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चिंताजनक: कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बच्चों के नियमित टीकाकरण में भारी गिरावट
Sun, 13 Jun 2021 06:13 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 13 Jun 2021 06:13 AM IST
सार
- लॉकडाउन के कारण भी टीकाकरण प्रभावित
- कोरोना की दूसरी लहर के दौरान नियमित टीकाकरण में लगभग 60 प्रतिशत की गिरावट
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बच्चों के नियमित टीकाकरण में भारी गिरावट पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता व्यक्त की।
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एक अधिकारी ने शनिवार को बताया, देश भर में एक वर्ष से कम उम्र के अनुमानित 20 लाख से 22 लाख बच्चों को हर महीने राष्ट्रीय कार्यक्रमों के तहत टीकाकरण के लिए लक्षित किया जाता है, जो प्रति वर्ष लगभग 260 लाख बच्चों में तब्दील होता है। लेकिन कोरोना वायरस महामारी के दौरान बच्चों का नियमित टीकाकरण कार्यक्रम काफी प्रभावित हुआ।
नहीं लग पाए डीटीपी, एमएमआर टीके
कई स्वास्थकर्मियों का मानना है कि महामारी के दौरान अधिकतर माता-पिता अपने बच्चों को डीटीपी, न्यूमोकोकल, रोटावायरस और एमएमआर जैसी बीमारियों के खिलाफ जूरूरी नियमित टीकाकरण से चूक गए। ज्यादातर लोग इस दौरान खुद को और बच्चों को कोरोना संक्रमण पकड़ने केडर से टीकाकरण केंद्रों में लाने से डर गए, जिससे ये जरूरी टीके नहीं लग पाए।
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नियमित टीकाकरण में 60 प्रतिशत की गिरावट
कोलंबिया एशिया अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ सुमित गुप्ता ने बताया, हमने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान नियमित टीकाकरण में लगभग 60 प्रतिशत की गिरावट देखी, जो पिछले साल की गिरावट दर से अधिक है।
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इसका कारण है, कई लोग कोरोना काल में अस्पतालों का दौरा करने से डर रहे हैं और कुछ लोग टीकाकरण से चूक गए, क्योंकि वे लॉकडाउन के कारण यात्रा नहीं कर सके।
उन्होंने बताया, टीकाकरण में एक या दो महीने की देरी हो सकती है, लेकिन बच्चों में सही समय पर प्रतिरक्षा की सही मात्रा पैदा करने के लिए अनिवार्य टीके निर्धारित कार्यक्त्रस्म के अनुसार दिए जाने चाहिए।