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Corona update: संक्रमितों की संख्या 3374 हुई, 472 नए मामले, अबतक 83 की मौत
Sun, 05 Apr 2020 04:14 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sun, 05 Apr 2020 04:14 PM IST
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स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल
- फोटो : ANI
देश में कोरोना वायरस के हालात को लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने रविवार को संवाददाता सम्मेलन करते हुए बताया कि देश में कल से लेकर आज तक कोरोना वायरस के 472 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश में अब तक 3374 लोग इस जानलेवा वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते अब तक देश में 83 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि कल से लेकर आज तक में कोरोना से 11 लोगों की मौत हुई है। 267 लोग इस वायरस से ठीक हुए है, जिन्हें इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, वहीं एक अन्य मरीज दूसरे देश चला गया है। अग्रवाल ने बताया कि जानलेवा कोरोना वायरस से देश के 274 जिले प्रभावित है।
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देश में हर 4.1 दिन में मामले दोगुना हो रहे
सचिव ने देश में कोरोना मामलों की दोगुने होने की रफ्तार को लेकर बताया कि देश में कोरोना वायरस के मामले औसत 4.1 दिनों में दोगुना हो रहे है, अगर तब्लीगी जमात की घटना नहीं हुई होती तो संक्रमण के मामलों को दोगुना होने में औसत 7.4 दिन लगते।
लॉकडाउन को प्रभावी बनाने के लिए सरकार समीक्षा कर रही
अग्रवाल ने कहा कि कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन को प्रभावी बनाने के प्रयासों की, सरकार निरंतर समीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में रविवार को कैबिनेट सचिव ने जिला स्तर पर लॉकडाउन को प्रभावी बनाने की समीक्षा करने के लिए सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों सहित राज्य सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए बैठक की।
अग्रवाल ने कहा कि अब तक देश के 272 जिलों में कोरोना के मरीज सामने आने के मद्देनजर जिलाधिकारियों को तत्काल जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन कार्ययोजना बनाकर अमल में लाने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि संक्रमण को रोकने के लिये भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) ने परामर्श जारी कर लोगों से सार्वजनिक स्थलों पर नहीं थूकने, धूम्रपान करने से बचने और गुटखा आदि तंबाकू पदार्थों का सेवन करने से बचने को कहा है। आईसीएमआर ने कहा है कि सार्वजनिक स्थलों पर थूकने से कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के पालन को कोरोना से बचाव की सर्वश्रेष्ठ उपलब्ध वैक्सीन बताते हुए इनका पालन करने की अपील की है।
हवा से नहीं फैल सकता वायरस
संवाददाता सम्मेलन में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के रमन आर गंगाखेड़कर ने बताया कि कोरोना वायरस के हवा से प्रसार होने के कोई सबूत नहीं है। उन्होंने बताया कि कोरोना के त्वरित परीक्षण के लिये ‘रेपिड टेस्ट किट’ की आपूर्ति बुधवार से शुरु होने की उम्मीद है। इस किट की उपलब्धता के बाद संक्रमण के अधिक प्रभाव वाले इलाकों से ‘त्वरित परीक्षण’ प्रणाली से जांच शुरू कर दी जाएगी।
पीपीई का घरेलू उत्पादन शुरू
चिकित्साकर्मियों की निजी सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाली पीपीई किट की राज्यों में कमी के सवाल पर अग्रवाल ने कहा कि पीपीई का पहले सिर्फ आयात होता था। लेकिन इस साल जनवरी से पीपीई का घरेलू उत्पादन भी शुरू किया गया है। साथ ही इसकी उपलब्धता को मांग के अनुरूप बनाए रखने के लिए विदेशों से आयात भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीपीई की कमी को जल्द दूर कर मांग के अनुरूप आपूर्ति बहाल हो जायेगी।
27,661 राहत शिविरों में 12.5 लाख लोगों ने शरण ली
संवाददता सम्मेलन में गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि लॉकडाउन के लिए जारी किए गए दिशानिर्देशों का राज्यों द्वारा पालन किया जा रहा है। आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की स्थिति संतोषजनक है।
सचिव ने बताया कि 27,661 राहत शिविर और आश्रय गृह पूरे भारत में सभी राज्यों में स्थापित किए गए हैं। इनमें से 23,924 सरकार द्वारा और 3,737 गैर-सरकारी संगठनों द्वारा तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि इनमें 12.5 लाख लोगों ने शरण ली हुई हैं। 19,460 खाद्य शिविर भी स्थापित किए गए हैं। इनमें से 9,951 सरकार द्वारा और 9,509 गैर-सरकारी संगठनों द्वारा तैयार किया गया है।
75 लाख से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा
संयुक्त सचिव ने बताया कि 75 लाख से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। 13.6 लाख श्रमिकों को उनके नियोक्ताओं और उद्योग द्वारा आश्रय और भोजन प्रदान किया जा रहा है।
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स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते अब तक देश में 83 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि कल से लेकर आज तक में कोरोना से 11 लोगों की मौत हुई है। 267 लोग इस वायरस से ठीक हुए है, जिन्हें इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, वहीं एक अन्य मरीज दूसरे देश चला गया है। अग्रवाल ने बताया कि जानलेवा कोरोना वायरस से देश के 274 जिले प्रभावित है।
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देश में हर 4.1 दिन में मामले दोगुना हो रहे
सचिव ने देश में कोरोना मामलों की दोगुने होने की रफ्तार को लेकर बताया कि देश में कोरोना वायरस के मामले औसत 4.1 दिनों में दोगुना हो रहे है, अगर तब्लीगी जमात की घटना नहीं हुई होती तो संक्रमण के मामलों को दोगुना होने में औसत 7.4 दिन लगते।
लॉकडाउन को प्रभावी बनाने के लिए सरकार समीक्षा कर रही
अग्रवाल ने कहा कि कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन को प्रभावी बनाने के प्रयासों की, सरकार निरंतर समीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में रविवार को कैबिनेट सचिव ने जिला स्तर पर लॉकडाउन को प्रभावी बनाने की समीक्षा करने के लिए सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों सहित राज्य सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए बैठक की।
अग्रवाल ने कहा कि अब तक देश के 272 जिलों में कोरोना के मरीज सामने आने के मद्देनजर जिलाधिकारियों को तत्काल जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन कार्ययोजना बनाकर अमल में लाने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि संक्रमण को रोकने के लिये भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) ने परामर्श जारी कर लोगों से सार्वजनिक स्थलों पर नहीं थूकने, धूम्रपान करने से बचने और गुटखा आदि तंबाकू पदार्थों का सेवन करने से बचने को कहा है। आईसीएमआर ने कहा है कि सार्वजनिक स्थलों पर थूकने से कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
अग्रवाल ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के पालन को कोरोना से बचाव की सर्वश्रेष्ठ उपलब्ध वैक्सीन बताते हुए इनका पालन करने की अपील की है।
हवा से नहीं फैल सकता वायरस
संवाददाता सम्मेलन में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के रमन आर गंगाखेड़कर ने बताया कि कोरोना वायरस के हवा से प्रसार होने के कोई सबूत नहीं है। उन्होंने बताया कि कोरोना के त्वरित परीक्षण के लिये ‘रेपिड टेस्ट किट’ की आपूर्ति बुधवार से शुरु होने की उम्मीद है। इस किट की उपलब्धता के बाद संक्रमण के अधिक प्रभाव वाले इलाकों से ‘त्वरित परीक्षण’ प्रणाली से जांच शुरू कर दी जाएगी।
पीपीई का घरेलू उत्पादन शुरू
चिकित्साकर्मियों की निजी सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाली पीपीई किट की राज्यों में कमी के सवाल पर अग्रवाल ने कहा कि पीपीई का पहले सिर्फ आयात होता था। लेकिन इस साल जनवरी से पीपीई का घरेलू उत्पादन भी शुरू किया गया है। साथ ही इसकी उपलब्धता को मांग के अनुरूप बनाए रखने के लिए विदेशों से आयात भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीपीई की कमी को जल्द दूर कर मांग के अनुरूप आपूर्ति बहाल हो जायेगी।
27,661 राहत शिविरों में 12.5 लाख लोगों ने शरण ली
संवाददता सम्मेलन में गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि लॉकडाउन के लिए जारी किए गए दिशानिर्देशों का राज्यों द्वारा पालन किया जा रहा है। आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की स्थिति संतोषजनक है।
सचिव ने बताया कि 27,661 राहत शिविर और आश्रय गृह पूरे भारत में सभी राज्यों में स्थापित किए गए हैं। इनमें से 23,924 सरकार द्वारा और 3,737 गैर-सरकारी संगठनों द्वारा तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि इनमें 12.5 लाख लोगों ने शरण ली हुई हैं। 19,460 खाद्य शिविर भी स्थापित किए गए हैं। इनमें से 9,951 सरकार द्वारा और 9,509 गैर-सरकारी संगठनों द्वारा तैयार किया गया है।
75 लाख से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा
संयुक्त सचिव ने बताया कि 75 लाख से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। 13.6 लाख श्रमिकों को उनके नियोक्ताओं और उद्योग द्वारा आश्रय और भोजन प्रदान किया जा रहा है।