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चीन को रोकने के लिए हिंद महासागर में सहयोग बढ़ाएंगे भारत और फ्रांस
Fri, 11 Sep 2020 03:00 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 11 Sep 2020 03:00 AM IST
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राजनाथ सिंह के साथ फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पर्ली
- फोटो : ANI
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समुद्रों में चीन की मंशा को भांपते हुए भारत और फ्रांस हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की बृहस्पतिवार को फ्रांसीसी रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ली से बातचीत में यह महत्वपूर्ण सहमति बनी है। राजनाथ ने पूर्वी लद्दाख में चार महीने से चली आ रही तनातनी के बारे में फ्रांसीसी रक्षामंत्री को बताया।
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सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों ने अपने द्विपक्षीय रिश्तों का दायरा बढ़ाने पर चर्चा की और आपसी हितों के समकालीन क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दे पर भी एक-दूसरे से विचारों का आदान-प्रदान किया।
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अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर पांच राफेल लड़ाकू विमानों के वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किए जाने के बाद दोनों देशों के रक्षामंत्रियों के बीच वार्ता हुई। दोनों मंत्रियों ने हिंद महासागर में भारत-फ्रांस सहयोग के साझा रणनीतिक नजरिये के बारे में काम करने की जरूरत पर जोर दिया।
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समारोह के बाद पार्ली ने कहा, भारत की आजादी के बाद से ही दोनों देशों के लोकतंत्र ने बेहद करीब से एक-दूसरे का सहयोग किया। फ्रांस हमेशा से भारत के अच्छे और खराब वक्त में साथ खड़ा रहा है। बाद में दिल्ली आईं पार्ली ने नेशनल वॉर मेमोरियल का दौरा किया और शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
नौसेना ने तैनाती बढ़ाई
सीमा पर तनातनी को देखते हुए भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी तैनाती महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा दी है। चीन को संदेश देने के लिए इस क्षेत्र में नौसेना ने बड़ी संख्या में जंगी जहाजों और पनडुब्बियों को तैनात कर दिया है।
चीन के कारोबारी जहाजों की आवाजाही के लिए अहम माने जाने वाली मलक्का की खाड़ी के पास भी नौसेना के जहाज ने लंगर डाल रखा है, ताकि ड्रैगन की किसी भी नापाक गतिविधि पर नजर रखी जा सके। हाल ही में भारत और रूस के जंगी जहाजों ने बंगाल की खाड़ी में युद्धाभ्यास किया था।