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देश में कोरोना पॉजिटिव की दर 6.73 प्रतिशत, सरकार का टेस्टिंग बढ़ाने पर जोर
Mon, 06 Jul 2020 04:55 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rohit Ojha
Updated Mon, 06 Jul 2020 04:55 PM IST
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कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
भारत में कोरोना संक्रमण के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश भर में कोरोना वायरस की पॉजिटिव दर 6.73 प्रतिशत है। पूरे देश में अभी तक जितने भी कोरोना की जांच के लिए नमूने लिए गए हैं, उसके अनुसार भारत में कोरोना संक्रमण की औसत दर 6.73 फीसदी दर्ज की गई है। मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने टेस्टिंग बढ़ाने, अच्छी तरीके से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और सही समय पर क्लीनिकल मैनेजमेंट पर जोर दिया है।
सकारात्मकता की दर को महामारी के आकलन के लिए एक महत्वपूर्ण पैमाना माना जाता है। जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के अनुसार यह दर हमें इस बात के सबूत प्रदान करता है कि क्या कोई समुदाय कोरोना का पर्याप्त परीक्षण कर रहा है या नहीं। यदि किसी समुदाय में कोरोना पॉजिटिव की दर अधिक है, तो यह साबित होता है कि वहां बीमार और कोरोना के संदिग्ध रोगियों की परीक्षण दर अधिक है।
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दूसरी ओर, कम सकारात्मकता दर ऐसे रोगियों के परीक्षण का संकेत देते हैं, जिनमें कोई लक्षण नहीं है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार जिन देशों ने कोविड -19 के लिए व्यापक स्तर पर परीक्षण किया है, उनका पॉजिटिव रेट कम से कम 14 दिनों के लिए पांच प्रतिशत या उससे कम पर रहना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पिछले 24 घंटे में देश में 24,248 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 425 लोगों की मौत भी हो गई। भारत में कोरोना वायरस के मामले रविवार को रूस से भी ज्यादा हो गए और वह तीसरे नंबर पर पहुंच गया है।
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Union Government has emphasized on increasing testing, prompt contact tracing and timely clinical management of the COVID19 cases. The national Positivity Rate stands at 6.73% : Ministry of Health and Family Welfare
— ANI (@ANI) July 6, 2020
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सकारात्मकता की दर को महामारी के आकलन के लिए एक महत्वपूर्ण पैमाना माना जाता है। जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के अनुसार यह दर हमें इस बात के सबूत प्रदान करता है कि क्या कोई समुदाय कोरोना का पर्याप्त परीक्षण कर रहा है या नहीं। यदि किसी समुदाय में कोरोना पॉजिटिव की दर अधिक है, तो यह साबित होता है कि वहां बीमार और कोरोना के संदिग्ध रोगियों की परीक्षण दर अधिक है।
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दूसरी ओर, कम सकारात्मकता दर ऐसे रोगियों के परीक्षण का संकेत देते हैं, जिनमें कोई लक्षण नहीं है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार जिन देशों ने कोविड -19 के लिए व्यापक स्तर पर परीक्षण किया है, उनका पॉजिटिव रेट कम से कम 14 दिनों के लिए पांच प्रतिशत या उससे कम पर रहना चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पिछले 24 घंटे में देश में 24,248 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 425 लोगों की मौत भी हो गई। भारत में कोरोना वायरस के मामले रविवार को रूस से भी ज्यादा हो गए और वह तीसरे नंबर पर पहुंच गया है।