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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने गायिका नेहा राठौर को नहीं दी राहत, एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज
Mon, 13 Oct 2025 03:29 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 13 Oct 2025 03:29 PM IST
सार
नेहा राठौर ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 19 सितंबर के उस आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया था जिसमें एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया गया था।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : एएनआई
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गायिका नेहा सिंह राठौर को राहत देने से इनकार कर दिया और उनकी याचिका खारिज कर दी। नेहा राठौर ने उनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दर्ज एफआईआर को रद्द कराने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने नेहा राठौर की याचिका खारिज करते हुए उनसे कहा कि वे जाकर मुकदमे का सामना करें। शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं कर रही है।
उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर की थी याचिका
जस्टिस जे के माहेश्वरी और जस्टिस कुलदीप बिश्नोई की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस समय वह विद्रोह के आरोप (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने) के मुद्दे में हस्तक्षेप नहीं कर रही है। नेहा राठौर ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 19 सितंबर के उस आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया था जिसमें एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया गया था।
नेहा राठौर ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर किया था पोस्ट
नेहा सिंह राठौर ने पहलागाम आतंकी हमले को लेकर भाजपा और पीएम मोदी पर टिप्पणी की थी। उनकी इस टिप्पणी के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में अप्रैल में एफआईआर दर्ज हुई थी। उन पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हुआ। नेहा राठौर ने एक्स (X) पर पोस्ट किया था कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद मोदी बिहार आए ताकि पाकिस्तान को धमका सकें और राष्ट्रवाद के नाम पर वोट बटोर सकें। उन्होंने यह भी लिखा था कि आतंकियों को ढूंढने और अपनी गलती मानने के बजाय बीजेपी देश को युद्ध की तरफ धकेलना चाहती है। पुलिस ने नेहा राठौर के खिलाफ भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट कर भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने के आरोपों में मामला दर्ज किया।
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ये भी पढ़ें- UP: आजम खां के आवास पर तैनात रहेंगे पांच पुलिसकर्मी जबकि तीन साथ रहेंगे, वाई श्रेणी की सुरक्षा में रहेंगे सपा नेता
लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में अभय प्रताप सिंह नामक व्यक्ति ने नेहा राठौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने राठौर पर धार्मिक आधार पर एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ भड़काने की बार-बार कोशिश करने का आरोप लगाया था।
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उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर की थी याचिका
जस्टिस जे के माहेश्वरी और जस्टिस कुलदीप बिश्नोई की पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस समय वह विद्रोह के आरोप (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने) के मुद्दे में हस्तक्षेप नहीं कर रही है। नेहा राठौर ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 19 सितंबर के उस आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया था जिसमें एफआईआर रद्द करने से इनकार कर दिया गया था।
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नेहा राठौर ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर किया था पोस्ट
नेहा सिंह राठौर ने पहलागाम आतंकी हमले को लेकर भाजपा और पीएम मोदी पर टिप्पणी की थी। उनकी इस टिप्पणी के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में अप्रैल में एफआईआर दर्ज हुई थी। उन पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हुआ। नेहा राठौर ने एक्स (X) पर पोस्ट किया था कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद मोदी बिहार आए ताकि पाकिस्तान को धमका सकें और राष्ट्रवाद के नाम पर वोट बटोर सकें। उन्होंने यह भी लिखा था कि आतंकियों को ढूंढने और अपनी गलती मानने के बजाय बीजेपी देश को युद्ध की तरफ धकेलना चाहती है। पुलिस ने नेहा राठौर के खिलाफ भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट कर भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने के आरोपों में मामला दर्ज किया।
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लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में अभय प्रताप सिंह नामक व्यक्ति ने नेहा राठौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने राठौर पर धार्मिक आधार पर एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ भड़काने की बार-बार कोशिश करने का आरोप लगाया था।