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Indian Navy: अदन की खाड़ी में दूसरा गाइडेड मिसाइल विध्वंसक जहाज तैनात, नौसेना ने कहा- सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध
Thu, 21 Dec 2023 11:01 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Thu, 21 Dec 2023 11:01 PM IST
सार
माल्टा के मालवाहक जहाज के अपहरण के बाद भारतीय नौसेना ने अपने समुद्री डकैती रोधी मिशन के तहत स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक को तैनात किया गया है। नौसेना अधिकारी ने कहा हम सुरक्षा और सहायता के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई
विस्तार
माल्टा के मालवाहक जहाज के अपहरण के बाद भारतीय नौसेना ने अपने समुद्री डकैती रोधी मिशन को बढ़ाने के लिए अदन की खाड़ी में दूसरा फ्रंटलाइन जहाज तैनात किया है। अधिकारियों ने कहा कि नौसेना के पास अब इस क्षेत्र में स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक आईएनएस कोच्चि और आईएनएस कोलकाता है। बता दें समुद्री डाकुओं ने माल्टा के मालवाहक का अपहरण कर दिया है। 14 दिसंबर को माल्टा के जहाज एमवी रुएन से मदद के लिए आई कॉल के बाद नौसेना ने त्वरित प्रतिक्रिया दी।
आईएनएस कोच्चि की मदद से सहायता दी गई- नौसेना
नौसेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि घटना की जांच के लिए तैनात भारतीय नौसेना का समुद्री गश्ती विमान 15 दिसंबर को एमवी रुएन के ऊपर पहुंचा और चालक दल के साथ संपर्क साधा गया। चालक दल से यह पता लगाया गया कि एमवी रुएन जहाज में सेंध लगाई गई थी और चालक दल के सभी सदस्यों को समुद्री डाकुओं ने बंधक बना लिया था। चालक दल के एक सदस्य को भी चोटें आई थीं, लेकिन उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के जवाब में अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती रोधी गश्त पर तैनात आईएनएस कोच्चि को भी सहायता प्रदान करने के लिए तुरंत भेज दिया गया है।
हम सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध-नौसेना
नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि एक जापानी युद्धपोत भी 16 दिसंबर को इस क्षेत्र में आया था और बाद में दिन में स्पेनिश युद्धपोत ईएसपीएनएस विक्टोरिया ने उसे बचा लिया। अधिकारी ने कहा, सोमालिया की ओर यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना का जहाज 16 से 17 दिसंबर तक अपहृत जहाज के बेहद करीब रहा है। घायल चालक दल के सदस्य को भारतीय नौसेना के जहाज पर चिकित्सकीय देखभाल दी गई थी, लेकिन तत्काल चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता के चलते जहाज के दायरे से परे था, उसे 19 दिसंबर को ओमान में स्थानांतरित कर दिया गया था। साथ ही नौसेना अधिकारी ने कहा कि भारतीय नौसेना व्यापारिक जहाजरानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में समुद्र में नाविकों को सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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आईएनएस कोच्चि की मदद से सहायता दी गई- नौसेना
नौसेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि घटना की जांच के लिए तैनात भारतीय नौसेना का समुद्री गश्ती विमान 15 दिसंबर को एमवी रुएन के ऊपर पहुंचा और चालक दल के साथ संपर्क साधा गया। चालक दल से यह पता लगाया गया कि एमवी रुएन जहाज में सेंध लगाई गई थी और चालक दल के सभी सदस्यों को समुद्री डाकुओं ने बंधक बना लिया था। चालक दल के एक सदस्य को भी चोटें आई थीं, लेकिन उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के जवाब में अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती रोधी गश्त पर तैनात आईएनएस कोच्चि को भी सहायता प्रदान करने के लिए तुरंत भेज दिया गया है।
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हम सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध-नौसेना
नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि एक जापानी युद्धपोत भी 16 दिसंबर को इस क्षेत्र में आया था और बाद में दिन में स्पेनिश युद्धपोत ईएसपीएनएस विक्टोरिया ने उसे बचा लिया। अधिकारी ने कहा, सोमालिया की ओर यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना का जहाज 16 से 17 दिसंबर तक अपहृत जहाज के बेहद करीब रहा है। घायल चालक दल के सदस्य को भारतीय नौसेना के जहाज पर चिकित्सकीय देखभाल दी गई थी, लेकिन तत्काल चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता के चलते जहाज के दायरे से परे था, उसे 19 दिसंबर को ओमान में स्थानांतरित कर दिया गया था। साथ ही नौसेना अधिकारी ने कहा कि भारतीय नौसेना व्यापारिक जहाजरानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में समुद्र में नाविकों को सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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