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Indian Railways: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बोले- रेलवे को 50 साल तक नजरअंदाज किया गया, अब हो रहा है बड़ा बदलाव
Mon, 13 Oct 2025 03:35 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वलसाड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वलसाड
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 13 Oct 2025 03:35 PM IST
सार
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि रेलवे सिर्फ एक परिवहन व्यवस्था नहीं, बल्कि देश की रीढ़ है, और अब इस रीढ़ को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत किया जा रहा है। रेल मंत्री ने बताया कि अब तक लगभग 1200 लोकोमोटिव इंजनों पर कवच (एटीपी सिस्टम) तकनीक लग चुकी है।
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अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्री
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि भारत में रेल व्यवस्था को करीब 50 से 60 वर्षों तक उपेक्षा झेलनी पड़ी, लेकिन अब रेलवे में ऐतिहासिक बदलाव हो रहा है। उन्होंने यह बात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के 41वें स्थापना दिवस पर वलसाड में आयोजित कार्यक्रम में कही। मंत्री ने कहा कि अब रेलवे में हर स्तर पर आधुनिक तकनीक और नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं, चाहे वह ट्रैक बिछाने का काम हो, स्टेशन का नवीनीकरण हो या फिर सुरक्षा व्यवस्था।
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रिकॉर्ड स्तर पर ट्रैक और स्टेशन अपग्रेड
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में लगभग 35,000 किलोमीटर नए ट्रैक बिछाए गए हैं। उन्होंने कहा, 'इतना काम रेलवे के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। आज इसलिए ज्यादा ट्रेनें चल रही हैं और देश के कोने-कोने को रेल से जोड़ा जा रहा है।' उन्होंने कहा कि देश के 1,300 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें से 110 स्टेशनों पर काम पूरा हो चुका है और बाकी जगह तेजी से काम चल रहा है। रेल मंत्री के मुताबिक, अब तक लगभग 60,000 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा, 'दुनिया के विकसित देश भी इतने कम समय में ऐसा नहीं कर पाए हैं, जितना भारत ने कर दिखाया है।'
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नई ट्रेनें और कोच
उन्होंने बताया कि नमो भारत सेवाओं के पहले दो चरणों से मिले अनुभव के आधार पर अब इस ट्रेन का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होगा। इसके अलावा मेनलाइन ईएमयू (ईएमयू) ट्रेनों को भी जोड़ा जा रहा है, जिनकी मांग काफी अधिक है। रेलवे ने अब तक करीब 3,500 सामान्य (जनरल) कोच ट्रेनों में जोड़े हैं और 7,000 नए कोचों का निर्माण जारी है। वैष्णव ने कहा कि रेलवे का लक्ष्य सभी वर्गों, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग, को बेहतर और सस्ती यात्रा सुविधा देना है।
कवच सिस्टम से बढ़ी सुरक्षा
रेल मंत्री ने बताया कि अब तक लगभग 1200 लोकोमोटिव इंजनों पर कवच (एटीपी सिस्टम) तकनीक लग चुकी है। यह स्वदेशी प्रणाली ट्रेन हादसों को रोकने के लिए खुद-ब-खुद ब्रेक लगाती है और सुरक्षा बढ़ाती है।
आरपीएफ में हर साल भर्ती होगी- वैष्णव
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अब आरपीएफ में भर्ती हर 4-5 साल में एक बार नहीं, बल्कि हर साल होगी। पिछले साल 452 सब-इंस्पेक्टर भर्ती किए गए थे और इस साल 4,208 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'अगर भर्ती में कई साल का गैप हो, तो उम्मीदवारों के लिए मौके सीमित हो जाते हैं। इसलिए अब हर साल भर्ती होगी। एसएससी हर साल कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर की भर्ती करेगा।'
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आरपीएफ को मिलेगा नया संचार उपकरण
आरपीएफ की आधुनिकता पर बोलते हुए वैष्णव ने बताया कि अब सभी अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को जल्द ही बहुत उच्च आवृत्ति (वीएचएफ) वॉकी-टॉकी सेट दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'आरपीएफ के डीजी ने कुछ दिन पहले इसकी मांग की थी। अब रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से मंजूरी के बाद आरपीएफ जितने चाहे उतने वीएचएफ सेट खरीद सकेगा।'
अब रेलवे बदल रहा है- वैष्णव
अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'पिछले 50-60 वर्षों तक रेलवे को नजरअंदाज किया गया। अब रेलवे पूरी तरह से बदल रहा है। देश में रेलवे नेटवर्क को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और आधुनिक बनाया जा रहा है, ताकि आम आदमी को बेहतर सेवा मिल सके।'
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रिकॉर्ड स्तर पर ट्रैक और स्टेशन अपग्रेड
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में लगभग 35,000 किलोमीटर नए ट्रैक बिछाए गए हैं। उन्होंने कहा, 'इतना काम रेलवे के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। आज इसलिए ज्यादा ट्रेनें चल रही हैं और देश के कोने-कोने को रेल से जोड़ा जा रहा है।' उन्होंने कहा कि देश के 1,300 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें से 110 स्टेशनों पर काम पूरा हो चुका है और बाकी जगह तेजी से काम चल रहा है। रेल मंत्री के मुताबिक, अब तक लगभग 60,000 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा, 'दुनिया के विकसित देश भी इतने कम समय में ऐसा नहीं कर पाए हैं, जितना भारत ने कर दिखाया है।'
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नई ट्रेनें और कोच
उन्होंने बताया कि नमो भारत सेवाओं के पहले दो चरणों से मिले अनुभव के आधार पर अब इस ट्रेन का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होगा। इसके अलावा मेनलाइन ईएमयू (ईएमयू) ट्रेनों को भी जोड़ा जा रहा है, जिनकी मांग काफी अधिक है। रेलवे ने अब तक करीब 3,500 सामान्य (जनरल) कोच ट्रेनों में जोड़े हैं और 7,000 नए कोचों का निर्माण जारी है। वैष्णव ने कहा कि रेलवे का लक्ष्य सभी वर्गों, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग, को बेहतर और सस्ती यात्रा सुविधा देना है।
कवच सिस्टम से बढ़ी सुरक्षा
रेल मंत्री ने बताया कि अब तक लगभग 1200 लोकोमोटिव इंजनों पर कवच (एटीपी सिस्टम) तकनीक लग चुकी है। यह स्वदेशी प्रणाली ट्रेन हादसों को रोकने के लिए खुद-ब-खुद ब्रेक लगाती है और सुरक्षा बढ़ाती है।
आरपीएफ में हर साल भर्ती होगी- वैष्णव
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अब आरपीएफ में भर्ती हर 4-5 साल में एक बार नहीं, बल्कि हर साल होगी। पिछले साल 452 सब-इंस्पेक्टर भर्ती किए गए थे और इस साल 4,208 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'अगर भर्ती में कई साल का गैप हो, तो उम्मीदवारों के लिए मौके सीमित हो जाते हैं। इसलिए अब हर साल भर्ती होगी। एसएससी हर साल कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर की भर्ती करेगा।'
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आरपीएफ को मिलेगा नया संचार उपकरण
आरपीएफ की आधुनिकता पर बोलते हुए वैष्णव ने बताया कि अब सभी अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को जल्द ही बहुत उच्च आवृत्ति (वीएचएफ) वॉकी-टॉकी सेट दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, 'आरपीएफ के डीजी ने कुछ दिन पहले इसकी मांग की थी। अब रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से मंजूरी के बाद आरपीएफ जितने चाहे उतने वीएचएफ सेट खरीद सकेगा।'
अब रेलवे बदल रहा है- वैष्णव
अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'पिछले 50-60 वर्षों तक रेलवे को नजरअंदाज किया गया। अब रेलवे पूरी तरह से बदल रहा है। देश में रेलवे नेटवर्क को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और आधुनिक बनाया जा रहा है, ताकि आम आदमी को बेहतर सेवा मिल सके।'