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आगे बढ़ता जाएगा भाजपा का कारवां
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
Updated Mon, 18 Dec 2017 07:05 PM IST
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बीजेपी की जीत का जश्न मनाते कार्यकर्ता
- फोटो : PTI
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गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव जीतने के बाद पार्टी के हौसले बुलंद हैं। 14 राज्यों में भाजपा की और कुल 19 राज्यों में एनडीए की सरकार है। राजनीति के पंडितों का मानना है कि अब आगे भाजपा का विजय रथ रुक पाना मुश्किल है। वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई भी मानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष शाह की टीम का मुकाबला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी नहीं कर सकते। यही बात अमर सिंह भी दोहराते हैं। अमर सिंह राहुल गांधी को अध्यक्ष बनने की बधाई देते हैं लेकिन साफ कहते हैं कि आने वाला समय भाजपा का है।
2018 में कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश (म.प्र.), छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों के चुनाव प्रस्तावित हैं। गुजरात के बाद अगला मुकाबला कर्नाटक में होना है। भाजपा ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए आक्रामक प्रचार अभियान चला रखा है। कांग्रेस पार्टी सत्ता में है और वापसी के लिए मुख्यमंत्री सिद्धरमैया राजनीति के समीकारण बैठा रहे हैं। भाजपा ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर जैसे जमीनी नेता को गुजरात का प्रभार सौंप रखा है। जावड़ेकर कर्नाटक के लिए पिछले कुछ महीने से सक्रिय हैं। वह इसे ध्यान में रखकर अभी से जनवरी और फरवरी का अपना कार्यक्रम तय कर रहे हैं। भाजपा को भी कर्नाटक में काफी उम्मीदें हैं।
म.प्र. में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा लगातार चुनाव लड़कर जीत रही है। शिवराज जमीनी नेता हैं। हालांकि कांग्रेस के पास म.प्र. में नेताओं की कमी नहीं है। बल्कि यूं कहा जाए कि कांग्रेस के पास म.प्र. में ही क्षेत्रीय नेताओं की भरमार है। ऐसे में वहां इस बार मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। यही स्थिति छत्तीसगढ़ की है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह चौथी बार भाजपा की सरकार बनाने में सफलता पाने के लिए करीब सालभर से सक्रिय हैं।
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राजस्थान परंपरागत सधी हुई राजनीति के लिए जाना जाता है। यहां वसुंधरा राजे सिंधिया मुख्यमंत्री हैं। भाजपा के नेता के तौर पर बड़ा चेहरा हैं। हालांकि राजस्थान में भी चुनाव के दौरान सत्ता बदलने का चलन है। कांग्रेस पार्टी वहां लगातार अपने प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में आंदोलनरत है। ऐसे में आने वाला साल भाजपा के लिए राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम है। माना जा रहा है कि इन चुनावों में भाजपा की सफलता 2019 आम चुनाव के लिए मजबूत आधार तैयार कर देगी।
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2018 में कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश (म.प्र.), छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों के चुनाव प्रस्तावित हैं। गुजरात के बाद अगला मुकाबला कर्नाटक में होना है। भाजपा ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए आक्रामक प्रचार अभियान चला रखा है। कांग्रेस पार्टी सत्ता में है और वापसी के लिए मुख्यमंत्री सिद्धरमैया राजनीति के समीकारण बैठा रहे हैं। भाजपा ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर जैसे जमीनी नेता को गुजरात का प्रभार सौंप रखा है। जावड़ेकर कर्नाटक के लिए पिछले कुछ महीने से सक्रिय हैं। वह इसे ध्यान में रखकर अभी से जनवरी और फरवरी का अपना कार्यक्रम तय कर रहे हैं। भाजपा को भी कर्नाटक में काफी उम्मीदें हैं।
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म.प्र. में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा लगातार चुनाव लड़कर जीत रही है। शिवराज जमीनी नेता हैं। हालांकि कांग्रेस के पास म.प्र. में नेताओं की कमी नहीं है। बल्कि यूं कहा जाए कि कांग्रेस के पास म.प्र. में ही क्षेत्रीय नेताओं की भरमार है। ऐसे में वहां इस बार मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। यही स्थिति छत्तीसगढ़ की है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह चौथी बार भाजपा की सरकार बनाने में सफलता पाने के लिए करीब सालभर से सक्रिय हैं।
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राजस्थान परंपरागत सधी हुई राजनीति के लिए जाना जाता है। यहां वसुंधरा राजे सिंधिया मुख्यमंत्री हैं। भाजपा के नेता के तौर पर बड़ा चेहरा हैं। हालांकि राजस्थान में भी चुनाव के दौरान सत्ता बदलने का चलन है। कांग्रेस पार्टी वहां लगातार अपने प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में आंदोलनरत है। ऐसे में आने वाला साल भाजपा के लिए राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम है। माना जा रहा है कि इन चुनावों में भाजपा की सफलता 2019 आम चुनाव के लिए मजबूत आधार तैयार कर देगी।