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मध्यप्रदेश का संकट: कांग्रेस विधायक बिसाहूलाल सामने आए, मुख्यमंत्री कमलनाथ के घर मिलने पहुंचे

Sun, 08 Mar 2020 06:12 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Sneha Baluni Updated Sun, 08 Mar 2020 06:12 PM IST
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Kamalnath govt facing crisis, congress may give cabinet berth to rebel, bjp monitoring legislators
कांग्रेस विधायक बिसाहूलाल सिंह मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल के साथ रविवार को बंगलूरू से भोपाल के लिए रवाना हुए। - फोटो : ANI

मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार को समर्थन देने वाले चार गायब विधायकों में शामिल बिसाहूलाल सिंह रविवार को सामने आ गए। बंगलूरू से भोपाल आने के बाद वह मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात करने के लिए सीएम आवास पर पहुंचे।

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इससे पहले वह बंगलूरू में थे, जहां से उन्होंने भोपाल के लिए रवाना होने के लिए फ्लाइट ली थी। इस दौरान उनके साथ मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल भी मौजूद थे। बता दें कि बिसाहूलाल सिंह अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
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इससे पहले गायब विधायकों में से एक सुरेंद्र सिंह शेरा शनिवार को वापस लौट आए थे और कहा कि वह अब भी कांग्रेस के पक्ष में हैं। राज्य के बुरहानपुर से निर्दलीय विधायक शेरा दोपहर की फ्लाइट से दिल्ली से वापस लौटे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें अगवा नहीं किया गया है।

कांग्रेस ने विपक्षी पार्टी भाजपा पर आरोप लगाया था कि वह उसके विधायकों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही है ताकि राज्य में कांग्रेस की सरकार गिर जाएं। वहीं, अभी भी कांग्रेस के विधायक हरदीप सिंह डंग और रघुराज कंसाना के बारे में कोई भी जानकारी नहीं मिल पाई है।

जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने राजा भोज हवाईअड्डे पर विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा का स्वागत किया और उन्हें मुख्यमंत्री कमलनाथ के आवास पर ले गए।

संवाददाताओं से बात करते हुए शेरा ने इस बात को खारिज कर दिया कि उन्हें किसी के द्वारा अगवा किया गया था। उन्होंने कहा कि मुझे किसी ने अगवा नहीं किया था। शेर को कोई भी अगवा नहीं कर सकता है। लेकिन मेरी बंगलूरू से आ रही फ्लाइट में देरी करने के प्रयास किए गए थे।

शेरा ने कहा कि मेरे साथ दुर्व्यवहार किया गया और बंगलूरू में हवाई अड्डे के रास्ते पर रोक दिया गया। इसलिए मेरी फ्लाइट छूट गई। 

मध्यप्रदेश का सियासी ड्रामा

मध्यप्रदेश में चल रहे सियासी ड्रामे ने मुख्यमंत्री कमलनाथ सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब उन विधायकों की मान-मनौव्वल की जा रही है जिनकी पिछले एक साल से मंत्री और अधिकारी तक नहीं सुन रहे थे। कमलनाथ और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को सभी विधायकों से बातचीत की।

दो विधायकों बिसाहूलाल सिंह और रघुराज कंसाना से बात नहीं हुई। कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले विधायक हरदीप डंग से संपर्क हो गया है। बंगलूरू में मौजूद चार विधायकों में से निर्दलीय सुरेंद्र सिंह शेरा की वापसी हो ही गई है। वहीं तीन अन्य विधायक  बिसाहूलाल, रघुराज और डंग के भोपाल लौटने की खबरें हैं।

जानकारी के अनुसार भाजपा विधायक अरविंद भदौरिया भी बंगलूरू में इन चारों के संपर्क में हैं। भाजपा ने अपने सभी विधायकों के फोन सर्विलांस पर लगा दिए हैं। दूसरी तरफ शुक्रवार को दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के घर पर शुक्रवार को भाजपा नेता जुटे। 

इसमें पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के प्रतिनिधि के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व प्रदेश संगठन महामंत्री अरविंद मेनन, प्रहलाद पटेल और नरोत्तम मिश्रा शामिल हुए। माना जा रहा है कि भाजपा बजट सत्र से पहले कांग्रेस विधायकों की नाराजगी का फायदा उठाना चाहती है।

नाराज विधायकों को बनाया जा सकता है मंत्री

संकट से उबरने के लिए कमलनाथ और दिग्विजय ने मंत्रिमंडल में नाराज विधायकों को जगह देने के लिए फॉर्मूला तैयार किया है। जिसके लिए कुछ भरोसेमंद मंत्रियों के इस्तीफे लिए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा के साथ वैधानिक पहलुओं को लेकर चर्चा की। दिग्विजय पहले ही बजट सत्र के बाद कैबिनेट विस्तार के संकेत दे चुके हैं। 

बड़े नेता कर रहे हैं भाजपा विधायकों की निगरानी
नारायण त्रिपाठी और शरद कोल के कांग्रेस का साथ देने की अटकलों को लेकर भाजपा केंद्रीय संगठन के निर्देश पर किलेबंदी पर ध्यान दे रही है। इसके मद्देनजर भाजपा ने बड़े नेताओं को रोजाना अपने क्षेत्र के विधायकों से फोन पर बात करने की जिम्मेदारी दी है।

संगठन मंत्री और जिलाध्यक्षों से कहा गया है कि सभी की अप्रत्यक्ष रूप से निगरानी की जाए। यदि किसी का फोन बंद होता है या कहीं आने-जाने की खबर मिलती है तो उसकी जानकारी नरोत्तम मिश्रा और शिवराज चौहान को दी जाए।

कमलनाथ बोले- हमारे नेता बिकाऊ नहीं हैं

सीएम कमलनाथ ने कहा, 'यहां जो नेता हैं, वो बिकाऊ नहीं हैं। ये सिद्धांतों और सेवा की राजनीति करते हैं। हमें अपनी राजनीति की भी ऐसी पहचान बनानी हैं कि हमें गर्व हो, ऐसी पहचान बनाएं कि हम छाती ठोक के कह सकें कि हम मध्यप्रदेश से हैं।' 

बेटी के इलाज के लिए बंगलूरू में था: सुरेंद्र सिंह
निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा ने बंगलूरू से भोपाल वापस आने पर कहा, 'मैं अपनी बेटी के इलाज के लिए बंगलूरू में था। मुझे किसी ने बंधक बनाकर नहीं रखा था। मैं जल्द ही मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात करुंगा।'

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