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सरकार समर्पित माल गलियारों पर निजी मालगाड़ी परिचालन को दे सकती है अनुमति
Sat, 29 Aug 2020 12:08 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 29 Aug 2020 12:08 PM IST
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भारतीय रेलवे (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
निजी ऑपरेटरों को रेल पटरियों पर यात्री गाड़ी चलाने की अनुमति देने के बाद अब भारतीय रेलवे दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) खोलने के विकल्प की तलाश कर रही है। ताकि निजी कंपनियां एक दिन में एक निश्चित संख्या में गाड़ियां चला सकें। डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) निजी ऑपरेटरों को इस उद्देश्य के लिए कुछ रेल मार्गों को खरीदने की अनुमति दी जा सकती है।
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ट्रेन मार्ग किसी दिए गए मार्ग पर ट्रेन के संभावित संचलन का समय है। डीएफसीसीआईएल की योजना है कि प्रत्येक गलियारे पर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से प्रतिदिन 120 ट्रेनें चलाई जाएं। इसकी शुरुआत के लिए सरकार निजी कंपिनयों को निश्चित संख्या में ट्रेनों का संचालन करने की अनुमति दे सकती है।
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सूत्रों का कहना है कि पहले भी इस बात पर चर्चा हो चुकी है कि क्या पूरे गलियारे का विमुद्रीकरण किया जा सकता है। हालांकि, पूर्वी और पश्चिमी डीएफसी के पूरा होने में देरी सरकार के लिए चिंता का कारण बन गई है। रेल मंत्रालय की प्रमुख योजना निजी कंपनियों द्वारा यात्री ट्रेनों को चलाने और इन दोनों कॉरिडोर के पूरा होने पर 130 और 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली ट्रेनों की गति बढ़ाने की है।
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अब तक पूर्वी डीएफसी के 2,343 किमी में से केवल 500 किमी और पश्चिमी डीएफसी के 1,506 किमी में से 306 किमी पूरे हो चुके हैं। कोविड की वजह से परियोजना की समय सीमा पर असर पड़ा है। उदाहरण के लिए, 157 किमी भदान-भूपुर खंड और पूर्वी डीएफसी जिसे मार्च में पूरा होना था, अब यह अक्तूबर में पूरा होगा।
सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें हो रही देरी पर चिंता जताई। उनके पर्यवेक्षण के बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने प्रगति की सख्त निगरानी के लिए साप्ताहिक बैठकें शुरू कर दी हैं। रेल मंत्रालय ने दोनों डीएफसी के संचालन के लिए जून 2022 की समयसीमा तय की हुई है।