड़ रुपये अवैध रूप से 18 फर्मों सहित तेलंगाना में कम से कम 217 विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए थे।
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इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तार किए गए पूर्व मंत्री बी नागेंद्र न्यायिक हिरासत में हैं। यह घोटाला तब प्रकाश में आया जब निगम के लेखा अधीक्षक चन्द्रशेखरन पी ने आत्महत्या कर ली। अपने सुसाइड नोट में लेखा अधीक्षक ने विस्तार से बताया कि पैसे कैसे ट्रांसफर किए गए और घोटाले में निगम और बैंक अधिकारियों की भूमिका क्या थी।


दूसरी तरफ, विपक्षी भाजपा ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया है। भाजपा का आरोप है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की जानकारी के बिना पैसे ट्रांसफर नहीं हो सकते। हालांकि, मुख्यमंत्री ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। 

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