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घायल अभ्यर्थी को फेल करने पर मेडिकल बोर्ड पर दस हजार हर्जाना
ब्यूरो, अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 05 Sep 2018 03:48 AM IST
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हाईकोर्ट ने मृतक आश्रित कोटे के तहत दरोगा भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी को घायल होने के बावजूद मेडिकल में फेल कर देने पर पुलिस मेडिकल बोर्ड पर दस हजार रुपये हर्जाना लगाया है। कोर्ट ने अभ्यर्थी का छह सप्ताह के बाद मेडिकल टेस्ट लेने का निर्देश दिया है।
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कोर्ट का कहना था कि जिसके पैर की हड्डी टूटी हो वह मैदान का 12 चक्कर कैसे लगा सकता है और इस आधार पर उसे फेल कर दिया गया। मथुरा के आसिफ अली की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने यह आदेश दिया है।
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कोर्ट ने याची की नियुक्ति से संबंधित पत्रावली सीलबंद लिफाफे में एसएसपी मथुरा की अभिरक्षा में रखने का निर्देश दिया है। याची ने मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति के लिए अर्जी दी थी। उसे उपनिरीक्षक पद पर शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया। परीक्षा केलिए जाते समय याची रास्ते में दुघर्टना का शिकार हो गया। उसके पैर में चोट आई।
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इस पर मेडिकल बोर्ड ने उसे तीसरे दिन बुलाया। तीसरे दिन भी उसके पैर में सूजन और चोट थी, इस आधार पर उसे फेल कर दिया गया। कोर्ट के निर्देश पर सीएमओ ने अस्थि रोग विशेषज्ञ से याची की जांच कराई। जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि याची के पैर में फ्रैक्चर था, इसलिए वह दौड़ नहीं सकता था। कोर्ट ने छह सप्ताह के बाद मेडिकल कराने का निर्देश दिया है।