{"_id":"572fd2c54f1c1b0d5f5cd4c7","slug":"in-gujarat-beef-guilty-gets-three-years-imprisonment","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुजरात: गोमांस रखने के दोषी को तीन साल की सजा ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
गुजरात: गोमांस रखने के दोषी को तीन साल की सजा
एजेंसी/सूरत
Updated Mon, 09 May 2016 05:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात की एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को गोमांस रखने के आरोप में एक व्यक्ति को तीन साल की सजा सुनाई है। यही नहीं, अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
गुजरात के गांदेवी मजिस्ट्रेट सीवी व्यास की अदालत ने शुक्रवार को रफीक इलियासभाई खलीफा (35) को तीन साल जेल की सजा सुनाई।
अदालत ने सजा सुनाते हुए टिप्पणी की कि गाय एक समुदाय की धार्मिक भावनाओं से जुड़ी है। ऐसे में गोमांस रखने का अपराध करना, समाज की शांति को भंग करने का काम कर सकता है। अगर दोषी को जेल की सजा दी जाती है, तो यह दूसरों के लिए एक नजीर पेश करेगा, ताकि वे लोग कभी ऐसा अपराध न करें।
सूरत जिले के गांदेवी तालुका के एक गांव के रहने वाले रफीक को पिछले साल अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था। उसे गौ संरक्षण समूह ने 20 किलोग्राम गोमांस के साथ रंगे हाथ पकड़ा था। जांच में इसके गोमांस होने की पुष्टि हुई थी। बता दें कि गुजरात में गोमांस रखना, बेचना-खरीदना और इसका आदान-प्रदान करने पर प्रतिबंध है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुजरात के गांदेवी मजिस्ट्रेट सीवी व्यास की अदालत ने शुक्रवार को रफीक इलियासभाई खलीफा (35) को तीन साल जेल की सजा सुनाई।
अदालत ने सजा सुनाते हुए टिप्पणी की कि गाय एक समुदाय की धार्मिक भावनाओं से जुड़ी है। ऐसे में गोमांस रखने का अपराध करना, समाज की शांति को भंग करने का काम कर सकता है। अगर दोषी को जेल की सजा दी जाती है, तो यह दूसरों के लिए एक नजीर पेश करेगा, ताकि वे लोग कभी ऐसा अपराध न करें।
विज्ञापन
सूरत जिले के गांदेवी तालुका के एक गांव के रहने वाले रफीक को पिछले साल अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था। उसे गौ संरक्षण समूह ने 20 किलोग्राम गोमांस के साथ रंगे हाथ पकड़ा था। जांच में इसके गोमांस होने की पुष्टि हुई थी। बता दें कि गुजरात में गोमांस रखना, बेचना-खरीदना और इसका आदान-प्रदान करने पर प्रतिबंध है।
विज्ञापन