फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Home minister Rajnath singh Meet PM Modi on Kashmir issue

अलगाववादियों पर लगाम कस सकती है सरकार, राजनाथ ने मोदी से की चर्चा

Tue, 06 Sep 2016 07:52 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 06 Sep 2016 07:52 PM IST
विज्ञापन
Home minister Rajnath singh Meet PM Modi on Kashmir issue
rajnath singh - फोटो : PTI

कश्मीर दौरे पर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें मौजूदा हालात की जानकारी दी। कश्मीर के तमाम हालातों के बीच गृहमंत्री ने अलगाववादियों के रुख के बारे में भी विस्तार से प्रधानमंत्री को जानकारी दी। 

विज्ञापन


इस दौरान अलगाववादियों के अडियल रुख की भी चर्चा हुई जिसमें कश्मीर में लगातार हालात बिगड़ने के लिए उनके इस रुख को ही जिम्मेदार माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो जिस तरह से अलगाववादियों ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के लिए दरवाजे बंद किए और किसी भी तरह की वार्ता से इंकार कर दिया उसको सरकार ने गंभीरता से लिया है।
विज्ञापन


अलगाववादियों के इसी अड़ियल रुख के चलते वार्ता पूरी तरह सफल नहीं हो सकी थी। जिसके चलते सरकार ने अब अलगाववादियों पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है। आने वाले समय में इसके परिणाम देखने को भी मिल सकते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रधानमंत्री मोदी से गृहमंत्री की मुलाकात को भी इसी कड़ी में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार अलगाववादियों को मिलने वाली सुविधाओं में कटौती कर सकती है। सरकार का मानना है कि कश्मीर में लगातार हालात बिगड़ने के पीछे बड़ी वजह वे अलगाववादी ही हैं जो किसी भी हाल में वहां अमन चैन नहीं होने देना चाहते। इसलिए सरकार अब अलगाववादियों के खिलाफ सख्ती के मूड़ में आ चुकी है।

सरकार का मानना, अलगाववादी नेता बिगाड़ रहे माहौल

Home minister Rajnath singh Meet PM Modi on Kashmir issue

सूत्रों की मानें तो जल्द ही अलगाववादियों को मिलने वाली तमाम वीआईपी सुविधाओं में कटौती की जा सकती है। इसके अलावा कुछ अलगाववादी नेताओं को मिली हाई सिक्योरिटी भी वापस ली जा सकती है, जो उन्हें पिछली सरकार के रहमोकरम की वजह से मिली हुई थीं। 

इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों की निगाहें अलगाववादी नेताओं को चंदे के नाम पर मिलने वाली विदेशी मदद पर भी टिक गई है। एनआईए की राडार पर ऐसे कई अलगाववादी नेताओं के बैंक अकाउंट और उनकी गतिविधियां हैं। 

कट्टरपंथी धड़े के नेता और सैयद अली शाह गिलानी के बड़े बेटे डा. नईम गिलानी को तो एनआईए ने नोटिस भी जारी कर दिया है। एनआईए उनके दो खातों में आए विदेशी पैसे के संबंध में पूछताछ करना चाहती है। इन खातों में लगातार बड़े लेनदेन होते रहे हैं। 

एनआईए को आशंका है कि इस पैसे को घाटी में हिंसा फैलाने वालों के बीच बांटा गया है। ऐसे में साफ है कि अलगाववादियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। 

हालांकि सरकार अपनी तरफ से अभी यह ही कह रही है कि वार्ता के लिए उसके दरवाजे सभी के लिए पूरी तरह खुले हुए हैं लेकिन इस बात की उम्‍मीद कम ही है कि सरकार अब अलगाववादियों से कोई और बातचीत करेगी। अगर ऐसा होता है तो अलगाववादियों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि राज्य में पहले से ही मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती उनके प्रति सख्त रुख अपनाए हुए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed