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CTUIL: 17 गीगावाट की स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं की ग्रिड मंजूरी रद्द, सरकार ने चालू प्रोजेक्ट्स को दी प्राथमिकता
Tue, 09 Sep 2025 07:21 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Tue, 09 Sep 2025 07:21 AM IST
सार
भारत सरकार ने 17 गीगावाट की विलंबित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की ग्रिड कनेक्शन मंजूरी रद्द कर दी है। अडानी, रीन्यू, एनटीपीसी जैसी कंपनियों को नोटिस भेजा गया। उद्देश्य है– सक्रिय परियोजनाओं को प्राथमिकता देना और बिजली आपूर्ति सुचारु बनाना।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : FreePik
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विस्तार
भारत ने विलंबित स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लगभग 17 गीगावाट (जीडब्ल्यू) के बिजली ग्रिड से जुड़ने की मंजूरी रद्द कर दी है। ताकि उन परियोजनाओं को कनेक्शन देने को प्राथमिकता दी जा सके, जो चालू हैं या पूरी होने वाली हैं। यह दावा मामले से परिचित एक सूत्र और समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने किया है।
सरकारी कंपनी सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीटीयूआईएल) ने अडानी ग्रीन एनर्जी, रीन्यू पावर, एनटीपीसी, अवाडा ग्रुप, जेएसडब्ल्यू एनर्जी और एसीएमई सोलर जैसी कंपनियों को रद्दीकरण की सूचना दी। अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन पहुंच की निगरानी करने वाली संघीय एजेंसी के एक दस्तावेज के अनुसार, प्रभावित परियोजनाएं राजस्थान, पश्चिमी गुजरात और मध्य भारत जैसे नवीकरणीय ऊर्जा-समृद्ध राज्यों में स्थित हैं।
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सूत्र ने बताया कि कंपनियों को पूर्व नोटिस जारी करने के बाद जून तिमाही में अनुमति समाप्त कर दी गई थी। रॉयटर्स के अनुसार कंपनियां संघीय विद्युत नियामक, केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग से राहत की मांग कर रही हैं। बता दें, बढ़ती आय, मशीनीकृत खेती, औद्योगीकरण और शहरीकरण के कारण बढ़ती बिजली की मांग ने सरकार को स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को बेहतर ढंग से एकीकृत करने और 1.4 अरब लोगों के लिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु ग्रिड नियमों को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रेरित किया है।
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मामले में 7 अक्तूबर को होगी सुनवाई
अधिकारी ने बताया कि सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ने रद्दीकरण के निर्णय से पहले मैन्युअल निरीक्षण किया था और जो परियोजनाएं पूरी होने की राह पर हैं, उनके लिए ट्रांसमिशन लाइनों को मुक्त करने के प्रयास जारी रखेगी। 24 जून के एक आदेश के अनुसार, जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने इस रद्दीकरण के खिलाफ अपील की, लेकिन नियामक ने अंतरिम राहत देने से इन्कार कर दिया और 10 जुलाई को सीटीयूआईएल से अपना जवाब साझा करने को कहा।
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सरकारी कंपनी सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीटीयूआईएल) ने अडानी ग्रीन एनर्जी, रीन्यू पावर, एनटीपीसी, अवाडा ग्रुप, जेएसडब्ल्यू एनर्जी और एसीएमई सोलर जैसी कंपनियों को रद्दीकरण की सूचना दी। अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन पहुंच की निगरानी करने वाली संघीय एजेंसी के एक दस्तावेज के अनुसार, प्रभावित परियोजनाएं राजस्थान, पश्चिमी गुजरात और मध्य भारत जैसे नवीकरणीय ऊर्जा-समृद्ध राज्यों में स्थित हैं।
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सूत्र ने बताया कि कंपनियों को पूर्व नोटिस जारी करने के बाद जून तिमाही में अनुमति समाप्त कर दी गई थी। रॉयटर्स के अनुसार कंपनियां संघीय विद्युत नियामक, केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग से राहत की मांग कर रही हैं। बता दें, बढ़ती आय, मशीनीकृत खेती, औद्योगीकरण और शहरीकरण के कारण बढ़ती बिजली की मांग ने सरकार को स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को बेहतर ढंग से एकीकृत करने और 1.4 अरब लोगों के लिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु ग्रिड नियमों को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रेरित किया है।
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मामले में 7 अक्तूबर को होगी सुनवाई
अधिकारी ने बताया कि सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ने रद्दीकरण के निर्णय से पहले मैन्युअल निरीक्षण किया था और जो परियोजनाएं पूरी होने की राह पर हैं, उनके लिए ट्रांसमिशन लाइनों को मुक्त करने के प्रयास जारी रखेगी। 24 जून के एक आदेश के अनुसार, जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने इस रद्दीकरण के खिलाफ अपील की, लेकिन नियामक ने अंतरिम राहत देने से इन्कार कर दिया और 10 जुलाई को सीटीयूआईएल से अपना जवाब साझा करने को कहा।