कर्नाटकः भाजपा नेता ने सिद्धारमैया पर कसा तंज, अगली बार आए योगी तो बोलने लगेंगे 'जय श्रीराम'
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कर्नाटक में इस साल होने वाले चुनावों को लेकर माहौल पूरी तरह गर्मा गया है। भाजपा जहां पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के नेतृत्व में हिंदुत्व की धार तेज करने में लगी है वहीं कांग्रेस भी उसकी देखादेखी इस मामले में पीछे रहने को तैयार नहीं है। राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने खुद आगे बढ़कर मोर्चा संभाला हुआ है। यही कारण है कि एक दिन पहले कर्नाटक के बंगलूरू में हुई रैली में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी यह तंज कसने से नहीं चूके कि अब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को भी खुद के हिंदू होने का सबूत पेश करना पड़ रहा है।
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When Yogi Adityanath came to Karnataka day before, Siddaramaiah started speaking of Hindutva. On Adityanath's 2nd visit,Siddaramaiah said 'There is 'Ram'&'Siddha' in my name'. If he comes again Siddaramaiah will definitely say 'Jai Shri Ram': Karnataka BJP leader Arvind Limbavali pic.twitter.com/vu2m4oTASt
— ANI (@ANI) January 8, 2018
इसी कड़ी में भाजपा के एक और नेता ने राज्य के मुख्यमंत्री पर तंज कस दिया है। राज्य के भाजपा नेता अरविंद लिंबावली ने सिद्धारमैया पर तंज कसा है कि जब पहली बार आदित्यनाथ कर्नाटक आए थे तब सिद्धारमैया ने पहली बार हिंदूत्व पर बोलना शुरू किया था। योगी दूसरी बार कर्नाटक आए तो सिद्धारमैया कह रहे हैं उनके नाम में राम और सिद्ध दोनों है। अगर योगी तीसरी बार यहां आते हैं तो निश्चित रूप से वह 'जय श्रीराम' बोलना शुरू कर देंगे।
बता दें कि कनार्टक में इसी साल अप्रैल मई में चुनाव होने हैं, यहां सीधी टक्कर भाजपा और सत्तारूढ़ कांग्रेस के बीच है। पिछले चुनावों में येदियुरप्पा की बगावत के कारण यहां भाजपा को बुरी गत झेलनी पड़ी थी, लेकिन इस बार उनकी वापसी के बाद भाजपा के लिए हालत कुछ बेहतर दिख रहे हैं।
पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर सीधे सीधे चुनावों की पूरी जिम्मेदारी दे दी है, साफ है कि पार्टी जीती तो मुख्यमंत्री पद का चेहरा भी वही होंगे। ऐसे में पार्टी को जीत दिलाने के लिए येदियुरप्पा ने भी यहां पूरी ताकत झोंक दी है।
वह पूरे राज्यभर में रथयात्रा निकालकर वोटरों को लामबंद करने में जुटे हैं और इस कड़ी में हिंदुत्व उनका बड़ा हथियार बना हुआ है। इसी की काट के लिए कांग्रेस और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हिंदुत्व के प्रति नरम रुख अख्तियार करते हुए बीते कुछ समय में अपनी रणनीति बदल दी है।