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भारतीय संसद: एक क्लिक पर मिलेगा 167 साल का इतिहास
Tue, 13 Jul 2021 05:53 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 13 Jul 2021 05:53 AM IST
सार
- डिजिटल लाइब्रेरी की वेबसाइट में उपलब्ध होंगे वाद विवाद से जुड़े चार लाख दस्तावेज, संसद एप से इसी सत्र से मिलेगी अहम जानकारियां
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संसद (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
जल्द ही संसद के 167 साल के इतिहास की जानकारी महज एक क्लिक के जरिए हासिल हो सकेगी। कुछ महीने बाद संसद की डिजिटल लाइब्रेरी की वेबसाइट पर हमें वर्ष 1854 से अब तक संसद में हुए वाद विवाद की एक-एक जानकारी उपलब्ध होगी। वेबसाइट पर वाद विवाद से संबंधित चार लाख दस्तावेज और चालीस लाख पृष्ठ को डाले जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि संसद में ब्रिटिश काल से अब तक जितने भी वाद विवाद हुए हैं, उसे आम नागरिकों को सहज रूप से उपलब्ध कराने की कोशिश हो रही है। हमारे पास 1854 से लेकर अब तक के कई दस्तावेज उपलब्ध हैं। अब तक दसवीं से 17वीं लोकसभा में हुए वाद विवाद को डिजिटल कर दिया गया है। इस साल तक 167 साल के दौरान हुए वाद विवाद को डिजिटल स्वरूप में वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसका मकसद बस इतना है कि देशवासी संसद के विभिन्न आयामों से सहज रूप से परिचित हो सकें।
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एक देश एक पोर्टल
लोकसभा के पोर्टल पर देश की विभिन्न विधानसभाओं की भी जानकारी उपलब्ध होगी। बिरला के मुताबिक देहरादून में पीठासीन अधिकारियों की बैठक में इस संबंध में समिति का गठन किया गया था। उसने अपनी रिपोर्ट दे दी है। अब स्वतंत्रता दिवस के बाद पीठासीन अधिकारियों की एक और बैठक होगी। इसमें समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों के आधार पर इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जाएगा।
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संसद का एप भी
स्पीकर ने संसद को पूरी तरह से तकनीक से जोड़ने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसी सत्र के दौरान संसद एप पेश होगा। इसमें संसद टीवी का सीधा प्रसारण, सवाल-जवाब, वाद विवाद सहित कई अन्य अहम जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि विशेष प्रयास के कारण अब सांसद ई नोटिस के जरिए अपने प्रश्न भेज रहे हैं। इस सत्र में कोशिश इसे सौ फीसदी तक ले जाने की है। सांसदों को पुस्तकालय के रिसर्च विभाग के जरिए ऑनलाइन किसी विषय से संबंधित डाटा चौबीस घंटे उपलब्ध है। पुस्तकालय को ऑनलाइन कर दिया गया है। सांसद ऑनलाइन ही जरूरी पुस्तकें अपने घर पर मंगा सकते हैं।
रविवार को सर्वदलीय बैठक
19 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र के सुचारु संचालन के लिए स्पीकर 18 जुलाई, रविवार को सभी दलों के फ्लोर नेताओं के साथ चर्चा करेंगे। स्पीकर ने बताया कि सत्र में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन होगा। अब तक 311 सांसदों ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले ली हैं। करीब दो दर्जन सांसदों ने स्वास्थ्य कारणों से एक भी डोज नहीं ली है। सांसदों के अतिरिक्त संसद आने वाले लोगों को आरटी पीसीआर टेस्ट कराना होगा। पहले की तरह सांसदों को सामाजिक दूरी का पालन करना होगा।