फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Heat Wave in India History Year Wise Stats High Temperature Records State Wise UP MP Rajasthan News in Hindi

Heat Wave: 2013 से 2022 तक UP-MP सहित इन पांच राज्यों में पड़ी सबसे भीषण गर्मी; लू के दिनों में भी बढ़ोतरी

Tue, 06 Aug 2024 07:22 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Tue, 06 Aug 2024 07:22 PM IST
सार

'गर्म जलवायु में मानसून का प्रबंधन' शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दशक में तटीय क्षेत्रों के 74 प्रतिशत जिले, मैदानी इलाकों के 71 प्रतिशत और पहाड़ी इलाकों के 65 प्रतिशत जिलों में अत्यधिक गर्मी का असर उच्च से बहुत अधिक तक दर्ज किया गया। 

विज्ञापन
Heat Wave in India History Year Wise Stats High Temperature Records State Wise UP MP Rajasthan News in Hindi
हीटवेव हॉटस्पॉट राज्य। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इन दिनों हो रही लगातार बारिश ने भले ही फिलहाल भीषण गर्मी पर अंकुश लगाया हो, लेकिन अभी भी उमस बरकरार है। इस बीच, एक नए शोध में बताया गया है कि 2013-22 के दशक में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और त्रिपुरा में सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई। स्वतंत्र विकासात्मक संगठन आईपीई ग्लोबल लिमिटेड और ईएसआरआई इंडिया टेक्नोलॉजीज की रिपोर्ट में ये जानकारी दी गई है। 

विज्ञापन

 

'गर्म जलवायु में मानसून का प्रबंधन' शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दशक में तटीय क्षेत्रों के 74 प्रतिशत जिले, मैदानी इलाकों के 71 प्रतिशत और पहाड़ी इलाकों के 65 प्रतिशत जिलों में अत्यधिक गर्मी का असर उच्च से बहुत अधिक तक दर्ज किया गया। 

वहीं, इस दौरान मैदानी और पहाड़ी जिलों में लू के दिनों में 36 प्रतिशत की बढोतरी भी देखी गई वहीं, तटीय जिलों में यह आंकड़ा 30 प्रतिशत था। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और त्रिपुरा इस दशक में शीर्ष पांच हीटवेव हॉटस्पॉट राज्य थे। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि सबसे ज्यादा भीषण गर्मी इस दशक में 2015 में हुई, जो 1998 की घटना के बाद दूसरी सबसे घातक घटना थी।

वहीं, इस दशक में पिछले दो दशकों की तुलना में कम संचयी हीटवेव वाले दिन दर्ज किए गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मार्च-अप्रैल-मई की अवधि और उसके बाद जून-जुलाई-अगस्त-सितंबर की अवधि के दौरान मैदानी इलाकों के जिलों में सबसे अधिक गर्मी वाले दिन देखे गए। वहीं, पिछले दशक में तटीय जिलों में आवृत्ति और तीव्रता दोनों में हीटवेव की संख्या में गिरावट देखी गई। ऐसा बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में चक्रवाती गतिविधियों में हुई बढोतरी के कारण संभव हुआ। 

विज्ञापन

10 सालों में हुईं इतनी मौतें
इस रिपोर्ट में इन 10 सालों में भीषण गर्मी और सनस्ट्रोक से होने वाली मौतों के बारे में जानकारी दी गई है। इसके मुताबिक,2013 से 10 वर्षों में भारत में अत्यधिक गर्मी और सनस्ट्रोक ने 10,635 लोगों की जान ले ली। इस अवधि के दौरान आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा 2203 मौतें दर्ज की गईं। इसके बाद उत्तर प्रदेश में1,485, तेलंगाना में 1,172, पंजाब में 1,030, बिहार में 938, महाराष्ट्र में 867, ओडिशा में 609, झारखंड में 517, हरियाणा में 461, पश्चिम बंगाल में 357, राजस्थान में 345, गुजरात में 263, और मध्य प्रदेश में 213 लोगों की मौत हुई। वहीं, दिल्ली में 13 मौतें दर्ज की गईं। वहीं, इस दशक में साल 2015 में सबसे ज्यादा 1,908 मौतें दर्ज की गईं।

 

आईएमडी ने दिया ये आंकड़ा
वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, इस गर्मी में, भारत में 536 दिनों तक लू चली। यह आंकड़ा बीते14 साल में सबसे अधिक है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में 1901 के बाद से इस साल जून का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed