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होवित्जर तोपों के लिए और मारक गोला-बारूद लेने की तैयारी में भारतीय सेना
Wed, 24 Jun 2020 05:13 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 24 Jun 2020 05:13 AM IST
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M777 howitzer(file photo)
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चीन सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच भारतीय सेना हर संकट से निपटने की तैयारी में जुटी है। हाल ही में केंद्र सरकार ने सेना को महत्वपूर्ण साजो-सामान की कमी दूर करने के लिए 500 करोड़ रुपये की आपातकालीन खरीद अनुमति दी है। इसके बाद सेना होवित्जर तोपों के लिए अधिक मारक गोला-बारूद खरीदने की तैयारी में है। इससे 50 किमी तक लक्ष्य को भेदा जा सकता है।
मौजूदा तनाव के चलते वित्तीय शक्तियां सशस्त्र बलों को मिलने के बाद बेहद हल्की होवित्जर तोपों के किए गोला-बारूद की खरीदी का आदेश देने की तैयारी है। इन तोपों को पहाड़ी इलाकों में आसानी से तैनात किया जा सकता है। ऐसा इसलिए भी हो रहा है क्योंकि चीन ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर के साथ तिब्बत और अन्य सीमावर्ती इलाकों में तोपें और हथियार तैनात कर रखा है।
पिछले साल सेना द्वारा आपातकालीन वित्तीय शक्तियों के तहत तेजी से मारक गोला-बारूद पश्चिमी क्षेत्र पर ज्यादा क्षति पहुंचाने के लिए बिना आबादी वाले क्षेत्रों के करीब दुश्मन पर प्रहार करने की क्षमता हासिल करने के लिए शामिल किया गया था। पिछले साल के आदेशों के बाद सेना ने अक्तूबर की समयसीमा तक अमेरिका से गोला-बारूद शामिल करना शुरू कर दिया था।
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मौजूदा तनाव के चलते वित्तीय शक्तियां सशस्त्र बलों को मिलने के बाद बेहद हल्की होवित्जर तोपों के किए गोला-बारूद की खरीदी का आदेश देने की तैयारी है। इन तोपों को पहाड़ी इलाकों में आसानी से तैनात किया जा सकता है। ऐसा इसलिए भी हो रहा है क्योंकि चीन ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर के साथ तिब्बत और अन्य सीमावर्ती इलाकों में तोपें और हथियार तैनात कर रखा है।
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पिछले साल सेना द्वारा आपातकालीन वित्तीय शक्तियों के तहत तेजी से मारक गोला-बारूद पश्चिमी क्षेत्र पर ज्यादा क्षति पहुंचाने के लिए बिना आबादी वाले क्षेत्रों के करीब दुश्मन पर प्रहार करने की क्षमता हासिल करने के लिए शामिल किया गया था। पिछले साल के आदेशों के बाद सेना ने अक्तूबर की समयसीमा तक अमेरिका से गोला-बारूद शामिल करना शुरू कर दिया था।
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