Gujarat Election: क्या गिरफ्तार होंगे मनीष सिसोदिया, अरविंद केजरीवाल के पास क्या है बैकअप प्लान?
Gujarat Election: सूत्रों के मुताबिक़, प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी एफआईआर में सिसोदिया के करीबी समीर महेंद्रू के जरिए कम से कम दो लोगों को मोटी रकम कैश में पहुंचाने का आरोप लगाया है। माना जा रहा है कि इन दो लोगों का संबंध मनीष सिसोदिया के करीबियों से हो सकता है...
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दिल्ली की शराब नीति घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने मनीष सिसोदिया के करीबी समीर महेंद्रू को गिरफ्तार कर लिया है। इसके पहले सीबीआई ने पिछले मंगलवार को ही इस मामले के एक अन्य आरोपी विजय नायर को गिरफ्तार किया था। चूंकि सीबीआई ने एक्साइज घोटाले में मनीष सिसोदिया को आरोपी नंबर वन बनाया है, इसलिए माना जा रहा है कि देर-सबेर उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। अरविंद केजरीवाल पहले से ही उनके गिरफ्तार किए जाने की आशंका जताते रहे हैं। यदि सिसोदिया की गिरफ्तारी होती है, तो इसका आम आदमी पार्टी की चुनावी तैयारियों पर इसका क्या असर पड़ेगा? आम आदमी पार्टी के पास इस स्थिति से निपटने के लिए क्या बैकअप प्लान है?
अब सिसोदिया की बारी?
सूत्रों के मुताबिक़, प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी एफआईआर में सिसोदिया के करीबी समीर महेंद्रू के जरिए कम से कम दो लोगों को मोटी रकम कैश में पहुंचाने का आरोप लगाया है। माना जा रहा है कि इन दो लोगों का संबंध मनीष सिसोदिया के करीबियों से हो सकता है। लिहाजा समीर महेंद्रू की केंद्रीय एजेंसी के सामने एक भी आरोप स्वीकार कर लेने से मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी का रास्ता खुल जाएगा। केंद्रीय सेवा में रह चुके अरविंद केजरीवाल सीबीआई की इस कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझते हैं, यही कारण है कि वे पहले ही सिसोदिया के गिरफ्तार किये जाने की बात कहने लगे हैं। यही कारण है कि वे आरोप लगा रहे हैं कि विजय नायर पर सिसोदिया के खिलाफ बयान देने के लिए दबाव डाला जा रहा है।
जिस तरह अरविंद केजरीवाल ने एक और आज़ादी की लड़ाई के लिए कार्यकताओं को तैयार रहने के लिए कहा है, उससे माना जा रहा है कि वे भी सिसोदिया की गिरफ्तारी तय मान कर चल रहे हैं। लेकिन एक बेहतर सेना नायक की तरह वे अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाये रखने के लिए लड़ाई मजबूती के साथ लड़ने का संकेत दे रहे हैं। लेकिन क्या केवल इस मनोबल से वे गुजरात में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे?
क्या गुजरात चुनाव प्रचार पर असर पड़ेगा?
चूंकि, विजय नायर आम आदमी पार्टी का गुजरात में चुनाव प्रचार का काम संभाल रहे थे, इसलिए फौरी तौर पर आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रचार का काम प्रभावित होने की आशंका है। स्वयं अरविंद केजरीवाल ने भी माना है कि नायर ने पंजाब चुनावों के दौरान पार्टी का बेहतर काम किया था और वे गुजरात में भी बेहतर काम कर रहे थे। इससे अब आम आदमी पार्टी का गुजरात में सोशल मीडिया पर प्रचार प्रभावित हो सकता है।
हालांकि, उनकी टीम के लोग अभी भी कार्य कर रहे हैं और उन्हें संदीप पाठक का मार्गदर्शन मिल रहा है, लिहाजा इस बात की आशंका कम ही है कि इससे केजरीवाल का चुनाव प्रचार अभियान कमजोर हो जाएगा, लेकिन आम आदमी पार्टी इस विक्टिम कार्ड को खेलकर अपनी दावेदारी मजबूत करने और इस स्थिति का लाभ उठाने की कोशिश अवश्य करेगी। यदि मनीष सिसोदिया भी गिरफ्तार होंगे तो केजरीवाल इसे भी गुजरात में जोर-शोर से भुनाने की कोशिश करेंगे।
क्या मिलेगा लाभ?
राजनीतिक विश्लेषक धीरेंद्र कुमार ने अमर उजाला से कहा कि आम आदमी पार्टी का गुजरात अभियान केवल नायर की गिरफ्तारी से थमने वाला नहीं है। जनता भी अब इतनी परिपक्व है कि वह इन राजनीतिक तिकड़मों को बेहतर ढंग से समझती है, लिहाजा इसका कोई विशेष असर नहीं पड़ने वाला है। लेकिन सिसोदिया जैसा आम आदमी पार्टी का एक बड़ा चेहरा भ्रष्टाचार के मामले में जेल जाता है तो इससे आम आदमी पार्टी की उस स्वच्छ-ईमानदार राजनीति पर बट्टा जरूर लगेगा जिसका वह दावा करती आई है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी गुजरात में कितना बेहतर चुनाव लडती है, यह आम आदमी पार्टी से ज्यादा कांग्रेस की चुनावी तैयारियों पर निर्भर करता है। भाजपा के मतदाता अभी भी मोदी-शाह और हिंदुत्व के नाम पर उनके साथ खड़े हैं, लेकिन राज्य में गैर भाजपाई मतदाताओं की एक बड़ी संख्या है। किसी मजबूत विकल्प के अभाव में अब तक यह कांग्रेस के साथ जुड़ा हुआ था। लेकिन यदि अहमद पटेल जैसे मजबूत नेताओं की अनुपस्थिति और राहुल गांधी के कमजोर चुनाव प्रचार के कारण कांग्रेस का चुनावी अभियान कमजोर पड़ता है तो यही लाभ आम आदमी पार्टी को मिल सकता है। ध्यान रखना चाहिए कि केजरीवाल को इन्हीं मतदाताओं का साथ दिल्ली-पंजाब में मिल चुका है।
केजरीवाल की राजनीति का पर्दाफाश हुआ- भाजपा
दिल्ली भाजपा के कद्दावर नेता प्रवीण शंकर कपूर ने अमर उजाला से कहा कि केजरीवाल की झूठ और लूट की राजनीति का पर्दाफाश हो गया है। वे बाहर से स्वयं को कट्टर ईमानदार बताते रहे, जबकि अपनी ही सरकार में ऐसी नीतियां लागू करते रहे, जिससे लूट को भी कानूनी जामा पहनाया जा सके। अब उनका लूट का पूरा अर्थशास्त्र जनता के सामने आ चुका है, लिहाजा वे इसे अपनी पार्टी को रोकने की कोशिश करार दे रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि उनकी असलियत खुलकर सामने आ गई है, जिसे वे न तो स्वीकार कर पा रहे हैं और न ही इनकार कर पा रहे हैं। उनकी असलियत सामने आने के बाद वे लोग उनका साथ जरूर छोड़ देंगे जो एक बदलाव की उम्मीद लेकर उनके साथ जुड़ गए थे।
प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि आम आदमी पार्टी की गुजरात में दावेदारी उत्तराखंड और गोवा से बेहतर नहीं होने जा रही है जहां वे सरकार बनाने का दावा कर रहे थे, लेकिन चुनाव परिणाम सामने आने पर पता चला कि उनके सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है। उन्होंने कहा कि गुजरात में भी आम आदमी पार्टी का यही हश्र होगा।