फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   indian navy next generation offshore patrol vessel shruti launched

नौसेना को मिली ताकत: अगली पीढ़ी का गश्ती पोत श्रुति लॉन्च, समुद्री निगरानी से एंटी-पायरेसी तक संभालेगा मोर्चा

Tue, 11 Aug 2026 10:37 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली। Published by: राकेश कुमार Updated Tue, 11 Aug 2026 10:37 PM IST
सार

श्रुति का लॉन्च भारतीय नौसेना के स्वदेशी जहाज निर्माण अभियान की दिशा में अहम कदम है। समुद्री निगरानी, बचाव, तटीय संपत्तियों की सुरक्षा और एंटी-पायरेसी जैसे कई मिशनों में ऐसे पोत नौसेना की ताकत बढ़ाएंगे।
 

विज्ञापन
indian navy next generation offshore patrol vessel shruti launched
गश्ती पोत श्रुति - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भारतीय नौसेना के बेड़े में एक और स्वदेशी पोत शामिल होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (एनजीओपीवी) श्रुति को मंगलवार को लॉन्च किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, यह भारतीय नौसेना के स्वदेशी युद्धपोत निर्माण अभियान की दिशा में एक और अहम उपलब्धि है। ‘श्रुति’ को कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) में लॉन्च किया गया। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यार्ड 3037 के नाम से निर्माणाधीन इस पोत के लॉन्च कार्यक्रम में वाइस एडमिरल संजय साधु, कंट्रोलर ऑफ वॉरशिप प्रोडक्शन एंड एक्विजिशन मौजूद रहे।
विज्ञापन


‘श्रुति’ को किन मिशनों में उतारा जा सकेगा?
नई पीढ़ी के ये ऑफशोर पेट्रोल वेसल भारतीय नौसेना के मौजूदा पोतों की क्षमता बढ़ाएंगे। इन्हें कई तरह के समुद्री अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।
  • समुद्री क्षेत्र की निगरानी।
  • खोज और बचाव अभियान।
  • समुद्र में मौजूद महत्वपूर्ण संपत्तियों की सुरक्षा।
  • मानवीय सहायता अभियान।
  • आपदा राहत अभियान (एचएडीआर)।
  • समुद्री डकैती यानी एंटी-पायरेसी मिशन।
इन जहाजों को देश में ही डिजाइन और तैयार किया जा रहा है। इससे भारतीय नौसेना की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कितने शिपयार्ड में बन रहे हैं ये पोत?
एनजीओपीवी का निर्माण एक साथ दो शिपयार्ड में किया जा रहा है। इनमें गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) और कोलकाता का गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार को लॉन्च किया गया ‘श्रुति’ जीआरएसई में तैयार किया जा रहा पोत है। लॉन्च कार्यक्रम में भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्रालय और जीआरएसई के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Nagaur News: नौसेना से रिटायरमेंट के बाद शुरू किया नशे का कारखाना, 389 ग्राम MDMA के साथ पिस्टल और नकदी बरामद
विज्ञापन
विज्ञापन


श्रुति नाम क्यों रखा गया?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन स्वदेशी पोतों के नाम भारत की समृद्ध विरासत से जुड़े हैं। नए पोत का नाम ‘श्रुति’ रखा गया है, जो चार वेदों का संदर्भ देता है। जहाज के क्रेस्ट में उर्सा मेजर तारामंडल और लाल-सफेद रंग का लाइटहाउस दर्शाया गया है। यह डिजाइन पोत की पहचान और उसकी भूमिका से जुड़े प्रतीकों को सामने रखता है।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि श्रुति का लॉन्च भारतीय नौसेना के स्वदेशी जहाज निर्माण अभियान में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह केंद्र सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के विजन के अनुरूप है। नए पोतों के जरिए नौसेना समुद्री निगरानी से लेकर आपदा राहत और एंटी-पायरेसी जैसे अभियानों में अपनी क्षमता को और मजबूत कर सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed