Karnataka: कर्नाटक में बाइक टैक्सी सेवा पर रोक बरकरार, हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्टे देने से किया इनकार
कर्नाटक हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक लगाने वाले सिंगल जज के आदेश पर स्टे देने से इनकार किया। सरकार ने नियम न बनाने की नीति बताई। कोर्ट ने सरकार को नोटिस भेजा और अगली सुनवाई 24 जून को तय की है।
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कर्नाटक हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने शुक्रवार को राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक लगाने वाले एकल-न्यायाधीश के आदेश पर रोक (स्टे) लगाने से इनकार कर दिया। मामले में डिवीजन बेंच ने कहा कि अगर राज्य सरकार कहती कि वह नियम बना रही है और उसमें कुछ देरी हो रही है, तो अदालत विचार कर सकती थी। लेकिन राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि उसने नीति के तहत ऐसा कोई नियम नहीं बनाने का फैसला लिया है।
अदालत ने राज्य सरकार को भेजा नोटिस
हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वी.कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति श्रीनिवास हरिश कुमार शामिल थे। बता दें कि यह मामला उबर इंडिया, ओला, रैपिडो समेत अन्य कंपनियों की ओर से दायर की गई अपीलों से जुड़ा था। हालांकि अब अदालत ने राज्य सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर दिया है और अगली सुनवाई की तारीख 24 जून तय की गई है।
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कंपनियों ने एकल जज के फैसले को दी थी चुनौती
मामले में उबर इंडिया, ओला, रैपिडो समेत अन्य कंपनियों ने बीते 2 अप्रैल को आए उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें एकल जज ने कहा था कि राज्य सरकार जब तक मोटर वाहन अधिनियम के तहत बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर नियम नहीं बनाती, तब तक यह सेवाएं बंद रखनी होंगी। इस आदेश को पहले छह हफ्तों तक लागू करने का समय दिया गया था, जिसे अब 15 जून तक बढ़ा दिया गया है।
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