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सीमा विवाद: भारत-चीन के बीच हो सकती है आठवें दौर की वार्ता, एलएसी पर जवानों की तैनाती जारी

Mon, 19 Oct 2020 01:11 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Mon, 19 Oct 2020 01:11 AM IST
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India-China prepare for 8th round of military commanders talks next week on border dispute on Ladakh
भारत-चीन (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

भारत और चीन के बीच मई से जारी सीमा विवाद अभी तक सुलझ नहीं पाया है। दोनों ही देश एक दूसरे को शक की निगाह से देख रहे हैं, जिस कारण सीमा पर हथियारों और जवानों की तैनाती बढ़ गई है। नई दिल्ली और बीजिंग के बीच सात दौर की वार्ता होने के बाद भी सीमा पर स्थिति सुलझी नहीं है। वहीं, एक बार फिर भारत और चीन सीमा विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए टेबल पर आने वाले हैं। 

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एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लद्दाख में जारी सीमा विवाद सुलझाने को लेकर इस हफ्ते भारत-चीन के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर की वार्ता का आठवां दौर आयोजित होने की उम्मीद है। सर्दियों और बर्फबारी के मद्देनजर दोनों ही सेनाओं ने 1,597 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जवानों की तैनाती में वृद्धि करना शुरू कर दिया है।  
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वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो दोनों ही पक्ष विवाद वाले स्थल पर फिलहाल शांति बहाल करने के लिए व्याकुल नहीं दिख रहे हैं, लेकिन उन्होंने सैन्य कमांडर और राजनयिक स्तरों पर संवाद चैनलों को खुला रखने का फैसला किया है। विवाद वाले स्थलों पर किसी भी विपरीत परिस्थिति को नहीं दोहराने के लिए भी बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 
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पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने प्रस्ताव दिया है कि दोनों पक्ष बख्तरबंद और तोपखाने को पहले वहां से हटाएं इसके बाद पैदल सेना को हटाने की बारी आएगी। वहीं, भारतीय पक्ष बहुत स्पष्ट है कि बख्तरबंद इकाइयों को वापस नहीं लिया जा सकता है, क्योंकि इलाके और क्षमता के कारण विरोधी को लाभ मिल सकता है।

इससे पहले, भारत और चीन के बीच सातवें दौर की वार्ता को लेकर भारतीय सेना के प्रवक्ता ने बताया कि वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने सीमा के पश्चिमी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर डिसइंगेजमेंट (सैनिकों का विघटन) पर विचार विमर्श किया।  

प्रवक्ता ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच हुए विचार सकारात्मक और रचनात्मक होने के साथ एक-दूसरे की स्थिति की समझ को और बेहतर करने वाले थे। दोनों पक्षों ने सैन्य और राजनयिक माध्यमों से वार्ताएं जारी रखने पर सहमति जताई। प्रवक्ता ने बताया कि वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने सैनिकों के विघटन के लिए जल्द से जल्द एक पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर पहुंचने की बात कही।  


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गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच पिछले पांच महीनों से सीमा पर तनाव जारी है। इस दौरान दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प भी हुई है। 15 जून की रात को लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए। इस घटना के बाद सीमा पर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया। 

वहीं, इस झड़प में हताहत हुए चीनी सैनिकों की संख्या को लेकर बीजिंग की तरफ से कोई जानकारी साझा नहीं की गई। हालांकि, एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इस झड़प में चीनी सेना के 43 जवान हताहत हुए थे। 
 

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