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Gujarat Election: वीरमगाम में हार्दिक के सामने 10 साल बाद BJP को जिताने की चुनौती, जानें मतदाताओं की मुद्दे

Tue, 29 Nov 2022 08:51 PM IST
जयदेव सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: जयदेव सिंह Updated Tue, 29 Nov 2022 08:51 PM IST
सार

2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने हार्दिक पटेल को टिकट दिया है। कांग्रेस ने मौजूदा विधायक लाखाभाई भारवाड़ पर भरोसा जताया है। आम आदमी पार्टी की ओर से मैदान में अमरसिंह ठाकोर हैं। 2017 में इस सीट पर कुल 22 उम्मीदवार मैदान में थे।

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Gujarat Election 2022: Hardik Patel BJP candidate in Viramgam, issues of the people
वीरमगाम से हार्दिक पटेल मैदान में हैं। - फोटो : amar ujala

विस्तार

अहमदाबाद जिले में आने वाला विरमगाम विधानसभा क्षेत्र गुजरात विधानसभा चुनाव के सबसे चर्चित सीटों में से एक है। इस विधानसभा सीट से पिछले विधानसभा चुनाव में चर्चा का केंद्र रहे पाटीदार आंदोलन के युवा नेता हार्दिक पटेल मैदान में हैं। मई 2022 तक कांग्रेस के गुजरात ईकाई के कार्यकारी अध्यक्ष रहे हार्दिक भाजपा का दामन थाम चुके हैं। हार्दिक पहली बार विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं। उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का समर्थन किया था और फिर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
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2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने हार्दिक पटेल को टिकट दिया है। कांग्रेस ने मौजूदा विधायक लाखाभाई भारवाड़ पर भरोसा जताया है। आम आदमी पार्टी की ओर से मैदान में अमरसिंह ठाकोर हैं। पिछले कई चुनावों से यहां मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच रहा है। 2017 में इस सीट पर कुल 22 उम्मीदवार मैदान में थे। कांग्रेस के लाखाभाई भारवाड़ ने भाजपा की तेजश्री पटेल को निकट मुकाबले में हराया था जबकि बाकी 20 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई  थी।  
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Gujarat Election 2022: Hardik Patel BJP candidate in Viramgam, issues of the people
वीरमगाम सीट - फोटो : अमर उजाला
गौरवशाली अतीत, बुनियादी सुविधाओं का अभाव
कभी एशिया की सबसे बड़ी तहसील का दर्जा रखने वाले विरमगाम की स्थापना 1484 में विरमदेव वाघेला ने की थी और उनके सम्मान में इस जगह का नाम विरमगाम पड़ा। यहां स्थित ऐतिहासिक मुनसर तालाब का निर्माण मिलन देवी ने करवाया था। मांडल और देत्रोज के अलग होने के कारण अपना दर्जा खो चुका विरमगाम विकास की दौड़ में भी पिछड़ गया है। विरमगाम की स्थिति से नाखुश व्यापारी चेतनभाई संसारा ने कहा- "भले ही विरमगाम छोटा शहर है पर यहां के हालात गांव से भी बदतर हैं। यहां स्वास्थ्य सेवा की स्थिति अच्छी नहीं है।  यहां 72 बेड के सरकारी अस्पताल में सर्जरी की व्यवस्था नहीं है। यह अस्पताल देखने में अच्छा है पर सुविधा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के स्तर की ही है।"
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शिक्षा संसाधनों की कमी की बात करते हुए सुमनभाई पटेल ने कहा- "उच्च व तकनीक शिक्षा संस्थानों के अभाव में बच्चों को बड़े शहरों में जाना पड़ता है। रोजगार की भी कमी है। बड़ी कंपनियों के नहीं होने के शिक्षित युवाओं को अपने शहर में रोजगार उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। विरमगाम में सड़क, ड्रेसेज और साफ सफाई नहीं हो ने से भी लोगों को परेशानी होती है।"
विरमगाम विधानसभा क्षेत्र सुरेन्द्रनगर लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है। 2019 में इस लोकसभा सीट से भाजपा के  महेन्द्र मुंजपारा जीते थे। 

वीरमगाम में मतदाताओं की कुल संख्या 2 लाख 98 हजार 936 है। इसमें 1 लाख 54 हजार 449 पुरुष और 1लाख 44हजार 484 महिला मतदाता हैं। सबसे  ज्यादा ठाकोर समुदाय के मतदाता हैं। क्षेत्र में  55 हजार ठाकोर, 50 हजार  पाटीदार,  दलित समुदाय के 25 हजार,  मुस्लिम व अल्पसंख्यक 19 हजार और  कोली पटेल समुदाय के 20 हजार मतदाता हैं। यहां गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 5 दिसंबर को मतदान और 8 दिसंबर को मतगणना होगी।
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