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संसद: कानून मंत्री ने कहा- सरकार को मिलती रहती हैं सेवारत, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के खिलाफ शिकायतें
Fri, 07 Apr 2023 07:56 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Fri, 07 Apr 2023 07:56 AM IST
सार
कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि सरकार का कानूनी मसौदे बनाने में रिटायर्ड जजों व वकीलों की मदद लेने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
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कानून मंत्री किरेन रिजिजू
- फोटो : एएनआई
विस्तार
कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया कि कानून मंत्रालय को समय-समय पर सेवारत और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के बारे में शिकायतें मिलती रहती हैं, लेकिन इनका संबंध सिर्फ उच्च न्यायपालिका के सदस्यों की नियुक्ति और सेवा शर्तों से है। रिजिजू ने कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट के कुछ पूर्व न्यायाधीशों को भारत विरोधी गिरोह का हिस्सा बताया था। वह इस मामले पर ही सवाल का जवाब दे रहे थे।
अपने ही लगाए गए आरोप पर पूछे प्रश्न का नहीं दिया सीधा जवाब
कानून मंत्री के बयान पर उनसे सूचना के स्रोत का खुलासा करने के लिए भी कहा गया था और पूछा गया था कि क्या राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर सरकार ने इस बारे में देश के मुख्य न्यायाधीश और गृह मंत्रालय को सूचित किया था? लिखित उत्तर के अंग्रेजी संस्करण में रिजिजू ने चार उप-प्रश्नों का सीधा जवाब नहीं दिया, वहीं हिंदी संस्करण में उन्होंने न में जवाब दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों से संबंधित शिकायतों का निपटारा न्याय विभाग नहीं करता है।
मसौदे बनाने में पूर्व जजों की मदद नहीं
साथ ही कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि सरकार का कानूनी मसौदे बनाने में रिटायर्ड जजों व वकीलों की मदद लेने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने बताया, सादे व सुस्पष्ट मसौदे बनाने पर जोर दिया जा रहा हैै। संबंधित प्रशासकीय मंत्रालयों द्वारा लिए नीतिगत निर्णयों के आधार पर कानून के मसौदे बनाने का दायित्व विधि विभाग को मिला है।
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पांच साल में सुधरी है सीबीआई के दर्ज मामलों में सजा दिलाने की दर
सीबीआई के दर्ज किए गए मामलों में सजा दिलाने की दर पिछले पांच वर्षों में 68 से बढ़कर 74.59 प्रतिशत पहुंच गई है। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2019 में 69.19, 2020 में 69.83 और 2021 में 67.56 प्रतिशत मामलों में सजा दिलाई गई। उन्होंने कहा, कानूनी मदद से प्रभावी साक्ष्य जुटाने और उन्हें सुनवाई में सबसे अच्छे ढंग से प्रस्तुत करने में मदद मिली है। फॉलोअप भी प्रभावी ढंग से हुए। इसके लिए क्षमताओं, संसाधनों और समन्वय में सुधार किए गए। जितेंद्र सिंह ने कहा कि सीबीआई के अभियोजन निदेशालय की ओर लंबित मामलों की निगरानी, सुनवाई, अपील व पुनर्विचार के दौरान जिम्मेदारी तय की जाती है। वहीं, उच्च न्यायालयों व उच्चतम न्यायालय में सुनवाई पर करीब से निगरानी के लिए चारों महानगरों में भी अभियोजन उप-निदेशालय बनाए गए हैं।
एक साल में चार गुना बढ़े विदेशी पर्यटक
भारतीय पर्यटन उद्योग के कोविड-19 महामारी के नुकसान से उबरने के संकेत मिल रहे हैं। साल 2022 में 61.9 लाख विदेशी पर्यटक भारत आए, जबकि 2021 में इनकी संख्या 15.2 लाख ही थी। हालांकि, वर्ष 2019 में 1.09 करोड़ विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-111-363 शुरू की गई है।
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अपने ही लगाए गए आरोप पर पूछे प्रश्न का नहीं दिया सीधा जवाब
कानून मंत्री के बयान पर उनसे सूचना के स्रोत का खुलासा करने के लिए भी कहा गया था और पूछा गया था कि क्या राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर सरकार ने इस बारे में देश के मुख्य न्यायाधीश और गृह मंत्रालय को सूचित किया था? लिखित उत्तर के अंग्रेजी संस्करण में रिजिजू ने चार उप-प्रश्नों का सीधा जवाब नहीं दिया, वहीं हिंदी संस्करण में उन्होंने न में जवाब दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों से संबंधित शिकायतों का निपटारा न्याय विभाग नहीं करता है।
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मसौदे बनाने में पूर्व जजों की मदद नहीं
साथ ही कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि सरकार का कानूनी मसौदे बनाने में रिटायर्ड जजों व वकीलों की मदद लेने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने बताया, सादे व सुस्पष्ट मसौदे बनाने पर जोर दिया जा रहा हैै। संबंधित प्रशासकीय मंत्रालयों द्वारा लिए नीतिगत निर्णयों के आधार पर कानून के मसौदे बनाने का दायित्व विधि विभाग को मिला है।
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पांच साल में सुधरी है सीबीआई के दर्ज मामलों में सजा दिलाने की दर
सीबीआई के दर्ज किए गए मामलों में सजा दिलाने की दर पिछले पांच वर्षों में 68 से बढ़कर 74.59 प्रतिशत पहुंच गई है। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2019 में 69.19, 2020 में 69.83 और 2021 में 67.56 प्रतिशत मामलों में सजा दिलाई गई। उन्होंने कहा, कानूनी मदद से प्रभावी साक्ष्य जुटाने और उन्हें सुनवाई में सबसे अच्छे ढंग से प्रस्तुत करने में मदद मिली है। फॉलोअप भी प्रभावी ढंग से हुए। इसके लिए क्षमताओं, संसाधनों और समन्वय में सुधार किए गए। जितेंद्र सिंह ने कहा कि सीबीआई के अभियोजन निदेशालय की ओर लंबित मामलों की निगरानी, सुनवाई, अपील व पुनर्विचार के दौरान जिम्मेदारी तय की जाती है। वहीं, उच्च न्यायालयों व उच्चतम न्यायालय में सुनवाई पर करीब से निगरानी के लिए चारों महानगरों में भी अभियोजन उप-निदेशालय बनाए गए हैं।
एक साल में चार गुना बढ़े विदेशी पर्यटक
भारतीय पर्यटन उद्योग के कोविड-19 महामारी के नुकसान से उबरने के संकेत मिल रहे हैं। साल 2022 में 61.9 लाख विदेशी पर्यटक भारत आए, जबकि 2021 में इनकी संख्या 15.2 लाख ही थी। हालांकि, वर्ष 2019 में 1.09 करोड़ विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। एक सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-111-363 शुरू की गई है।